शिवालिक नगर में ‘सीलिंग’ का साया! सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सहमे व्यापारी, CM धामी के दरबार में पहुंचा ‘रोजी-रोटी बचाओ’ मिशन,, आवासीय क्षैत्र में कमर्शियल एक्टिविटी पर निशाना…… व्यापारियों की दो टूक—दुकानें बंद हुईं तो सिर्फ शटर नहीं गिरेंगे, हजारों परिवारों के चूल्हे बुझेंगे; विधायक आदेश चौहान के साथ CM से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा, धामी ने दिया उच्चस्तरीय समाधान का भरोसा

शिवालिक नगर में ‘सीलिंग’ का साया! सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सहमे व्यापारी, CM धामी के दरबार में पहुंचा ‘रोजी-रोटी बचाओ’ मिशन,, आवासीय क्षैत्र में कमर्शियल एक्टिविटी पर निशाना……
व्यापारियों की दो टूक—दुकानें बंद हुईं तो सिर्फ शटर नहीं गिरेंगे, हजारों परिवारों के चूल्हे बुझेंगे; विधायक आदेश चौहान के साथ CM से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा, धामी ने दिया उच्चस्तरीय समाधान का भरोसा

हरिद्वार। शिवालिक नगर की रिहायशी कॉलोनियों में संचालित दुकानों और व्यावसायिक गतिविधियों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की चर्चा ने व्यापारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। कार्रवाई के संभावित खतरे के बीच अब व्यापारी सड़क से लेकर मुख्यमंत्री के दरबार तक अपनी आवाज पहुंचा रहे हैं। शुक्रवार को शिवालिक नगर व्यापार मंडल रजिस्टर्ड का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष विभास सिन्हा के नेतृत्व में रानीपुर विधायक आदेश चौहान के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला और व्यापारियों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग रखी। व्यापारियों का कहना है कि यदि रिहायशी क्षेत्रों में चल रही दुकानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को अचानक बंद या सील किया गया तो इसका असर केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनसे जुड़े कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका पर भी सीधा संकट खड़ा हो जाएगा।
‘एक आदेश और हजारों परिवारों पर संकट!’
व्यापार मंडल अध्यक्ष विभास सिन्हा ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि शिवालिक नगर वर्षों से विकसित आवासीय क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में छोटे-बड़े व्यापारी अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों के माध्यम से परिवार चला रहे हैं। उनके साथ कर्मचारी भी जुड़े हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वर्षों से चल रही इन व्यवसायिक गतिविधियों को अचानक बंद कर दिया गया तो इन व्यापारियों और कर्मचारियों के परिवारों का क्या होगा? उनका कहना है कि आज रोजगार के अवसर सीमित हैं और ऐसे में लोग अपनी मेहनत से कारोबार खड़ा कर परिवार पाल रहे हैं। व्यापारियों ने सरकार से मांग की कि कार्रवाई के बजाय नियमितीकरण का रास्ता निकाला जाए। यदि इसके लिए निर्धारित शुल्क, दस्तावेज या अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी हों तो व्यापारी इसके लिए तैयार हैं।
मेरठ का उदाहरण देकर जताई चिंता—‘शिवालिक नगर को उजड़ने नहीं देंगे’
व्यापारियों ने मेरठ के शास्त्री नगर में हुई कार्रवाई का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के सामने अपनी चिंता रखी। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि यदि इसी तरह की कार्रवाई शिवालिक नगर में हुई तो वर्षों से बसे बाजार और व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होंगी।व्यापारियों ने साफ संदेश दिया कि वे किसी टकराव के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन व्यापार और रोजी-रोटी की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। अध्यक्ष विभास सिन्हा ने कहा कि व्यापार मंडल सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करता है, लेकिन उसके अनुपालन के दौरान स्थानीय परिस्थितियों, वर्षों से संचालित प्रतिष्ठानों और उनसे जुड़े परिवारों के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
CM धामी के सामने रखी ‘मास्टर प्लान’ की मांग
व्यापारियों के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल की पूरी बात गंभीरता से सुनी और समस्या के समाधान के लिए उच्चस्तरीय स्तर पर प्रयास करने का आश्वासन दिया। व्यापारियों ने मांग रखी कि शिवालिक नगर की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मास्टर प्लान की समीक्षा की जाए और जहां आवश्यक हो वहां नियमों के अनुरूप व्यवसायिक गतिविधियों के नियमितीकरण का रास्ता तैयार किया जाए। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार मुख्यमंत्री ने इस मामले को सचिव स्तर पर आगे बढ़ाने और उचित समाधान की दिशा में कार्यवाही का भरोसा दिया।

‘विकास चाहिए तो कारोबार भी चाहिए’
व्यापार मंडल ने सरकार की एमएसएमई और स्वरोजगार की नीतियों का हवाला देते हुए कहा कि जब युवाओं और आम लोगों को स्वयं का रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, तो वर्षों से कारोबार कर रहे लोगों के सामने अचानक बंदी का संकट खड़ा करना व्यावहारिक समाधान नहीं हो सकता। व्यापारियों का कहना है कि वे नियमों से भागना नहीं चाहते। नियमितीकरण के लिए जो प्रक्रिया, शुल्क या दस्तावेज निर्धारित किए जाएंगे, उन्हें पूरा करने के लिए वे तैयार हैं।
शिवालिक नगर में विकास कार्यों का भी मुद्दा उठा
बैठक में व्यापारियों ने शिवालिक नगर के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि विधायक आदेश चौहान के माध्यम से सुभाष नगर और न्यू शिवालिक नगर को जोड़ने वाले पुल की मांग पर कार्य आगे बढ़ रहा है।इसके अलावा एटीएम चौक से भाईचारा रेस्टोरेंट तक सड़क चौड़ीकरण और टाइल्स लगाने तथा चिन्मय डिग्री कॉलेज से शिव मंदिर तक सड़क को चौड़ा करने जैसे कार्यों का भी हवाला दिया गया।व्यापारियों ने कहा कि जब क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है और विकास की योजनाएं आगे बढ़ रही हैं, तब व्यापारिक गतिविधियों को भी व्यवस्थित, नियंत्रित और नियमबद्ध तरीके से बचाने का रास्ता निकाला जाना चाहिए।
अब गेंद सरकार के पाले में—व्यापारी बोले, ‘बंद नहीं, समाधान चाहिए’
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद व्यापारियों में उम्मीद जगी है। व्यापार मंडल अध्यक्ष विभास सिन्हा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधायक आदेश चौहान का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने उनकी बात गंभीरता से सुनी है।
अब असली परीक्षा सरकारी स्तर पर होने वाली अगली कार्रवाई की है। शिवालिक नगर के व्यापारियों की मांग साफ है—शटर गिराने से पहले समाधान खोजा जाए, रोजी-रोटी छीनने से पहले नियमों के भीतर रास्ता निकाला जाए। क्योंकि यहां मामला सिर्फ दुकानों का नहीं है। मामला उन परिवारों का है, जिनके घरों का चूल्हा इन्हीं दुकानों से जलता है। व्यापारियों का कहना है कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन चाहते हैं कि कानून के साथ मानवीय और व्यावहारिक समाधान भी सामने आए।



