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माधोपुर में जोहड़ की जमीन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, अतिक्रमणकारियों पर चला प्रशासन का डंडा! संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेठ के निर्देश पर राजस्व टीम की कार्रवाई—सार्वजनिक जलस्रोत की भूमि से हटाया अतिक्रमण, दोबारा कब्जे पर भी रहेगी प्रशासन की पैनी नजर

माधोपुर में जोहड़ की जमीन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, अतिक्रमणकारियों पर चला प्रशासन का डंडा!

संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेठ के निर्देश पर राजस्व टीम की कार्रवाई—सार्वजनिक जलस्रोत की भूमि से हटाया अतिक्रमण, दोबारा कब्जे पर भी रहेगी प्रशासन की पैनी नजर

हरिद्वार/रुड़की, 18 सितंबर 2026।
सार्वजनिक जलस्रोतों और सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर प्रशासन ने अब सख्त रुख अपना लिया है। माधोपुर में जोहड़ की भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाकर कब्जे हटाए। संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचन्द्र शेठ के निर्देश पर राजस्व एवं प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के बाद साफ संदेश दिया गया कि सार्वजनिक जलस्रोतों की जमीन पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जोहड़ की जमीन पर पहुंची टीम, मौके पर हुई पैमाइश और जांच

प्रशासनिक टीम ने ग्राम माधोपुर पहुंचकर जोहड़ की भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए राजस्व अभिलेखों और जमीन की वास्तविक स्थिति के आधार पर अतिक्रमण को चिन्हित किया। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए चिन्हित अतिक्रमण को हटाया गया। प्रशासन की कार्रवाई से उन लोगों में हड़कंप की स्थिति रही, जिन्होंने सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कब्जा कर रखा था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जोहड़, तालाब और अन्य सार्वजनिक जलस्रोत किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि इनका संरक्षण व्यापक जनहित से जुड़ा विषय है।

जलस्रोतों पर कब्जे के खिलाफ अब लगातार चलेगा अभियान

संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचन्द्र शेठ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक जलस्रोतों की भूमि पर अतिक्रमण की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद यह भी सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित भूमि पर दोबारा कब्जा न हो। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का फोकस केवल एक बार अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हटाई गई जमीन को दोबारा कब्जे से बचाना भी अभियान का अहम हिस्सा रहेगा।

‘सरकारी जमीन पर कब्जा किया तो होगी कार्रवाई’ का सख्त संदेश

माधोपुर में हुई कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। सार्वजनिक जलस्रोतों की जमीन पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण से जहां जल निकासी और जल संरक्षण प्रभावित होता है, वहीं पर्यावरणीय संतुलन पर भी इसका असर पड़ता है। ऐसे में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी अथवा सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि अतिक्रमण संबंधी मामलों में मौके की स्थिति का सत्यापन करते हुए राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इससे प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर पारदर्शिता बनाए रखने और वास्तविक स्थिति के आधार पर कदम उठाने पर जोर दिया गया है।

जोहड़ बचेंगे तो बचेगा जल संकट का सहारा

प्रशासन का कहना है कि जोहड़ और अन्य पारंपरिक जल निकाय ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनकी भूमि पर अतिक्रमण होने से जलभराव, जल निकासी और प्राकृतिक जल संचयन की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसलिए ऐसे जलस्रोतों की भूमि को सुरक्षित रखना जरूरी है। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों से कहा कि जल निकायों की सुरक्षा को केवल राजस्व अथवा भूमि विवाद का विषय न मानकर जनहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व के रूप में देखा जाए।

शिकायत मिली तो जांच, कब्जा मिला तो कार्रवाई

प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी सरकारी भूमि, जोहड़, तालाब और अन्य सार्वजनिक जलस्रोतों से संबंधित मामलों की निगरानी जारी रहेगी। यदि कहीं अतिक्रमण की शिकायत मिलती है तो राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। माधोपुर में हुई कार्रवाई के बाद प्रशासन ने दोबारा कब्जे की संभावना रोकने के लिए भी निगरानी के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे संवेदनशील स्थानों पर नजर रखने को कहा गया है।

प्रशासन की कार्रवाई से साफ—सार्वजनिक जमीन पर कब्जे की अब नहीं चलेगी मनमानी

माधोपुर की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक जलस्रोतों की भूमि को लेकर प्रशासन अब केवल शिकायतों का इंतजार करने के बजाय मौके पर कार्रवाई करने के मूड में है। संयुक्त मजिस्ट्रेट के निर्देश के बाद राजस्व टीम द्वारा की गई कार्रवाई को इसी सख्त अभियान की कड़ी माना जा रहा है।

प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सार्वजनिक भूमि और जलस्रोतों को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान संबंधित राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।माधोपुर में जोहड़ की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ प्रशासन ने एक स्पष्ट संदेश दिया है—सार्वजनिक जलस्रोतों की जमीन पर कब्जा हुआ तो राजस्व रिकॉर्ड से लेकर मौके तक जांच होगी और नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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