तीन तलाक-हलाला से प्रभावित महिलाओं के लिए बड़ा कदम, वक्फ बोर्ड की जमीन पर मिलेगा आशियाना!…… पति का घर छूटा तो बेघर नहीं रहेंगी महिलाएं, आर्थिक रूप से कमजोर और बेसहारा महिलाओं के पुनर्वास पर मंथन; आगामी बैठक में प्रस्ताव पर हो सकता है बड़ा फैसला,,, वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स बोले—पात्र महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में उठाए जाएंगे कदम, जमीन, निर्माण और पात्रता के मानक बैठक के बाद होंगे साफ

तीन तलाक-हलाला से प्रभावित महिलाओं के लिए बड़ा कदम, वक्फ बोर्ड की जमीन पर मिलेगा आशियाना!……
पति का घर छूटा तो बेघर नहीं रहेंगी महिलाएं, आर्थिक रूप से कमजोर और बेसहारा महिलाओं के पुनर्वास पर मंथन; आगामी बैठक में प्रस्ताव पर हो सकता है बड़ा फैसला,,,
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स बोले—पात्र महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में उठाए जाएंगे कदम, जमीन, निर्माण और पात्रता के मानक बैठक के बाद होंगे साफ

देहरादून। उत्तराखंड में तीन तलाक, वैवाहिक विवाद और तलाक के बाद कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही मुस्लिम महिलाओं के पुनर्वास को लेकर बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ऐसी महिलाओं को वक्फ बोर्ड की जमीन पर आवास उपलब्ध कराने की योजना पर विचार कर रहा है। प्रस्ताव को लेकर आगामी बैठक में महत्वपूर्ण चर्चा और निर्णय होने की संभावना है। प्रस्तावित व्यवस्था का फोकस उन महिलाओं पर बताया जा रहा है, जिन्हें वैवाहिक संबंध टूटने या अन्य परिस्थितियों के कारण पति के घर से अलग होना पड़ा है और उनके पास सुरक्षित आवास की व्यवस्था नहीं है। खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और बेसहारा महिलाओं को इस पहल के दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा है।
‘सिर्फ बातें नहीं, अधिकार दिलाने की दिशा में कदम’
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स के अनुसार, समाज में ऐसी महिलाएं मौजूद हैं जिन्हें कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है। यदि कोई महिला निर्धारित मानकों के तहत सहायता की पात्र है, तो उसे उसका अधिकार दिलाने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। प्रस्ताव को आगामी बोर्ड बैठक में रखा जा सकता है और चर्चा के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी। इस प्रस्ताव ने मुस्लिम महिलाओं के पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आवास योजना का अंतिम स्वरूप क्या होगा और कितनी महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा।
जमीन से लेकर मकान और पात्रता तक—कई सवालों पर होगा फैसला
सबसे बड़ा सवाल यह है कि वक्फ बोर्ड की कितनी जमीन इस योजना के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। मकानों का निर्माण किस एजेंसी के माध्यम से होगा, धनराशि कहां से आएगी, लाभार्थियों का चयन किस आधार पर होगा और आवेदन से लेकर सत्यापन तक की प्रक्रिया क्या होगी—इन सभी बिंदुओं पर बोर्ड की बैठक में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। संभावना है कि योजना को अंतिम रूप मिलने पर तलाक या वैवाहिक विवाद के बाद बेघर हुई आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए। आवास के साथ उनके सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास को लेकर भी व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है।
तीन तलाक पर कानून के बाद पुनर्वास की दिशा में नई पहल?
केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक को कानूनी रूप से प्रतिबंधित किए जाने के बाद मुस्लिम महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा लगातार सार्वजनिक चर्चा का विषय रहे हैं। ऐसे में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की जमीन पर आवास उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पुनर्वास की दिशा में एक संभावित पहल के रूप में सामने आया है। फिलहाल इसे अंतिम योजना मानना जल्दबाजी होगी। बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा, स्वीकृति और नियम तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इसका लाभ किन महिलाओं को मिलेगा और योजना किस तरीके से जमीन पर उतरेगी। अब निगाहें आगामी वक्फ बोर्ड बैठक पर हैं, जहां इस प्रस्ताव को लेकर बड़ा फैसला संभव है।



