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देहरादून में मौत बनकर पलटा यूरिया से भरा ट्रक! कार में सवार एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत 4 की दर्दनाक मौत, पिचकी कार में जिंदगी की जंग जीत गया 6 साल का मासूम…. मोहब्बेवाला चौक के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसे से मचा कोहराम; हाइड्रा और कटर से कार काटकर निकाले गए शव, गर्भवती रिश्तेदार से मिलने जा रहा था कपूर परिवार, मासूम के सिर से उठा मां-पिता और दादी का साया….

देहरादून में मौत बनकर पलटा यूरिया से भरा ट्रक! कार में सवार एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत 4 की दर्दनाक मौत, पिचकी कार में जिंदगी की जंग जीत गया 6 साल का मासूम….

मोहब्बेवाला चौक के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसे से मचा कोहराम; हाइड्रा और कटर से कार काटकर निकाले गए शव, गर्भवती रिश्तेदार से मिलने जा रहा था कपूर परिवार, मासूम के सिर से उठा मां-पिता और दादी का साया….

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बुधवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। मोहब्बेवाला चौक के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यूरिया से भरा एक भारी-भरकम ट्रक अनियंत्रित होकर कार के ऊपर पलट गया। ट्रक के नीचे कार पूरी तरह दबकर पिचक गई। हादसा इतना भयावह था कि कार में सवार एक ही परिवार के तीन सदस्यों और चालक समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, छह वर्षीय मासूम माहेर कपूर को घायल अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस हृदयविदारक घटना में मासूम के सिर से मां, पिता और दादी का साया हमेशा के लिए उठ गया।

गर्भवती रिश्तेदार से मिलने आ रहा था परिवार

जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से सहारनपुर निवासी कपूर परिवार बुधवार को देहरादून आ रहा था। कार में विश्वेश कपूर (38), उनकी पत्नी निशा आनंद कपूर (38), मां किरण कपूर (63) और छह वर्षीय बेटा माहेर कपूर सवार थे। परिवार देहरादून में रहने वाले अपने छोटे भाई की गर्भवती पत्नी से मिलने जा रहा था।

बताया जा रहा है कि इसी दौरान मोहब्बेवाला चौक के पास सहारनपुर की ओर से आ रहा यूरिया से भरा भारी ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे कार के ऊपर पलट गया। ट्रक का भारी वजन पड़ते ही कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। कुछ ही पलों में खुशियों से भरा परिवार मौत के मलबे में दब गया।

आधे घंटे तक चला जिंदगी बचाने का संघर्ष

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। कार की हालत इतनी भयावह थी कि अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया था। ट्रक को हटाने के लिए हाइड्रा मशीन की मदद ली गई। इसके बाद कटर से कार के हिस्सों को काटकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

करीब आधे घंटे तक बचाव दल के जवान जिंदगी बचाने के लिए जूझते रहे। भारी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। दुर्भाग्यवश चार लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि छह वर्षीय माहेर को घायल अवस्था में बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कार के बीच मासूम का बच जाना राहत की सबसे बड़ी खबर रही।

एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां उजड़ीं

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान किरण कपूर (63), विश्वेश कपूर (38), निशा आनंद कपूर (38) और कार चालक नीरज के रूप में हुई है। हादसे में विश्वेश कपूर का छह वर्षीय बेटा माहेर घायल अवस्था में बचा लिया गया।

जिस परिवार में अपनों से मिलने की खुशी थी, वहां अब मातम पसरा है। मासूम माहेर को शायद अभी इस बात का अहसास भी नहीं होगा कि इस हादसे ने उससे उसका पूरा परिवार छीन लिया। एक ही दुर्घटना में दादी, मां और पिता की मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।

एक्सप्रेसवे पर लगा लंबा जाम, सुरक्षा पर उठे सवाल

हादसे के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटने से यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य के साथ वाहनों की आवाजाही सामान्य कराने के प्रयास किए।

आखिर कब थमेंगी सड़क हादसों में मौतें?

मोहब्बेवाला का यह हादसा भारी वाहनों की रफ्तार, नियंत्रण और सड़क सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। आखिर भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन हो रहा है? ट्रकों की गति और उनकी निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं सुनिश्चित की जा रही?

यह हादसा सिर्फ चार लोगों की मौत की खबर नहीं, बल्कि एक मासूम की जिंदगी में आए उस अंधेरे की कहानी है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। माहेर जिंदगी और मौत के बीच से तो बच निकला, लेकिन उसके बचपन की सबसे बड़ी खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं।

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