हरिद्वार में खड़गे के बयान पर बवाल! कमल भदौरिया ने SSP से की FIR दर्ज करने की मांग….. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता पर कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर सौंपा शिकायती पत्र, कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की उठाई मांग

हरिद्वार में खड़गे के बयान पर बवाल! कमल भदौरिया ने SSP से की FIR दर्ज करने की मांग…..
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता पर कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर सौंपा शिकायती पत्र, कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की उठाई मांग
हरिद्वार। भारतीय जनता पार्टी के विधि प्रकोष्ठ के जिला सहसंयोजक एवं एडवोकेट कमल भदौरिया ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित बयान को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के संबंध में कथित अमर्यादित टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाते हुए मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
कमल भदौरिया ने अपने शिकायती पत्र में कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहां प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है। हालांकि, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं है कि राजनीतिक मतभेदों के चलते किसी व्यक्ति के दिवंगत माता-पिता या परिवार के संबंध में अपमानजनक और गरिमा के प्रतिकूल भाषा का प्रयोग किया जाए।
सार्वजनिक मंच से बयान देने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 25 अक्टूबर 2026 को बिहार के पटना में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के संबंध में कथित तौर पर “मोदी का बाप भी जाएगा” जैसे शब्दों का प्रयोग किया। उनका दावा है कि यह टिप्पणी सार्वजनिक मंच से की गई, जिसका वीडियो और समाचार भी सामने आए हैं।
कमल भदौरिया ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादाओं के विपरीत है और इससे सामाजिक एवं राजनीतिक वातावरण प्रभावित हो सकता है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर आरोपों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
FIR दर्ज करने की मांग, पुलिस से कार्रवाई की अपील
शिकायती प्रार्थना पत्र में कमल भदौरिया ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं को अपनी भाषा और बयानों की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी के परिवार और दिवंगत परिजनों को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी करना उचित नहीं है।
उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर मल्लिकार्जुन खड़गे के विरुद्ध नियमानुसार प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की जाए और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई कि ऐसे बयानों पर कार्रवाई नहीं होने से राजनीतिक संवाद में अमर्यादित भाषा को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाने की अपील की।
फिलहाल, यह मामला शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों और कार्रवाई की मांग से संबंधित है। पुलिस की जांच तथा आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।



