मौसम का कहर! चारधाम यात्रा पर ब्रेक, हेमकुंड साहिब भी बंद भारी बारिश के अलर्ट पर प्रशासन का बड़ा फैसला, अग्रिम आदेश तक यात्रा रोकी सर्दियों में बिजली का ‘पावर प्लान’ भी तैयार—उत्तराखंड को 73 मेगावाट अतिरिक्त बिजली

मौसम ने बजाया खतरे का सायरन! चारधाम यात्रा पर ब्रेक, हेमकुंड साहिब भी बंद
भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन का बड़ा फैसला—दोपहर बाद से यात्रा थमी, अग्रिम आदेश तक श्रद्धालुओं की एंट्री पर रोक,,
सर्दियों में बिजली संकट पर सरकार का ‘पावर प्लान’! उत्तराखंड को मिलेगी 73 मेगावाट अतिरिक्त बिजली
अक्टूबर से मार्च तक केंद्रीय पूल से बढ़ेगी बिजली की ताकत, जनवरी में सबसे ज्यादा 19 मेगावाट का आवंटन

देहरादून। पहाड़ों में मौसम ने अचानक करवट बदली और प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए चारधाम यात्रा पर ब्रेक लगा दिया। भारी बारिश की चेतावनी के बीच शनिवार दोपहर बाद यात्रा रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। चारधाम के साथ हेमकुंड साहिब की यात्रा भी अग्रिम आदेश तक रोक दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग ने मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया है। प्रशासन का साफ संदेश है—मौसम सुधरेगा, तभी यात्रा का रास्ता खुलेगा।
यात्रा मार्गों पर मौजूद श्रद्धालुओं से सतर्क रहने और प्रशासन के अगले आदेशों का इंतजार करने की अपील की गई है। खराब मौसम के बीच पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा भी बना रहता है।फिलहाल चारधाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ‘रुकिए और सुरक्षित रहिए’ का संदेश जारी है।
सर्दियों में बिजली संकट पर सरकार का ‘पावर प्लान’! उत्तराखंड को मिलेगी 73 मेगावाट अतिरिक्त बिजली
अक्टूबर से मार्च तक केंद्रीय पूल से बढ़ेगी बिजली की ताकत, जनवरी में सबसे ज्यादा 19 मेगावाट का आवंटन
देहरादून। सर्दियां दस्तक देने से पहले ही उत्तराखंड के बिजली सिस्टम को बड़ी राहत मिल गई है। बढ़ती बिजली मांग के बीच केंद्र सरकार ने केंद्रीय क्षेत्र के विद्युत उत्पादन केंद्रों के अनआवंटित पूल से उत्तराखंड के लिए अतिरिक्त बिजली आवंटित करने को मंजूरी दे दी है। यह अतिरिक्त बिजली अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक छह महीने मिलेगी। कुल 73 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का आवंटन किया गया है।
किस महीने कितनी बिजली?
- अक्टूबर: 5 मेगावाट
- नवंबर: 8 मेगावाट
- दिसंबर: 16 मेगावाट
- जनवरी 2027: 19 मेगावाट
- फरवरी: 16 मेगावाट
- मार्च: 9 मेगावाट
यानी सर्दियों के छह महीनों में कुल 73 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्तराखंड को मिलेगी। यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिरिक्त बिजली आवंटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त बिजली से सर्दियों में प्रदेश की बढ़ती मांग को पूरा करने और निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।एक तरफ पहाड़ों में बारिश ने यात्रा के पहिए रोक दिए हैं, तो दूसरी तरफ सर्दियों से पहले बिजली के मोर्चे पर सरकार ने ‘पावर बैकअप’ मजबूत कर लिया है।



