‘पनीर’ के नाम पर चल रहा था तेल का खेल! आधी रात छापा पड़ा तो खुल गया पूरा राज—2 क्विंटल माल बरामद, फैक्ट्री सील कैमरे की तरह टीम की नजरें घूमीं और खुलती चली गईं परतें! पामोलीन ऑयल + स्किम्ड मिल्क पाउडर से तैयार हो रहा था एनालॉग पनीर, 240 रुपये किलो में बाजार में सप्लाई का खुलासा

‘पनीर’ के नाम पर चल रहा था तेल का खेल! आधी रात छापा पड़ा तो खुल गया पूरा राज—2 क्विंटल माल बरामद, फैक्ट्री सील
कैमरे की तरह टीम की नजरें घूमीं और खुलती चली गईं परतें! पामोलीन ऑयल + स्किम्ड मिल्क पाउडर से तैयार हो रहा था एनालॉग पनीर, 240 रुपये किलो में बाजार में सप्लाई का खुलासा
हरिद्वार/रुड़की…रात का सन्नाटा था… नन्हेड़ा अनेतपुर में एक पनीर निर्माण इकाई रोज की तरह चल रही थी। बाहर से सबकुछ सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन अंदर चल रहा था ‘पनीर’ के नाम पर मिलावट का पूरा खेल। फिर अचानक खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पहुंची और कुछ ही देर में पूरा खेल फिल्मी अंदाज में बेनकाब हो गया,, 03 अक्टूबर की रात हुई इस कार्रवाई में टीम ने कथित तौर पर पामोलीन ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर से एनालॉग पनीर तैयार करते हुए निर्माता को पकड़ा। मौके से करीब दो क्विंटल सेमी-प्रोसेस्ड पनीर, 20 किलो पामोलीन ऑयल और 30 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर बरामद हुआ।
एक्शन शुरू… और खुलता गया ‘पनीर कांड’
कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखण्ड विनय शंकर पाण्डेय और जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देश पर हुई। उपायुक्त गढ़वाल मंडल आर.एस. रावत के नेतृत्व में टीम ने नन्हेड़ा अनेतपुर स्थित पनीर निर्माण इकाई पर दबिश दी। साथ में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन और पवन कुमार तथा एसपी देहात अभय प्रताप सिंह के सहयोग से पुलिस बल मौजूद रहा।टीम ने जैसे ही निर्माण स्थल की जांच शुरू की, वहां रखा पामोलीन ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर जांच के दायरे में आ गया। इसके बाद जो सामने आया, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया।
‘दूध’ नहीं… तेल और पाउडर से बन रहा था पनीर!
विभाग के मुताबिक, पनीर निर्माता आजाद पुत्र ईसाक से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने कथित तौर पर स्वीकार किया कि पामोलीन ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर का इस्तेमाल करके पनीर तैयार किया जाता है।यही नहीं, तैयार माल को बाजार में करीब 240 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचने की बात भी सामने आई।यानि जिस चीज को ग्राहक पनीर समझकर खरीद रहा था, उसके पीछे दूध की जगह दूसरे पदार्थों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप सामने आया।
दो क्विंटल माल… मौके पर ही ‘द एंड’
छापेमारी के दौरान करीब 2 क्विंटल सेमी-प्रोसेस्ड पनीर मिला। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। टीम ने मौके पर ही इसे नष्ट कराया।करीब 20 किलो पामोलीन ऑयल भी नष्ट कराया गया, जबकि 30 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर को सीज कर जब्त कर लिया गया।यानी जो माल बाजार तक पहुंचने वाला था, उस पर टीम ने मौके पर ही ब्रेक लगा दिया।
फैक्ट्री बंद… अब कानूनी कार्रवाई की बारी
प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के निर्माण का मामला सामने आने के बाद संबंधित पनीर निर्माण इकाई को अग्रिम आदेश तक बंद करा दिया गया है।निर्माता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।मामले को और पुख्ता करने के लिए टीम ने खुले पनीर, खुले पामोलीन ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर के तीन विधिक नमूने लिए हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर भेज दिया गया है।अब लैब रिपोर्ट इस कहानी का अगला अध्याय तय करेगी।
त्योहार से पहले बड़ा ‘वार’
त्योहारी सीजन में पनीर और दूध से बने उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में इस कार्रवाई ने मिलावटखोरी करने वालों के लिए साफ संदेश दे दिया है कि खाने की थाली में मिलावट का खेल अब आसानी से नहीं चलेगा।खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद अब बड़ा सवाल यह भी है कि इस इकाई से तैयार होने वाला कथित एनालॉग पनीर कहां-कहां सप्लाई होता था और बाजार में इसकी पहुंच कितनी दूर तक थी?जांच आगे बढ़ेगी तो इस ‘पनीर कांड’ से जुड़े और नाम तथा सप्लाई नेटवर्क सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
एक्शन टीम में कौन-कौन?
कार्रवाई में एडीपीओ सत्यपाल सिंह, कांस्टेबल सुधीर कुमार, योगेन्द्र सिंह, परीक्षित, सोनू पुरी तथा महिला कांस्टेबल रोमा और निर्मला शामिल रहे।फिलहाल फैक्ट्री बंद है, माल नष्ट और जब्त हो चुका है, सैंपल लैब पहुंच चुके हैं और निर्माता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।अब असली क्लाइमेक्स लैब रिपोर्ट के बाद सामने आएगा—पनीर कितना ‘पनीर’ था और कितना मिलावट का खेल, इसका फैसला जांच करेगी।



