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देवभूमि की पुलिस का देशभर में बजा डंका! अमित शाह ने उत्तराखण्ड पुलिस को प्रदान किया प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस निशान, 25 साल की सेवा, शौर्य और समर्पण को मिली राष्ट्रीय पहचान, सम्मान पाने वाला देश का 16वां राज्य बना उत्तराखण्ड…. देहरादून में ऐतिहासिक अलंकरण समारोह, केंद्रीय गृह मंत्री ने किया पुलिस परेड का निरीक्षण, CM धामी बोले- यह सम्मान हर पुलिसकर्मी के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की राष्ट्रीय मुहर; 206 शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, 26 हजार से अधिक जवानों वाली उत्तराखण्ड पुलिस के गौरवशाली इतिहास में जुड़ा नया अध्याय….

देवभूमि की पुलिस का देशभर में बजा डंका! अमित शाह ने उत्तराखण्ड पुलिस को प्रदान किया प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस निशान, 25 साल की सेवा, शौर्य और समर्पण को मिली राष्ट्रीय पहचान, सम्मान पाने वाला देश का 16वां राज्य बना उत्तराखण्ड….

देहरादून में ऐतिहासिक अलंकरण समारोह, केंद्रीय गृह मंत्री ने किया पुलिस परेड का निरीक्षण, CM धामी बोले- यह सम्मान हर पुलिसकर्मी के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की राष्ट्रीय मुहर; 206 शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, 26 हजार से अधिक जवानों वाली उत्तराखण्ड पुलिस के गौरवशाली इतिहास में जुड़ा नया अध्याय….

देहरादून। देवभूमि उत्तराखण्ड की पुलिस के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक गौरव और सम्मान का साक्षी बन गया। राज्य गठन के बाद पिछले 25 वर्षों में पुलिस बल द्वारा कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, चारधाम यात्रा, कुंभ मेला और जनसेवा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को राष्ट्रीय पहचान मिली। रिजर्व पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित भव्य अलंकरण समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थिति में उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस निशान (President’s Police Colour) प्रदान किया। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखण्ड देश का यह सर्वोच्च पुलिस सम्मान प्राप्त करने वाला 16वां राज्य बन गया।

यह सम्मान केवल उत्तराखण्ड पुलिस विभाग की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस परेड का निरीक्षण किया। अनुशासित मार्चपास्ट, जवानों का जोश और पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा ने समारोह को विशेष बना दिया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों में उत्साह देखने को मिला।

25 वर्षों की सेवा, शौर्य और समर्पण को मिला राष्ट्रीय सम्मान, अमित शाह ने थपथपाई उत्तराखण्ड पुलिस की पीठ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस निशान मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान प्रदेश के प्रत्येक पुलिस अधिकारी और जवान के लिए गौरव का क्षण है। उत्तराखण्ड पुलिस ने अपने अनुशासन, सेवा भावना, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से देशभर में विशिष्ट पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड अपनी आध्यात्मिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। चारधाम यात्रा, कुंभ मेला और कांवड़ यात्रा जैसे विशाल आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होती है। इन आयोजनों के दौरान उत्तराखण्ड पुलिस जिस धैर्य, सूझबूझ और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाती है, वह सराहनीय है।गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग और चुनौतीपूर्ण हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, कठिन मौसम, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे इलाके और प्राकृतिक आपदाओं की आशंकाओं के बीच पुलिसकर्मी लगातार जनता की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में भी पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय उत्तराखण्ड पुलिस में लगभग 13 हजार जवान थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 26 हजार से अधिक हो गई है। यह पुलिस बल की बढ़ती क्षमता और जिम्मेदारियों का प्रमाण है।

नए आपराधिक कानूनों से न्याय व्यवस्था होगी मजबूत, तीन साल में दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश में लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखण्ड पुलिस महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और डिजिटल प्रणाली के माध्यम से अपराधों की जांच को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मई 2027 के बाद दर्ज होने वाली एफआईआर के मामलों में तीन वर्ष के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पुलिस, अभियोजन, न्यायालय और अन्य संबंधित संस्थाओं को डिजिटल माध्यम से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना और आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक मजबूत बनाना है।अमित शाह ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमांत गांवों का विकास देश की सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में उत्तराखण्ड पुलिस की भूमिका अहम है।

उन्होंने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों और साइबर अपराधों की रोकथाम के प्रयासों की भी सराहना की। गृह मंत्री ने नशामुक्त भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि युवाओं को नशे से बचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री धामी बोले- यह सम्मान हर पुलिसकर्मी के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की राष्ट्रीय मुहर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस निशान मिलने पर सभी अधिकारियों और जवानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पुलिस बल के साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण की राष्ट्रीय मान्यता है। यह उपलब्धि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत हुई है। आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, नए आपराधिक कानूनों का क्रियान्वयन और पुलिस बलों का आधुनिकीकरण सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती दे रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय उत्तराखण्ड पुलिस में लगभग 13 हजार जवान, 96 थाने और 42 पुलिस चौकियां थीं। आज 26 हजार से अधिक पुलिसकर्मी प्रदेश की सुरक्षा में तैनात हैं। मुख्यमंत्री ने देश की पहली महिला पुलिस महानिदेशक स्वर्गीय कंचन चौधरी भट्टाचार्य का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका उत्तराखण्ड पुलिस का नेतृत्व करना प्रदेश के लिए गौरव की बात रही है। वर्तमान में पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी लगभग 14 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस केवल अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक यात्राओं, पर्यटन, यातायात प्रबंधन, आपदा राहत और बचाव कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान में बड़ी कार्रवाई, 307 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त, 7 हजार से अधिक गिरफ्तार

मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सरकार के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान की उपलब्धियां साझा करते हुए बताया कि पिछले चार वर्षों में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त 7 हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 307 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन स्माइल के माध्यम से गुमशुदा बच्चों को उनके परिवारों तक पहुंचाने और ऑपरेशन मुक्ति के जरिए भिक्षावृत्ति में लगे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। सरकारी भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए भी व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया है।

साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना और नरेंद्रनगर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों में उत्तराखण्ड पुलिस ने जीते 37 पदक, जवानों की प्रतिभा को सराहना

समारोह के दौरान उत्तराखण्ड पुलिस की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि विश्व पुलिस एवं अग्निशमन खेलों में प्रदेश के पुलिस खिलाड़ियों ने 37 पदक जीतकर देश और राज्य का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि पुलिस बल में खेल प्रतिभा, अनुशासन और शारीरिक दक्षता का परिचायक है।

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखण्ड पुलिस के 206 वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके बलिदान को याद करते हुए पुलिस सेवा की कठिनाइयों और जिम्मेदारियों को नमन किया गया।

डीजीपी बोले- राष्ट्रपति पुलिस निशान केवल सम्मान नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी भी

डीजीपी उत्तराखण्ड ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति पुलिस निशान प्राप्त करना उत्तराखण्ड पुलिस के लिए ऐतिहासिक और भावनात्मक उपलब्धि है। यह सम्मान पुलिस बल की गौरवशाली सेवा परंपरा, अनुशासन, अदम्य साहस और जनसेवा के प्रति समर्पण का राष्ट्रीय अनुमोदन है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की कार्यभूमि जितनी सुंदर और आध्यात्मिक है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी है। हिमालय की दुर्गम पर्वत श्रृंखलाएं, कठिन मौसम, दूरस्थ गांव, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगे क्षेत्र और लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच पुलिस को हर समय सतर्क रहना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध, डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी, संगठित अपराध और नशा तस्करी जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है। यह सम्मान सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ उनके परिवारों के त्याग और योगदान का भी प्रतीक है।

डीजीपी ने संकल्प व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड पुलिस अपने आचरण, कार्यकुशलता और जनसेवा के माध्यम से इस प्रतिष्ठित निशान की गरिमा को हमेशा बनाए रखेगी।

विशिष्ट और सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस अधिकारियों को मिला सम्मान

समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विशिष्ट एवं सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पदकों से सम्मानित किया।

विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक से सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक नारायण सिंह नपलच्याल और मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव को सम्मानित किया गया। वहीं सराहनीय सेवा के लिए पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र, सहायक सेनानायक प्रतिमा भट्ट और सेवानिवृत्त उप निरीक्षक अभिसूचना शौकार पुण्डीर को पदक प्रदान किए गए।

इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के विशेष डाक आवरण तथा पुलिस पत्रिका का विमोचन भी किया। समारोह में पुलिस विभाग की उपलब्धियों, सेवा परंपरा और भविष्य की चुनौतियों को रेखांकित किया गया।

206 शहीद जवानों के बलिदान को नमन, उत्तराखण्ड पुलिस के इतिहास में जुड़ा स्वर्णिम अध्याय

राष्ट्रपति पुलिस निशान से अलंकृत होने का यह अवसर उन 206 वीर पुलिसकर्मियों के बलिदान को समर्पित रहा, जिन्होंने प्रदेश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका साहस, त्याग और कर्तव्य के प्रति समर्पण आज भी उत्तराखण्ड पुलिस के प्रत्येक जवान के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

कुल मिलाकर राष्ट्रपति पुलिस निशान प्राप्त करना उत्तराखण्ड पुलिस के 25 वर्षों के सफर की ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह सम्मान अतीत के संघर्ष, वर्तमान की जिम्मेदारियों और भविष्य की चुनौतियों के प्रति पुलिस बल के संकल्प को दर्शाता है। अब इस प्रतिष्ठित निशान की गरिमा बनाए रखते हुए जनता के विश्वास, सुरक्षा और सेवा के मानकों को और ऊंचा उठाना उत्तराखण्ड पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।

देवभूमि की पुलिस को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान निश्चित रूप से उत्तराखण्ड के गौरवशाली इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।

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