हरिद्वार में नशे के कारोबार पर STF का बड़ा प्रहार: मेडिकल स्टोर संचालक के ठिकानों से 200 बोतल कोडीन सिरप बरामद, गिरफ्तार,, आवास, फ्लैट और कार से मिला अवैध नशीला जखीरा, वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका मेडिकल संचालक; NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज,, ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत STF, एएनटीएफ, औषधि विभाग और ज्वालापुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से मचा हड़कंप, सप्लाई चेन खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां,,

हरिद्वार में नशे के कारोबार पर STF का बड़ा प्रहार: मेडिकल स्टोर संचालक के ठिकानों से 200 बोतल कोडीन सिरप बरामद, गिरफ्तार,,
आवास, फ्लैट और कार से मिला अवैध नशीला जखीरा, वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका मेडिकल संचालक; NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज,,
‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत STF, एएनटीएफ, औषधि विभाग और ज्वालापुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से मचा हड़कंप, सप्लाई चेन खंगालने में जुटी जांच एजेंसियां,,
हरिद्वार। उत्तराखंड में नशे के कारोबार के खिलाफ चल रहे “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF), एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), औषधि विभाग और ज्वालापुर पुलिस ने हरिद्वार में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया है। संयुक्त टीम ने आरोपी के आवास, फ्लैट और कार की तलाशी के दौरान 200 बोतल कोडीन युक्त नशीला सिरप बरामद किया। आरोपी के पास न तो इन दवाओं के भंडारण का कोई वैध लाइसेंस था और न ही कोई अभिलेख, जिसके बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के अंतर्गत पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के नेतृत्व में चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत की गई। लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर एसटीएफ और औषधि विभाग की संयुक्त टीम हरिद्वार क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों की निगरानी और निरीक्षण कर रही थी।
इसी दौरान गोपनीय सूचना मिली कि सराय गांव स्थित वैभव मेडिकल स्टोर का संचालक आकाश छाबड़ा अपने आवास पर बड़ी मात्रा में कोडीन युक्त सिरप का अवैध भंडारण कर रहा है और नशे के आदी लोगों को फुटकर में बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ, औषधि विभाग और थाना ज्वालापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल दबिश दी।
संयुक्त टीम ने आरोपी के आर्य नगर स्थित आवास, फ्लैट तथा उसकी वैगनआर कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान दो पेटियों में रखी 200 बोतल कोडीन युक्त सिरप बरामद हुई। जब टीम ने इन दवाओं के खरीद, बिक्री और भंडारण से संबंधित लाइसेंस तथा अभिलेख मांगे तो आरोपी कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कोडीन युक्त सिरप को नशा करने वाले लोगों को अवैध रूप से बेचता था और इससे मोटी कमाई करता था। इसके बाद पुलिस ने आकाश छाबड़ा पुत्र सुरेश छाबड़ा (23 वर्ष), निवासी आर्य नगर, थाना ज्वालापुर, जनपद हरिद्वार को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने नशीले सिरप की आपूर्ति करने वाले कुछ व्यक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। अब जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की पड़ताल कर रही हैं। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
बरामदगी में 200 बोतल कोडीन युक्त सिरप के अलावा आरोपी की एक वैगनआर कार भी कब्जे में ली गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि नशीले सिरप की खेप कहां से लाई जाती थी, किन लोगों तक इसकी सप्लाई होती थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एसटीएफ का कहना है कि उत्तराखंड में नशा तस्करों और अवैध रूप से नशीली दवाओं का कारोबार करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी व्यक्ति को कानून से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेष रूप से मेडिकल स्टोरों के माध्यम से संचालित हो रहे अवैध कारोबार पर एजेंसियों की पैनी नजर बनी हुई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने आमजन से भी अपील की है कि नशे से दूर रहें और किसी भी प्रकार के लालच में आकर नशा तस्करी या अवैध दवा कारोबार का हिस्सा न बनें। यदि कहीं भी नशा तस्करी, अवैध नशीली दवाओं के भंडारण या बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल निकटतम पुलिस थाने अथवा एसटीएफ/एएनटीएफ को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
इस संयुक्त कार्रवाई में निरीक्षक यादविंदर सिंह बाजवा, औषधि निरीक्षक विनोद जगूड़ी, औषधि निरीक्षक हरीश सिंह, उपनिरीक्षक दीपक मैठाणी, उपनिरीक्षक समीप पांडे, मुख्य आरक्षी संदेश, आरक्षी रवि पंत, आरक्षी दीपक चंदोला, आरक्षी दीपक नेगी, आरक्षी प्रशांत चौहान तथा महिला आरक्षी सुल्ताना शामिल रहे। संयुक्त टीम की इस कार्रवाई को उत्तराखंड में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।



