ईद मिलादुन्नबी ﷺ पर गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत मिसाल, जायरीनों पर बरसे फूल,, धनपुरा-घिस्सुपुरा से कलियर शरीफ के लिए रवाना हुए जायरीन, हिंदू भाइयों ने किया फूलों और फलों से स्वागत

ईद मिलादुन्नबी ﷺ पर गंगा-जमुनी तहज़ीब की खूबसूरत मिसाल, जायरीनों पर बरसे फूल,,
धनपुरा-घिस्सुपुरा से कलियर शरीफ के लिए रवाना हुए जायरीन, हिंदू भाइयों ने किया फूलों और फलों से स्वागत

हरिद्वार, 26 अगस्त 2026। ईद मिलादुन्नबी ﷺ के मुबारक मौके पर हरिद्वार क्षेत्र में गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे की एक खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। ग्राम पंचायत धनपुरा और घिस्सुपुरा क्षेत्र से बड़ी संख्या में अकीदतमंद चादर लेकर कलियर शरीफ के लिए रवाना हुए। इस दौरान एंकर फैक्ट्री के सामने स्थित मुरसलीन शाह जी सैटरिंग वर्क्स पर जायरीनों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
हर साल की परंपरा के तहत इस बार भी जायरीनों के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्था की गई। मौके पर मौजूद लोगों ने जायरीनों पर फूलों की बारिश की और उन्हें केले सहित फल वितरित किए। स्वागत के दौरान धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द का संदेश भी देखने को मिला।
हिंदू भाइयों ने आगे बढ़कर किया स्वागत
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि क्षेत्र के हिंदू भाइयों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने जायरीनों का फूल बरसाकर स्वागत किया और अपने हाथों से फल वितरित किए। इस दौरान आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे का ऐसा माहौल नजर आया, जिसने गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल पेश की।
सामाजिक कार्यकर्ता मौ. सलीम ने इस मौके पर सभी सहयोगियों और विशेष रूप से हिंदू भाइयों का आभार जताते हुए कहा कि यह पहल किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आपसी प्रेम और सद्भाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर समाज में नफरत मिटाने और इंसानियत, भाईचारे तथा सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देते हैं।
अमन, भाईचारे और इंसानियत का दिया संदेश
ईद मिलादुन्नबी ﷺ के मौके पर आयोजित इस स्वागत कार्यक्रम ने क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द की एक सकारात्मक तस्वीर पेश की। जायरीनों के स्वागत के दौरान लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और क्षेत्र में अमन, चैन, खुशहाली तथा भाईचारे की दुआ की।
मौ. सलीम ने कहा कि छोटी-छोटी नेक कोशिशें समाज में बड़ा संदेश देती हैं। जरूरत है कि लोग आपसी मतभेदों और नफरतों को पीछे छोड़कर इंसानियत और भाईचारे को प्राथमिकता दें। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह तआला इस खिदमत को कबूल फरमाए और पूरे क्षेत्र में अमन, शांति, बरकत तथा आपसी भाईचारा कायम रखे।



