Daily Live Uttarakhand updateइन्वेस्टिगेशनउत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

हरिद्वार में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ का बड़ा असर! 39 स्कूलों में 26,500 बच्चों को किया जागरूक….. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने संभाली जागरूकता की कमान, पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराध और बाल अधिकारों की दी जानकारी

हरिद्वार में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ का बड़ा असर! 39 स्कूलों में 26,500 बच्चों को किया जागरूक…..

जिला न्यायाधीश नरेंद्र दत्त और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने संभाली जागरूकता की कमान, पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराध और बाल अधिकारों की दी जानकारी

हरिद्वार। बच्चों को शोषण, उत्पीड़न और साइबर अपराधों से बचाने तथा उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार का ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को अभियान के दूसरे दिन जनपद के 39 विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे लगभग 26,500 बच्चों के लाभान्वित एवं जागरूक होने की जानकारी दी गई।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में न्यायिक अधिकारियों, शिक्षा विभाग, बाल कल्याण समिति, एसजेपीयू, जिला प्रोबेशन विभाग तथा पराविधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया। अभियान के तहत विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम, बाल अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई।

जनपद न्यायाधीश नरेंद्र दत्त ने बच्चों को बताए कानूनी अधिकार

दिल्ली पब्लिक स्कूल, रानीपुर में आयोजित कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेंद्र दत्त ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट और बच्चों के विधिक अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति बाला ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने बच्चों को साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सतर्कता और जरूरतमंदों को मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तार से बताया।

सचिव सिमरनजीत कौर ने कई विद्यालयों में पहुंचकर किया जागरूक

अभियान के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सेक्टर-2 भेल, स्वामी अजरानंद अंध विद्यालय, सप्त सरोवर, होली क्रॉस सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लक्सर तथा पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, रोशनाबाद में आयोजित कार्यक्रमों में बच्चों को जागरूक किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी। साथ ही बच्चों को बताया गया कि किसी भी तरह के शोषण, उत्पीड़न या साइबर अपराध की स्थिति में चुप रहने के बजाय समय पर सहायता लेना जरूरी है।

कार्यक्रमों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी दी गई, ताकि बच्चे जरूरत पड़ने पर संबंधित सेवाओं से संपर्क कर सकें।

रुड़की और लक्सर में भी न्यायिक अधिकारियों ने संभाली जिम्मेदारी

सुरक्षित बचपन अभियान के तहत रुड़की तहसील क्षेत्र के विद्यालयों में अपर जिला जज रमेश सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट पर्च बत्रा, सचिव अवंतिका पंत, प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विनीत कुमार श्रीवास्तव और अन्य न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को जागरूक किया।

लक्सर क्षेत्र में अपर जिला जज सुधीर सिंह, तहसील विधिक सेवा समिति की सचिव पल्लवी और अन्य न्यायिक अधिकारियों ने विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों को बाल संरक्षण से संबंधित कानूनों की जानकारी दी।

इन कार्यक्रमों में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, बाल कल्याण समिति के सदस्यों, विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्रों एवं पराविधिक स्वयंसेवकों ने सहयोग किया।

39 विद्यालयों में चला जागरूकता अभियान

अभियान के दूसरे दिन हरिद्वार, रुड़की, लक्सर, भगवानपुर, पिरान कलियर, ज्वालापुर, पथरी, औरंगाबाद, शिवालिकनगर और आसपास के क्षेत्रों के 39 विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर, केंद्रीय विद्यालय हरिद्वार, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सेक्टर-2 भेल, तक्षशिला इंटर कॉलेज रावली महदूद, सेठ गंगा प्रसाद दीक्षित हाई स्कूल ज्वालापुर, राजकीय इंटर कॉलेज रुड़की, राजकीय इंटर कॉलेज लक्सर, राजकीय इंटर कॉलेज भगवानपुर, राजकीय इंटर कॉलेज चंद्रपुरी, होली क्रॉस सीनियर सेकेंडरी स्कूल लक्सर और हर्ष विद्या मंदिर रायसी सहित अन्य विद्यालय शामिल रहे।

इसके अतिरिक्त गहमरीपुर, बादशाहीपुर, पथरी, औरंगाबाद, भगवानपुर, काशीपुर, बहेड़ीखेड़ा, मजरी, भूझनी, सुभाषगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के विद्यालयों में भी बच्चों को जागरूक किया गया।

बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों पर विशेष जोर

‘सुरक्षित बचपन अभियान’ का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों और कानूनी सहायता प्राप्त करने के तरीकों से परिचित कराना है। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण, व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और किसी भी परेशानी में सहायता लेने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार की इस पहल के तहत न्यायिक अधिकारियों और विधिक सेवा टीम ने विद्यालयों तक पहुंचकर बच्चों को कानून की जानकारी दी। अभियान के दूसरे दिन 39 विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 26,500 बच्चों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया।

Related Articles

Back to top button