हरिद्वार में उद्योगों का ‘मेगा शो’! CM धामी बोले—सरकार नियामक नहीं, उद्योगों की सहयोगी और सहभागी….. 29 हजार से ज्यादा नई MSME इकाइयों से 1.27 लाख युवाओं को रोजगार, निवेश-नवाचार के साथ उत्तराखंड को आर्थिक ताकत बनाने का संकल्प
कार्यक्रम में रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, नगर पालिका शिवालिकनगर अध्यक्ष राजीव शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्य मंत्री आदेश सैनी, विक्रम भुल्लर, CII उत्तराखंड अध्यक्ष संजय अग्रवाल, वाइस चेयरमैन सौरव दास, इंडस्ट्री सेक्रेटरी विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, प्रबंध निदेशक सिडकुल सौरव गहवार, SSP नवनीत सिंह भुल्लर समेत उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

हरिद्वार में उद्योगों का ‘मेगा शो’! CM धामी बोले—सरकार नियामक नहीं, उद्योगों की सहयोगी और सहभागी…..
29 हजार से ज्यादा नई MSME इकाइयों से 1.27 लाख युवाओं को रोजगार, निवेश-नवाचार के साथ उत्तराखंड को आर्थिक ताकत बनाने का संकल्प

हरिद्वार, 08 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड की औद्योगिक तस्वीर बदलने की पटकथा अब तेज होती दिखाई दे रही है। धर्मनगरी हरिद्वार में गुरुवार को उद्योग, निवेश और रोजगार का बड़ा मंच सजा। मौका था 7वें CII उत्तराखंड इंडस्ट्रियल समिट एंड एक्सपो-2026 का, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्योग जगत को साफ संदेश दिया—सरकार उद्योगों पर नियंत्रण रखने वाली नहीं, बल्कि उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाली सहयोगी और सहभागी सरकार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार केवल आध्यात्मिक नगरी नहीं, बल्कि उत्तराखंड के औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र भी बन चुका है। ऐसे आयोजन उद्योग, व्यापार, निवेश और नवाचार को एक मंच पर लाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने का काम करते हैं।
29 हजार MSME, 1.27 लाख रोजगार—निवेश की तस्वीर बदली
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में 29 हजार से अधिक नई MSME इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे करीब 1.27 लाख युवाओं को रोजगार मिला है।
LIVE: हरिद्वार में आयोजित सातवाँ इंडस्ट्रियल समिट एण्ड एक्सपो–2026
सरकार ने निवेशकों की दिक्कतों को दूर करने के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था शुरू की है। वहीं सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां उद्यमी को अनुमति और प्रक्रियाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि तकनीक के माध्यम से काम आसान और पारदर्शी हो।
कनेक्टिविटी से इंडस्ट्री को मिलेगी नई उड़ान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत राज्य बनाने का अभियान जारी है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार ने राज्य में निवेश के लिए माहौल को और मजबूत किया है।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चारधाम सड़क परियोजना और बेहतर होती कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स व्यवस्था में सुधार हो रहा है। इसका सीधा फायदा उद्योग और व्यापार को मिलने की उम्मीद है।
नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बने युवा
मुख्यमंत्री ने युवाओं को लेकर सरकार की सोच भी सामने रखी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का युवा केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला उद्यमी बने।
इसी उद्देश्य से स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तराखंड स्टार्टअप नीति के साथ स्टार्टअप्स को वित्तीय सहयोग देने के लिए 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है।
वहीं ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में करीब 1,002 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। सरकार के मुताबिक यह परियोजना निवेश और रोजगार के नए दरवाजे खोल सकती है।
पहाड़ों में भी उद्योग—चमोली से अल्मोड़ा तक नई तैयारी
धामी ने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी जिलों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्क विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
छोटे उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है। भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी ऐसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
लोकल से ग्लोबल तक—उत्तराखंड के उत्पादों की उड़ान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पाद, हस्तशिल्प और स्थानीय उद्यमों को बड़े बाजार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ जैसी योजनाओं के जरिए स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास जारी है।
फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय मंच पर भी उत्तराखंड की चमक
धामी ने कहा कि राज्य की उद्योग अनुकूल नीतियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान में उत्तराखंड को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी में स्थान मिला है। वहीं एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स-2024 में भी उत्तराखंड ने अपनी श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया है।
उन्होंने उद्योगपतियों और निवेशकों से उत्तराखंड की संभावनाओं का लाभ उठाने और रोजगार सृजन में भागीदार बनने का आह्वान किया।
मंत्री प्रदीप बत्रा बोले—उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। हरिद्वार का यह इंडस्ट्री कार्यक्रम उत्तराखंड के औद्योगिक विकास को नया आयाम देगा। उन्होंने उद्योग जगत से गुणवत्ता और नवाचार के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
एक्सपो में प्रदर्शनी का अवलोकन, पुलिस जवानों का बढ़ाया हौसला
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक इकाइयों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न उत्पादों एवं औद्योगिक गतिविधियों की जानकारी ली।
इससे पहले पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण ले रहे पुलिस जवानों से मुलाकात की। जवानों का हालचाल जाना, प्रशिक्षण की जानकारी ली और उनका उत्साह बढ़ाते हुए पूरी लगन व समर्पण के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में रानीपुर विधायक आदेश चौहान, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, नगर पालिका शिवालिकनगर अध्यक्ष राजीव शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, पूर्व विधायक संजय गुप्ता, राज्य मंत्री आदेश सैनी, विक्रम भुल्लर, CII उत्तराखंड अध्यक्ष संजय अग्रवाल, वाइस चेयरमैन सौरव दास, इंडस्ट्री सेक्रेटरी विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, प्रबंध निदेशक सिडकुल सौरव गहवार, SSP नवनीत सिंह भुल्लर समेत उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
हरिद्वार के इस औद्योगिक मंच से संदेश साफ है—उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था अब केवल पर्यटन और तीर्थ तक सीमित नहीं, बल्कि उद्योग, निवेश, स्टार्टअप और रोजगार के नए अध्याय की ओर बढ़ रही है।



