₹68 लाख की साइबर ठगी का STF ने किया बड़ा खुलासा, पश्चिम बंगाल से अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार,, WhatsApp चैट ने खोली गिरोह की अहम कड़ी,, शेयर मार्केट और IPO में मोटे मुनाफे का झांसा देकर करते थे ठगी, एक खाते में पहुंचे ₹27.20 लाख; NCRP पर 19 से अधिक शिकायतें दर्ज,, STF की जनता से अपील—मुनाफे के लालच में न फंसें

₹68 लाख की साइबर ठगी का STF ने किया बड़ा खुलासा, पश्चिम बंगाल से अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार,, WhatsApp चैट ने खोली गिरोह की अहम कड़ी,,
शेयर मार्केट और IPO में मोटे मुनाफे का झांसा देकर करते थे ठगी, एक खाते में पहुंचे ₹27.20 लाख; NCRP पर 19 से अधिक शिकायतें दर्ज,,
STF की जनता से अपील—मुनाफे के लालच में न फंसें
देहरादून। शेयर मार्केट और IPO में निवेश कर कम समय में भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों से लाखों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के खिलाफ उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई की है। STF की साइबर क्राइम टीम ने पश्चिम बंगाल में दबिश देकर गिरोह के दो सदस्यों राकेश कुमार रजक और सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद देहरादून लाया गया है।STF की जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। जांच के दौरान एक बैंक खाते में ही कुल ₹27.20 लाख पहुंचने की पुष्टि हुई है। वहीं दोनों मामलों में शिकायतकर्ताओं से कुल ₹66,18,437 रुपये की धनराशि जमा कराई गई थी।
शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर रचा ठगी का जाल
साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज मुकदमा संख्या 55/2025 की विवेचना के दौरान STF को महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने खुद को अमेरिका और भारत में शेयर मार्केट से जुड़ा बताकर शिकायतकर्ता को शेयर मार्केट और IPO में निवेश करने पर अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया आरोपियों के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने 16 अक्टूबर 2025 से 18 नवंबर 2025 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹47,63,537 रुपये जमा कर दिए। इसके बाद रकम को विभिन्न खातों के माध्यम से आगे ट्रांसफर किया गया। इसी तरह पटेलनगर, देहरादून से STF को हस्तांतरित दूसरे मुकदमे संख्या 578/2025 में भी आरोपियों द्वारा शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर अधिक लाभ का लालच देकर अक्टूबर 2025 में शिकायतकर्ता से ₹18,54,900 रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा कराए जाने का मामला सामने आया।
एक बैंक खाते में पहुंचे ₹27.20 लाख
दोनों मामलों की विवेचना के दौरान STF की टीम ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। जांच में Bank of Baroda के खाता संख्या 00260200004876 (RAJAK & COMPANY) का पता चला। जांच में इस खाते का संबंध आरोपी राकेश कुमार रजक से पाया गया। STF के मुताबिक साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि इस खाते में प्राप्त की गई और बाद में RTGS समेत अन्य बैंकिंग माध्यमों से अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर दी गई। जांच में दोनों मुकदमों की ठगी की रकम में से क्रमशः ₹15 लाख और ₹12.20 लाख, यानी कुल ₹27.20 लाख इस बैंक खाते में ट्रांसफर होना पाया गया। STF के लिए यह भी अहम कड़ी सामने आई कि उक्त बैंक खाते के संबंध में NCRP पोर्टल पर 19 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज पाई गईं। इससे खाते के साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जाने की आशंका को और बल मिला।
WhatsApp चैट ने खोली गिरोह की अहम कड़ी
जांच के दौरान STF को आरोपियों के मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी मिले। आरोपी राकेश कुमार रजक के कब्जे से पुलिस द्वारा जब्त मोबाइल फोन की जांच में सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई के साथ हुई WhatsApp चैट सामने आई। चैट के विश्लेषण में बैंक खाते की नेट बैंकिंग उपलब्ध कराने और इसके बदले कमीशन की रकम प्राप्त करने से संबंधित महत्वपूर्ण बातचीत और डिजिटल साक्ष्य मिले। इससे जांच एजेंसियों को गिरोह के भीतर आरोपियों की भूमिका को समझने में महत्वपूर्ण मदद मिली। STF के अनुसार सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई की भूमिका बैंक खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी पाई गई है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा किन-किन बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
पश्चिम बंगाल में दबिश देकर दोनों गिरफ्तार
आरोपियों की साइबर ठगी में सक्रिय भूमिका सामने आने के बाद STF/साइबर क्राइम पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश कुमार रजक (40 वर्ष), निवासी 08 देशबंधु रोड, वेस्ट बरानगर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल तथा सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई (32 वर्ष), निवासी एच-99, रामनगर लेन, गार्डन रीच, कोलकाता, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है।दोनों को स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद देहरादून लाया गया। STF अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी की रकम के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
₹12 लाख की होल्ड रकम की रिकवरी की कवायद
STF के मुताबिक मामले में शिकायतकर्ता की ₹12 लाख की होल्ड धनराशि की रिकवरी के लिए न्यायालय का आदेश संबंधित बैंक को भेजा जा चुका है। वहीं ठगी की शेष रकम की बरामदगी और गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच जारी है। इस कार्रवाई में निरीक्षक राजेश सिंह विवेचक, उपनिरीक्षक हिम्मत सिंह और कांस्टेबल सोहन बडोनी शामिल रहे।
STF की जनता से अपील—मुनाफे के लालच में न फंसें
STF ने आम जनता से अपील की है कि शेयर मार्केट, IPO या ऑनलाइन निवेश में कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में न आएं। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, मोबाइल नंबर अथवा बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। STF ने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर पीड़ित बिना देरी किए 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराने और रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है।



