Daily Live Uttarakhand updateअपीलअलर्टइन्वेस्टिगेशनईद मिलाद-उन-नबीउत्तराखंडउर्स मेलाएक्सक्लूसिव खबरेंखाद्य सुरक्षा

उर्स मेले में खाद्य सुरक्षा पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का शिकंजा—नजीर होटल की कढ़ाई में काला तेल देख भड़के, कर दिया चालान जायरीनों को शुद्ध भोजन और बेहतर व्यवस्था देने के लिए प्रशासन की कड़ी मॉनिटरिंग—दीपक रामचंद्र शेठ ने कहा, नियम तोड़े तो तत्काल होगी कार्रवाई,,

पिरान कलियर में उर्स व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण, साफ-सफाई, सुरक्षा, पेयजल और भीड़ नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश

उर्स मेले में खाद्य सुरक्षा पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का शिकंजा—नजीर होटल की कढ़ाई में काला तेल देख भड़के, कर दिया चालान

जायरीनों को शुद्ध भोजन और बेहतर व्यवस्था देने के लिए प्रशासन की कड़ी मॉनिटरिंग—दीपक रामचंद्र शेठ ने कहा, नियम तोड़े तो तत्काल होगी कार्रवाई,,

पिरान कलियर में उर्स व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण, साफ-सफाई, सुरक्षा, पेयजल और भीड़ नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश

 

पिरान कलियर। साबिर पाक के सालाना उर्स/मेले में देशभर से पहुंचने वाले लाखों जायरीनों को बेहतर, सुरक्षित और स्वच्छ व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन ने निगरानी और सख्ती तेज कर दी है। मंगलवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की एवं मेला अधिकारी दीपक रामचंद्र सेठ ने अधिकारियों की टीम के साथ पिरान कलियर पहुंचकर उर्स मेले की व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान खानपान की दुकानों की जांच के दौरान नजीर होटल की कढ़ाई में काला और गंदा तेल मिलने पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नाराज हो गए और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मौके पर ही होटल का नगद चालान कराया।

प्रशासन की इस कार्रवाई को उर्स में आने वाले जायरीनों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट संदेश दिया कि जायरीनों को घटिया, बासी या अस्वच्छ भोजन परोसने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

बैठक से पहले राष्ट्रगान और वंदे मातरम, दरगाह में पेश की चादर

उर्स की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं मेला अधिकारी दीपक रामचंद्र सेठ के साथ तहसीलदार विकास अवस्थी और नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी कुलदीप चौहान भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सबसे पहले दरगाह कार्यालय में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक से पहले अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में राष्ट्रगान एवं वंदे मातरम का गायन किया गया। इसके बाद अधिकारियों ने दरगाह साबिर पाक में चादर और फूल पेश कर अमन-चैन, खुशहाली और देश-दुनिया में शांति की दुआ मांगी।

जायरीनों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

दरगाह कार्यालय में हुई बैठक में देशभर से आने वाले जायरीनों की सुविधा, साफ-सफाई, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, पेयजल, खानपान और अन्य व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि उर्स के दौरान किसी भी जायरीन को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उर्स में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और जायरीन पहुंच रहे हैं, इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। प्रत्येक विभाग को अपने दायित्व का निर्वहन पूरी गंभीरता के साथ करना होगा और व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग करनी होगी।

कढ़ाई में काला तेल देखकर भड़के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट

बैठक के बाद अधिकारियों ने दरगाह परिसर और मेला क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खानपान की दुकानों और होटलों पर विशेष नजर रखी गई।

इसी दौरान नजीर होटल की कढ़ाई में काला और गंदा तेल दिखाई दिया। तेल की स्थिति देखकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने नाराजगी जताई और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद होटल का नगद चालान किया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से मेला क्षेत्र के खानपान कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने साफ कर दिया कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, इस्तेमाल होने वाले तेल, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

जायरीनों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने होटल संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि उर्स में देशभर से जायरीन आते हैं। ऐसे में उन्हें शुद्ध, ताजा और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना जरूरी है। खाद्य पदार्थ तैयार करने में खराब या दूषित तेल का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि मेले की भीड़ का फायदा उठाकर यदि कोई दुकानदार खाद्य गुणवत्ता के नियमों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

बिना लाइसेंस कारोबार पर भी प्रशासन सख्त

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं मेला अधिकारी दीपक रामचंद्र सेठ ने बताया कि उर्स/मेले की व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कुछ होटल संचालकों द्वारा बिना लाइसेंस खाना बनाने और निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में चालान की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि उर्स के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि मेला क्षेत्र में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिसमें देशभर से आने वाले जायरीन सुरक्षित वातावरण में अपनी यात्रा पूरी कर सकें।

सुरक्षा से लेकर सफाई तक—हर मोर्चे पर निगरानी

उर्स मेले में भीड़ का दबाव देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ साफ-सफाई, पेयजल, यातायात और भीड़ नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि किसी भी व्यवस्था में लापरवाही सामने आने पर तत्काल उसका समाधान किया जाए। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कर्मचारियों से कहा कि मेला क्षेत्र में नियमित निगरानी रखी जाए और जायरीनों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जायरीनों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

प्रशासन की सख्ती से खानपान कारोबारियों में संदेश साफ

नजीर होटल पर हुई चालानी कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उर्स मेले में खानपान की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन अब केवल कागजी निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति देख रहा है। कढ़ाई में काला तेल मिलने पर तत्काल कार्रवाई से खानपान कारोबारियों को भी संदेश गया है कि मेला क्षेत्र में कारोबार करने के साथ खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

उर्स जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में लाखों जायरीनों की मौजूदगी के बीच प्रशासन की यह जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ की लगातार मॉनिटरिंग और मौके पर कार्रवाई को जायरीनों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दौरान सुपरवाइजर इंतेखाब आलम, राव सिकंदर हुसैन, लेखाकार सद्दाम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

Related Articles

Back to top button