IAS कर्मेंद्र सिंह और PCS अजयवीर सिंह को नई जिम्मेदारी,, शासन ने फिर बदली जिम्मेदारियां—कर्मेंद्र सिंह बने अपर सचिव बाल विकास एवं महिला कल्याण, अजयवीर सिंह को डोईवाला चीनी मिल की कमान

IAS कर्मेंद्र सिंह और PCS अजयवीर सिंह को नई जिम्मेदारी,,
शासन ने फिर बदली जिम्मेदारियां—कर्मेंद्र सिंह बने अपर सचिव बाल विकास एवं महिला कल्याण, अजयवीर सिंह को डोईवाला चीनी मिल की कमान

देहरादून। उत्तराखंड शासन ने प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए दो अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। नगर निगम भूमि प्रकरण से जुड़े रहे IAS अधिकारी कर्मेंद्र सिंह और PCS अधिकारी अजयवीर सिंह को शासन ने नई जिम्मेदारियां दी हैं। शासन के आदेश के बाद दोनों अधिकारी एक बार फिर महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिकाओं में नजर आएंगे।
शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार IAS अधिकारी कर्मेंद्र सिंह को अपर सचिव, बाल विकास एवं महिला कल्याण का प्रभार सौंपा गया है। वहीं PCS अधिकारी अजयवीर सिंह को डोईवाला चीनी मिल का अधिशासी अधिकारी बनाया गया है। नई जिम्मेदारी मिलने के साथ ही दोनों अधिकारियों के प्रशासनिक दायित्वों में बदलाव हुआ है।
कर्मेंद्र सिंह को बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग की जिम्मेदारी
IAS अधिकारी कर्मेंद्र सिंह को शासन ने बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग में अपर सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। इस विभाग के सामने महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय योजनाओं की निगरानी और शासन की प्राथमिकताओं को धरातल तक पहुंचाने जैसी अहम जिम्मेदारियां रहती हैं।
नई तैनाती के बाद कर्मेंद्र सिंह के सामने विभागीय योजनाओं को गति देने के साथ-साथ प्रशासनिक समन्वय मजबूत करने की चुनौती भी होगी।
अजयवीर सिंह संभालेंगे डोईवाला चीनी मिल की कमान
वहीं PCS अधिकारी अजयवीर सिंह को डोईवाला चीनी मिल का अधिशासी अधिकारी नियुक्त किया गया है। चीनी मिल की प्रशासनिक एवं संचालन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना उनके प्रमुख दायित्वों में शामिल होगा। मिल से जुड़े कर्मचारियों, किसानों और अन्य हितधारकों से संबंधित विषयों के साथ-साथ संस्थान की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
इन दोनों अधिकारियों की नई तैनाती को प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर निगम भूमि प्रकरण को लेकर पूर्व में चर्चा में रहे दोनों अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अब उनकी नई भूमिकाओं पर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।
शासन के आदेश के बाद माना जा रहा है कि दोनों अधिकारी जल्द ही अपने-अपने नए दायित्वों का कार्यभार संभालकर विभागीय कामकाज को आगे बढ़ाएंगे। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई जिम्मेदारियों के तहत दोनों अधिकारी शासन की अपेक्षाओं पर किस तरह खरे उतरते हैं।



