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हरिद्वार में जनसुनवाई के दौरान डीएम मयूर दीक्षित का बड़ा एक्शन, 34 शिकायतों का मौके पर निस्तारण,, 70 फरियादियों ने रखीं समस्याएं, भूमि विवाद से लेकर जलभराव और प्रधानमंत्री आवास तक के मामले पहुंचे; अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश,, सीएम हेल्पलाइन की 36 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर डीएम सख्त—31 अगस्त तक निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों का अगस्त का वेतन रोका जाएगा

हरिद्वार में जनसुनवाई के दौरान डीएम मयूर दीक्षित का बड़ा एक्शन, 34 शिकायतों का मौके पर निस्तारण,,

70 फरियादियों ने रखीं समस्याएं, भूमि विवाद से लेकर जलभराव और प्रधानमंत्री आवास तक के मामले पहुंचे; अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश,,

सीएम हेल्पलाइन की 36 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर डीएम सख्त—31 अगस्त तक निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों का अगस्त का वेतन रोका जाएगा

हरिद्वार, 24 अगस्त 2026।
जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित 70 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं। इनमें से 34 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए भेजा गया।

जनसुनवाई में भूमि विवाद, राजस्व, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं।

जलभराव से लेकर भूमि कब्जे तक पहुंची शिकायतें

मीरपुर मुआजपुर निवासी सुभाष चंद ने बताया कि उनके क्षेत्र में नई टाइल्स रोड बनाई गई है, लेकिन सड़क के दोनों ओर बरसाती पानी की निकासी के लिए नाली नहीं होने से बारिश का पानी उनके घर में घुस जाता है। उन्होंने सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण की मांग की।

धीरमजरा निवासी राम कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने की मांग की। वहीं बहादराबाद इंडस्ट्रियल एरिया निवासी सुचित्रा ने अपने पति के किडनी उपचार से जुड़ी समस्या रखते हुए गोल्डन कार्ड से इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।

जमालपुरकला निवासी रमेश कुमार ने अपनी भूमि पर कथित अवैध कब्जे के प्रयास की शिकायत करते हुए राजस्व विभाग से निष्पक्ष जांच और भूमि की पैमाइश कराने की मांग की।

किशनपुर निवासी अर्जुन ने मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद आर्थिक सहायता दिलाने का अनुरोध किया। ग्राम दिनारपुर निवासी गुरमेल सिंह ने खसरा संख्या 637 तक सार्वजनिक रास्ता उपलब्ध कराने के लिए भूमि की पैमाइश कराने की मांग रखी। लक्सर क्षेत्र के नेतवाल सेदाबाद निवासी रामकुमार ने खसरा संख्या 48 की भूमि पर कब्जे के प्रयास की शिकायत करते हुए भूमि की पैमाइश कराने का अनुरोध किया।

डीएम ने अधिकारियों को चेताया—लापरवाही हुई तो होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में दर्ज होने वाली प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिन शिकायतों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, उनमें संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर मौके पर पहुंचें और समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

सीएम हेल्पलाइन पर डीएम का सख्त रुख

जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 36 दिन से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों का 31 अगस्त तक हर हाल में निस्तारण किया जाए।

समीक्षा में सामने आया कि सीएम हेल्पलाइन के एल-1 स्तर पर 382 और एल-2 स्तर पर 98 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित हैं। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए।

डीएम ने अधिकारियों को यह भी कहा कि शिकायतों के निस्तारण से पहले और बाद में शिकायतकर्ता से सिस्टम के माध्यम से फोन पर वार्ता कर उसकी समस्या और समाधान की स्थिति की जानकारी ली जाए।

31 अगस्त की डेडलाइन, वेतन पर भी सख्ती

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि 36 दिन से अधिक लंबित शिकायतों का 31 अगस्त तक निस्तारण नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों के अगस्त माह के वेतन आहरण पर कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश के बाद लंबित शिकायतों के निस्तारण को लेकर विभागीय अधिकारियों पर जिम्मेदारी बढ़ गई है।

जनसुनवाई में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, परियोजना निदेशक नलिनीति घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, सीओ सदर एसपी बलूनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। हरिद्वार में जनसुनवाई सिर्फ शिकायत दर्ज कराने तक सीमित नहीं रही। 70 शिकायतों में 34 का मौके पर समाधान और सीएम हेल्पलाइन की पुरानी शिकायतों पर वेतन रोकने जैसी सख्ती ने प्रशासन की जवाबदेही को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है।

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