देर रात अस्पतालों में औचक निरीक्षण पर पहुंचे डीएम मयूर दीक्षित,, मरीजों से सीधा संवाद कर जानी हकीकत, स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया फीडबैक,, साफ-सफाई, कम्बल, 108 सेवा, सीसीटीवी और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश

इन्तजार रजा हरिद्वार- देर रात अस्पतालों में औचक निरीक्षण पर पहुंचे डीएम मयूर दीक्षित,,
मरीजों से सीधा संवाद कर जानी हकीकत, स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया फीडबैक,,
साफ-सफाई, कम्बल, 108 सेवा, सीसीटीवी और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश
हरिद्वार, 25 फरवरी 2026।
जनपद के अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति परखने के लिए ने मंगलवार देर रात्रि उप जिला मेला चिकित्सालय एवं जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। बिना पूर्व सूचना के पहुंचे जिलाधिकारी ने वार्डों का भ्रमण कर भर्ती मरीजों, उनके तीमारदारों और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानी।
सबसे पहले जिलाधिकारी उप जिला मेला चिकित्सालय पहुंचे, जहां उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर की जांच कर उपस्थित चिकित्सकों से भर्ती मरीजों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने वार्डों में जाकर मरीजों से पूछा कि क्या उन्हें समय पर दवाएं, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं। तीमारदारों ने बताया कि उपचार संतोषजनक ढंग से हो रहा है और किसी प्रकार की बड़ी समस्या नहीं है। डीएम ने संतोष जताया, लेकिन साथ ही व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में नियमित रूप से सफाई हो, बेडशीट और कंबलों की समय-समय पर धुलाई सुनिश्चित की जाए तथा भर्ती मरीजों को स्वच्छ और गर्म कम्बल उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने प्रमुख अधीक्षक को आवश्यकतानुसार नए कम्बल खरीदने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी मरीज को असुविधा न हो।
इसके बाद जिलाधिकारी जिला महिला चिकित्सालय पहुंचे, जहां उन्होंने सभी वार्डों का गहन निरीक्षण किया। विशेष रूप से लेबर रूम में जाकर प्रसव हेतु भर्ती महिलाओं की स्थिति की जानकारी ली। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शिवंशी ने बताया कि लेबर रूम में दो महिलाएं प्रसव के लिए भर्ती हैं, जिनकी स्थिति सामान्य है, जबकि हाल ही में प्रसव हुई 13 महिलाएं वार्ड में भर्ती हैं और सभी की स्थिति स्थिर है।
जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को सख्त हिदायत दी कि प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को अनावश्यक रूप से अन्य अस्पतालों में रेफर न किया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी सुविधाएं उपलब्ध हैं, उनका पूर्ण उपयोग करते हुए गर्भवती महिलाओं को यथासंभव यहीं उपचार दिया जाए। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी कैमरे चालू हालत में रहें। खराब विद्युत लाइटों को तत्काल ठीक कराने, समुचित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने और खराब पड़े वाटर कूलर को तुरंत दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को किसी भी प्रकार की मूलभूत सुविधा के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने पुराने और जर्जर साइन बोर्डों को हटाकर नए साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को वार्ड, ओपीडी, जांच कक्ष और अन्य विभागों की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सके। वेटिंग एरिया में लगे एलईडी टीवी को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता संदेश प्रसारित किए जा सकें।
साथ ही उन्होंने महिला चिकित्सालय में एम्बुलेंस वाहन एवं 108 आपातकालीन सेवा हर समय उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा मिलना अत्यंत आवश्यक है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी निरीक्षण के दौरान उप जिला मेला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेश गुप्ता, जिला महिला चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. आर.वी. सिंह, डॉ. संदीप निगम, डॉ. एस.के. सोनी, धीरेन्द्र सिंह, डॉ. आशु, डॉ. पूजा सहित अन्य चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी हरिद्वार:
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के सभी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय-समय पर औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



