सड़कों में गड्ढों पर DM मयूर दीक्षित का ‘एक्शन सीन’! खुद सड़क पर उतरे जिलाधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग का लिया जायजा,, बारिश और कांवड़ यात्रा से क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द होगी मरम्मत—मौके पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, फ्लाईओवर निर्माण की रफ्तार और गुणवत्ता भी परखी,,
‘सड़क पर गड्ढा नहीं, काम में लापरवाही नहीं’—DM ने तय समय सीमा में निर्माण पूरा कराने के दिए निर्देश, संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा

सड़कों में गड्ढों पर DM मयूर दीक्षित का ‘एक्शन सीन’! खुद सड़क पर उतरे जिलाधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग का लिया जायजा,,
बारिश और कांवड़ यात्रा से क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द होगी मरम्मत—मौके पर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, फ्लाईओवर निर्माण की रफ्तार और गुणवत्ता भी परखी,,
‘सड़क पर गड्ढा नहीं, काम में लापरवाही नहीं’—DM ने तय समय सीमा में निर्माण पूरा कराने के दिए निर्देश, संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा
हरिद्वार। मानसून की भारी बारिश और कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं एवं वाहनों की आवाजाही का दबाव झेलने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जनपद की कई सड़कों पर गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से नजर आने लगे हैं। आमजन की परेशानी को देखते हुए अब प्रशासन ने सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए कमर कस ली है।
इसी कड़ी में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित स्वयं धरातल पर उतरे और राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति को देखा और बारिश तथा कांवड़ यात्रा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निरीक्षण का अंदाज पूरी तरह ‘ग्राउंड जीरो एक्शन’ वाला नजर आया। सड़क की वास्तविक स्थिति जानने के लिए उन्होंने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से जानकारी ली और जहां-जहां मरम्मत की आवश्यकता है, वहां काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बारिश और कांवड़ यात्रा के बाद सड़कों की चुनौती
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए और श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके साथ ही भारी वाहनों और अन्य यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। इस बार भारी वर्षा के कारण भी सड़कों को नुकसान पहुंचा है।
ऐसे में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने गड्ढों की मरम्मत त्वरित गति से कराई जाए। सड़क की स्थिति ऐसी हो कि आम लोगों, स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले यात्रियों को आवागमन में परेशानी न हो।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की जानकारी लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। प्रशासन का फोकस अब बारिश और कांवड़ यात्रा के बाद सड़क व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर है।
फ्लाईओवर निर्माण की भी खुली ‘फाइल’
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल सड़कों की मरम्मत का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे फ्लाईओवर निर्माण कार्यों की प्रगति भी देखी।
उन्होंने निर्माण स्थल पर पहुंचकर कार्य की वर्तमान स्थिति, प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से निर्माण कार्य के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फ्लाईओवर निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए। निर्माण कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करने के लिए कार्य में आवश्यक तेजी लाई जाए।
‘काम तेज हो, लेकिन गुणवत्ता के साथ’
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी की जाए। केवल निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता भी बेहतर होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सड़क और फ्लाईओवर जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य सीधे आमजन की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े हैं। इसलिए कार्य में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
सड़क मरम्मत के दौरान भी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए, ताकि बारिश के बाद दोबारा सड़क खराब होने की स्थिति न बने और जनता को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब सड़क पर दिखेगा प्रशासन का ‘एक्शन’
जिलाधिकारी के इस निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं की जिम्मेदारी बढ़ गई है। अब अधिकारियों को मौके पर दिए गए निर्देशों के अनुसार सड़क मरम्मत और निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना होगा।
हरिद्वार में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता के लिए बेहतर यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। भारी बारिश और कांवड़ यात्रा के बाद सड़कों पर आई समस्याओं को जल्द दूर करने के लिए प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
कुल मिलाकर, राष्ट्रीय राजमार्ग पर गड्ढों से लेकर फ्लाईओवर निर्माण तक जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खुद मौके पर पहुंचकर ‘ग्राउंड जीरो’ की हकीकत परखी। अब देखना होगा कि मौके से मिले निर्देश कितनी तेजी से धरातल पर उतरते हैं और हरिद्वार की सड़कें कब तक पूरी तरह दुरुस्त नजर आती हैं।



