कुंभ-2027 से पहले हरिद्वार की सफाई का ‘महाअभियान’ तेज! 16वें दिन भी मैदान में उतरा प्रशासन, ओमपुल घाट से दूधधारी तक चला स्वच्छता का बड़ा ऑपरेशन, एक दिन में 3 टन कचरा साफ…… मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर कुंभ मेलाधिकारी सोनिका और DM मयूर दीक्षित की निगरानी में जारी सफाई अभियान; जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हटाया गया कचरा, सामाजिक संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों ने भी संभाली जिम्मेदारी

हरिद्वार, 05 नवंबर। कुंभ मेला-2027 के भव्य आयोजन से पहले धर्मनगरी हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सफाई अभियान की रफ्तार बढ़ा दी है। गंगा घाटों से लेकर मंदिर परिसरों और सार्वजनिक स्थलों तक स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए चलाया जा रहा विशेष स्वच्छता महाअभियान लगातार 16वें दिन भी जारी रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में कुंभ मेलाधिकारी सोनिका एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में बुधवार को ओमपुल घाट के आसपास और दूधधारी क्षेत्र में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान करीब तीन टन कूड़ा-कचरा एकत्रित कर हटाया गया।
कुंभ-2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन की यह सक्रियता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। ऐसे में गंगा घाटों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता एवं बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
ओमपुल घाट से दूधधारी तक चला सफाई का बड़ा अभियान
बुधवार को विशेष स्वच्छता महाअभियान के तहत ओमपुल घाट के आसपास और दूधधारी क्षेत्र को सफाई अभियान के लिए चुना गया। यहां घाटों और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर फैले कूड़े-कचरे एवं अन्य अपशिष्ट को हटाने के लिए प्रशासनिक टीमों ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाया। सफाई कार्य में बड़ी संख्या में कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने भागीदारी की।
अभियान में जिला प्रशासन, एसबीएमए, डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स, आदर्श युवा समिति, श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम, आईटीसी मिशन सुनहरा कल और नगर निगम हरिद्वार की टीमों ने सक्रिय सहभागिता की। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी सफाई अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अभियान का उद्देश्य केवल कचरा हटाना नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों और गंगा घाटों को स्वच्छ रखने के प्रति आमजन को जागरूक करना भी रहा।
तीन टन कचरा एकत्रित, जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हुई सफाई
विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान ओमपुल घाट और दूधधारी क्षेत्र से करीब तीन टन कूड़ा एवं अन्य अपशिष्ट एकत्रित किया गया। सफाई कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए जेसीबी मशीनों की भी मदद ली गई। मशीनों के माध्यम से बड़े स्तर पर जमा कचरे को हटाकर एकत्रित किया गया।
इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से कचरे को निर्धारित स्थान तक पहुंचाया गया। एकत्रित अपशिष्ट को उचित निस्तारण के लिए नगर निगम हरिद्वार को सौंपा गया। अभियान में पर्यावरण मित्रों और सफाई कर्मचारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। प्रशासनिक टीमों के साथ मिलकर उन्होंने विभिन्न स्थानों पर सफाई कार्य को अंजाम दिया।
कुंभ से पहले घाटों और मंदिर परिसरों को चमकाने की तैयारी
कुंभ मेला-2027 के मद्देनजर जिला प्रशासन का विशेष फोकस गंगा घाटों, मंदिर परिसरों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता पर है। इसके लिए लगातार विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन की कोशिश है कि कुंभ के आयोजन से पहले धर्मनगरी के प्रमुख धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता की बेहतर व्यवस्था स्थापित हो सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में संचालित इस अभियान को कुंभ की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। कुंभ मेलाधिकारी सोनिका और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में विभिन्न विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित कर सफाई कार्य कराया जा रहा है।
प्रशासन का मानना है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से ही ठोस तैयारी और नियमित निगरानी जरूरी है। इसी उद्देश्य से अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
गंगा में कपड़े और कचरा डालने वालों से प्रशासन की विशेष अपील
स्वच्छता अभियान के साथ जिला प्रशासन ने आमजन और श्रद्धालुओं से भी सहयोग की अपील की है। प्रशासन ने लोगों से कहा है कि गंगा घाटों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा न फैलाएं। पुराने कपड़ों और अन्य अपशिष्ट सामग्री को गंगा में प्रवाहित करने के बजाय निर्धारित स्थानों पर ही जमा कराएं।
प्रशासन का कहना है कि गंगा की स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं से भी स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया गया है।
16 दिनों से लगातार जारी मुहिम, अब जनभागीदारी की चुनौती
हरिद्वार में लगातार 16 दिनों से चल रहा विशेष स्वच्छता महाअभियान कुंभ-2027 की तैयारियों में प्रशासन की सक्रियता को दर्शा रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाकर कचरे को हटाया जा रहा है और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
हालांकि, अभियान की वास्तविक सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब सफाई के बाद उन स्थानों पर दोबारा कचरा जमा न हो। इसके लिए नियमित सफाई, कचरे के उचित निस्तारण और आमजन की जिम्मेदार भागीदारी जरूरी होगी।
कुंभ-2027 में हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और व्यवस्थित धर्मनगरी का अनुभव मिले, इसी लक्ष्य के साथ प्रशासन का स्वच्छता महाअभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। अब इस मुहिम को स्थायी स्वच्छता व्यवस्था में बदलना प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।




