ओवरचार्जिंग पर परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन,, हरिद्वार में विशेष अभियान के दौरान 25 वाहनों के चालान, 5 ई-रिक्शा और ऑटो सीज़,, डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर कार्रवाई, एआरटीओ नेहा झा की चेतावनी—यात्रियों का आर्थिक शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा:- (टीटीओ) वरुणा सैनी

ओवरचार्जिंग पर परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन,,
हरिद्वार में विशेष अभियान के दौरान 25 वाहनों के चालान, 5 ई-रिक्शा और ऑटो सीज़,,
डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर कार्रवाई, एआरटीओ नेहा झा की चेतावनी—यात्रियों का आर्थिक शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा:- (टीटीओ) वरुणा सैनी
इन्तजार रजा हरिद्वार, 13 जुलाई। कांवड़ यात्रा से पहले श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को राहत देने के उद्देश्य से हरिद्वार परिवहन विभाग ने ओवरचार्जिंग करने वाले ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों के खिलाफ सोमवार को बड़ा अभियान चलाया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश तथा सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा के नेतृत्व में चले इस विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान निर्धारित किराए से अधिक वसूली करने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान कुल 25 वाहनों के चालान किए गए, जबकि गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 5 ई-रिक्शा एवं ऑटो वाहनों को सीज़ कर दिया गया।
परिवहन विभाग की टीमों ने इस अभियान को पूरी गोपनीयता के साथ संचालित किया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आम यात्रियों का रूप धारण कर विभिन्न मार्गों पर ई-रिक्शा और ऑटो में यात्रा की तथा वास्तविक किराया वसूली की जांच की। जांच में कई चालक निर्धारित दरों से कहीं अधिक किराया वसूलते पाए गए, जिसके बाद उनके विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया। एक ई-रिक्शा चालक ने भेल फाउंड्री गेट से विकास भवन तक लगभग 8 किलोमीटर की यात्रा के लिए यात्री से ₹200 किराया वसूल लिया। जबकि जनपद में ई-रिक्शा का निर्धारित किराया ₹12 प्रति किलोमीटर है और इस दूरी का अधिकतम किराया लगभग ₹96 होना चाहिए था। यानी चालक ने निर्धारित किराए से दोगुने से भी अधिक राशि लेकर यात्री का आर्थिक शोषण किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ई-रिक्शा को तत्काल प्रभाव से सीज़ कर दिया गया।
यह विशेष प्रवर्तन अभियान परिवहन कर अधिकारी (टीटीओ) वरुणा सैनी के नेतृत्व में संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान आने वाले लाखों श्रद्धालुओं तथा स्थानीय नागरिकों को निर्धारित किराए पर सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। विभाग का कहना है कि ओवरचार्जिंग की शिकायतों पर अब लगातार आकस्मिक अभियान चलाए जाएंगे।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) नेहा झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक धनराशि वसूलना गंभीर अनियमितता है। ऐसे मामलों में भविष्य में भी सघन और आकस्मिक प्रवर्तन अभियान जारी रहेंगे तथा किसी भी वाहन चालक द्वारा यात्रियों का आर्थिक शोषण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
परिवहन विभाग ने सभी ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों से निर्धारित किराया सूची का कड़ाई से पालन करने, यात्रियों के साथ शिष्ट एवं नियमसम्मत व्यवहार करने की अपील की है। साथ ही आमजन से भी आग्रह किया गया है कि यदि कोई चालक ओवरचार्जिंग करता है या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता करता है तो इसकी सूचना तत्काल परिवहन विभाग अथवा जिला प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।



