दीपावली पर हरिद्वार वन प्रभाग हाई अलर्ट! जंगलों में आग, वन्यजीवों के शिकार और तांत्रिक गतिविधियों पर रहेगी पैनी नजर, विशेष टीमों का गठन, चप्पे-चप्पे पर निगरानी…. वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने कसी कमर, संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ाई सतर्कता; डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध के निर्देश पर अलर्ट मोड में वनकर्मी, संदिग्ध गतिविधियों पर होगी कड़ी निगरानी

हरिद्वार। दीपावली के त्योहार पर हरिद्वार के जंगलों की सुरक्षा को लेकर वन प्रभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जंगलों में आग लगने की आशंका से लेकर वन्यजीवों के अवैध शिकार, तस्करी और कथित तांत्रिक गतिविधियों तक पर वन विभाग की पैनी नजर रहेगी। वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए विशेष निगरानी टीमें गठित कर दी गई हैं, जिन्हें संवेदनशील वन क्षेत्रों में लगातार गश्त और निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वन प्रभाग हरिद्वार के डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध के निर्देश पर विभागीय अमला पूरी सतर्कता के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है। त्योहार के दौरान जंगलों में बाहरी लोगों की आवाजाही, आतिशबाजी से आग लगने की आशंका और वन्यजीवों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि जंगलों की शांति और वन्यजीवों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने कहा कि
“दीपावली के मद्देनजर हरिद्वार वन प्रभाग पूरी तरह अलर्ट है। जंगलों में आग की घटनाओं की रोकथाम, वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध शिकार और वन क्षेत्रों में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी और गश्त की जाएगी। तांत्रिक गतिविधियों के नाम पर जंगलों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आमजन से अपील है कि जंगलों के आसपास आतिशबाजी न करें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें। वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
आतिशबाजी की चिंगारी से जंगलों को खतरा, वन विभाग की विशेष निगरानी
दीपावली पर पटाखों और आतिशबाजी के कारण जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। सूखी पत्तियां, घास और झाड़ियां आग को तेजी से फैलाने में मददगार साबित हो सकती हैं। ऐसे में एक छोटी-सी चिंगारी भी बड़े वन क्षेत्र और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को तबाह कर सकती है।
इसी खतरे को देखते हुए वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और किसी भी आग की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वनकर्मियों को अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करने और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए सतर्क किया गया है।
वन्यजीवों के शिकार और तस्करी पर शिकंजा, संदिग्धों पर रहेगी नजर
दीपावली के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा भी विभाग की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। जंगलों में अवैध प्रवेश, वन्यजीवों का शिकार, फंदे लगाने, हथियारों के साथ संदिग्ध आवाजाही और वन्यजीवों के अंगों की तस्करी जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
विशेष टीमों को निर्देशित किया गया है कि जंगलों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को हल्के में न लिया जाए। वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के आसपास विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
तांत्रिक गतिविधियों के नाम पर जंगलों में प्रवेश करने वालों पर भी नजर
जंगलों में तंत्र-मंत्र, अंधविश्वास और कथित धार्मिक अनुष्ठानों के नाम पर संदिग्ध गतिविधियों की आशंका को भी वन सुरक्षा के नजरिए से गंभीरता से लिया जा रहा है। विशेष रूप से ऐसे मामलों पर नजर रखी जाएगी, जिनमें वन क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश, आग जलाने, वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने या वन संपदा से छेड़छाड़ की आशंका हो।
वन विभाग की निगरानी का उद्देश्य किसी की धार्मिक आस्था या वैध गतिविधियों को प्रभावित करना नहीं, बल्कि वन कानूनों का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाना है। जंगलों में बिना अनुमति प्रवेश, वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने और प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
विशेष टीमें गठित, सूचना मिलते ही पहुंचेगा वन विभाग
वन प्रभाग की ओर से गठित विशेष टीमें निर्धारित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखेंगी। संवेदनशील स्थानों पर गश्त, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और आपातकालीन सूचना तंत्र को सक्रिय रखने पर जोर दिया जा रहा है। जंगल में आग, अवैध शिकार या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर संबंधित टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भी सतर्कता बरती जा रही है।
जनता से अपील—जंगलों को सुरक्षित रखने में निभाएं जिम्मेदारी
वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि दीपावली की खुशियां मनाते समय जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। जंगलों के आसपास पटाखे न जलाएं, जलती हुई सामग्री न फेंकें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को देखकर अनदेखा न करें।
यदि कहीं जंगल में आग, अवैध शिकार, वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने या अनधिकृत गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें।
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध का संदेश—वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध के निर्देश पर हरिद्वार वन प्रभाग ने दीपावली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। विभाग का उद्देश्य आग की घटनाओं को रोकने के साथ-साथ वन्यजीवों, उनके प्राकृतिक आवास और बहुमूल्य वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
साफ है कि इस बार दीपावली पर हरिद्वार के जंगलों में वन विभाग की निगरानी केवल आग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अवैध शिकार, तस्करी, अनधिकृत प्रवेश और वन कानूनों का उल्लंघन करने वाली संदिग्ध गतिविधियां भी निगरानी के दायरे में रहेंगी। त्योहार की आड़ में जंगलों को नुकसान पहुंचाने वालों के लिए वन विभाग की यह सतर्कता कड़ा संदेश है।
नोट: तांत्रिक गतिविधियों को लेकर किसी विशिष्ट घटना या कार्रवाई की पुष्टि उपलब्ध नहीं है, इसलिए खबर में इसे संभावित संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के रूप में रखा गया है।




