5 महीने से टीसी और PEN नंबर के लिए भटक रहा छात्र, IRA International Public School पर गंभीर सवाल!,, ‘यदि आपका बच्चा भी यहां पढ़ता है तो समय रहते रिकॉर्ड जरूर जांचें,, 2019 से स्कूल में पढ़ रहे बच्चे का ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज नहीं होने का दावा, दूसरे विद्यालय में दाखिले का संकट; जिला शिक्षा अधिकारी बोले—जांच शुरू, तथ्यों के आधार पर होगी विभागीय कार्रवाई
IRA International Public School में छात्र रिकॉर्ड को लेकर उठे सवाल, शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच; अभिभावकों से बच्चों के ऑनलाइन रिकॉर्ड और PEN नंबर की स्थिति जांचने की अपील

5 महीने से टीसी और PEN नंबर के लिए भटक रहा छात्र, IRA International Public School पर गंभीर सवाल!,, ‘यदि आपका बच्चा भी यहां पढ़ता है तो समय रहते रिकॉर्ड जरूर जांचें,,
2019 से स्कूल में पढ़ रहे बच्चे का ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज नहीं होने का दावा, दूसरे विद्यालय में दाखिले का संकट; जिला शिक्षा अधिकारी बोले—जांच शुरू, तथ्यों के आधार पर होगी विभागीय कार्रवाई

हरिद्वार। सलेमपुर स्थित IRA International Public School की कार्यप्रणाली को लेकर गढ़मीरपुर निवासी अभिभावक आतिफ पुत्र इसराना ने गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। अभिभावक का आरोप है कि उनका पुत्र वर्ष 2019 से विद्यालय में अध्ययनरत है, लेकिन पिछले करीब पांच महीने से टीसी (Transfer Certificate), PEN नंबर और आवश्यक ऑनलाइन छात्र रिकॉर्ड हासिल करने के लिए विद्यालय प्रबंधन के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चे का दूसरे विद्यालय में दाखिला प्रभावित हो सकता है।
अभिभावक ने इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा), हरिद्वार को लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
छह साल से विद्यालय में पढ़ाई, ऑनलाइन रिकॉर्ड पर बड़ा सवाल
शिकायतकर्ता के अनुसार उनका बेटा वर्ष 2019 से IRA International Public School, सलेमपुर में पढ़ रहा है। ऐसे में अब छात्र के ऑनलाइन रिकॉर्ड और PEN नंबर को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर अभिभावक ने सवाल उठाए हैं।
शिकायत में कहा गया है कि यदि छात्र का रिकॉर्ड नियमानुसार ऑनलाइन दर्ज और अपडेट है तो संबंधित विवरण और आवश्यक दस्तावेज अभिभावक को उपलब्ध कराने में आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है? वहीं, यदि रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज नहीं किया गया है तो इतने वर्षों से विद्यालय में अध्ययनरत छात्र के रिकॉर्ड प्रबंधन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
पांच महीने से टीसी और पैन नम्बर के लिए चक्कर, दूसरे स्कूल में दाखिले की चिंता
अभिभावक का कहना है कि बच्चे को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे विद्यालय में प्रवेश दिलाना है। इसके लिए वर्तमान विद्यालय की टीसी और अन्य शैक्षिक दस्तावेज जरूरी हैं। लेकिन आरोप है कि करीब पांच महीने से लगातार मांग किए जाने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन की ओर से समस्या का समाधान नहीं किया गया।
अभिभावक ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि पूरे रिकॉर्ड की जांच कराई जाए और विद्यालय प्रबंधन को बच्चे की टीसी, ऑनलाइन विवरण तथा अन्य वैध शैक्षिक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि बच्चे की पढ़ाई बाधित न हो।
जिला शिक्षा अधिकारी बोले—जांच शुरू, तथ्यों पर होगी कार्रवाई
मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा, हरिद्वार अमित कुमार चंद ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अब विभागीय जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि छात्र का विद्यालयी रिकॉर्ड किस स्थिति में है, ऑनलाइन विवरण दर्ज है या नहीं, PEN नंबर से संबंधित स्थिति क्या है और टीसी उपलब्ध कराने में देरी के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा।
‘आपका बच्चा भी पढ़ता है तो समय रहते रिकॉर्ड जरूर जांचें’
इस मामले के सामने आने के बाद IRA International Public School, सलेमपुर में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के अभिभावकों के लिए भी यह मामला एक अहम चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। अभिभावकों को समय रहते यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उनके बच्चे का विद्यालयी रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज है या नहीं और बच्चे का PEN नंबर बना है या नहीं।
हालांकि, किसी अन्य छात्र के रिकॉर्ड में भी कोई समस्या है, ऐसा दावा नहीं किया जा सकता; लेकिन मौजूदा शिकायत के मद्देनजर अभिभावकों द्वारा अपने बच्चों के शैक्षिक रिकॉर्ड की स्थिति की जानकारी लेना सावधानी भरा कदम हो सकता है। रिकॉर्ड में कोई कमी सामने आती है तो समय रहते विद्यालय प्रबंधन और संबंधित शिक्षा विभाग से संपर्क किया जा सकता है।
रिकॉर्ड में कमी हुई तो भविष्य में बढ़ सकती है परेशानी
छात्र के विद्यालय परिवर्तन, आगे की पढ़ाई और अन्य शैक्षिक प्रक्रियाओं में आवश्यक रिकॉर्ड और प्रमाण-पत्रों की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में यदि किसी छात्र का रिकॉर्ड अधूरा हो अथवा आवश्यक विवरण समय पर उपलब्ध न हो तो अभिभावकों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि अभिभावक द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और विद्यालय रिकॉर्ड को लेकर वास्तविक स्थिति क्या है। यदि जांच में विद्यालय स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है।
अब बड़ा सवाल यही है—वर्ष 2019 से विद्यालय में पढ़ रहे छात्र का रिकॉर्ड और PEN नंबर यदि मौजूद है तो उसे उपलब्ध कराने में पांच महीने क्यों लगे, और यदि रिकॉर्ड में कोई कमी है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?



