तिरंगा लहराया, गूंजा राष्ट्रसेवा का संदेश! पिरान कलियर में गांधी-शास्त्री को श्रद्धांजलि…. एक मंच पर दिखी पूरी नगर पंचायत—अध्यक्ष समीना से लेकर सभासदों और स्टाफ तक ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री को किया नमन, सत्य-अहिंसा और ईमानदारी की राह पर चलने का लिया संकल्प

तिरंगा लहराया, गूंजा राष्ट्रसेवा का संदेश! पिरान कलियर में गांधी-शास्त्री को श्रद्धांजलि….
एक मंच पर दिखी पूरी नगर पंचायत—अध्यक्ष समीना से लेकर सभासदों और स्टाफ तक ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री को किया नमन, सत्य-अहिंसा और ईमानदारी की राह पर चलने का लिया संकल्प
पिरान कलियर, 2 अक्टूबर 2026…सुबह का माहौल… हाथों में तिरंगा… राष्ट्रगान की गूंज और सामने देश की दो महान विभूतियों के चित्र। मौका था गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती का। नगर पंचायत पिरान कलियर कार्यालय में आयोजित समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा का रंग साफ नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। इसके बाद महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों का अनावरण कर नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती समीना और अधिशासी अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान सहित मौजूद सभासदों ने माल्यार्पण किया।इसके साथ ही माहौल श्रद्धा से भर गया। किसी ने गांधी जी के सत्य और अहिंसा को याद किया तो किसी ने शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा को नमन किया। समारोह में मौजूद लोगों ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
नौ वार्डों के प्रतिनिधि, एक मंच और एक संकल्प
समारोह में नगर पंचायत के नौ वार्डों के सभासद मौजूद रहे। वार्ड नंबर 1 से अमजद अली, वार्ड 2 से दिलबाग, वार्ड 3 से नाजिम त्यागी, वार्ड 4 से जिनत खातून, वार्ड 5 से मी. राशिद, वार्ड 6 से रेशमा प्रवीन, वार्ड 7 से जाबिर, वार्ड 8 से दानिश सिद्दीकी और वार्ड 9 से मेहरुबा ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
नगर पंचायत के समस्त स्टाफ की मौजूदगी ने समारोह को और व्यापक रूप दिया। वक्ताओं ने कहा कि गांधी जी का सत्य-अहिंसा और स्वच्छता का संदेश तथा शास्त्री जी का ईमानदारी और राष्ट्रहित का आदर्श आज भी समाज के लिए उतना ही प्रासंगिक है।
समारोह के अंत में नगर पंचायत परिवार की ओर से दोनों महान विभूतियों को शत-शत नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि महापुरुषों की जयंती केवल उन्हें याद करने का दिन नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का अवसर भी है।



