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पिरान कलियर में सरकारी बोर्डों से छेड़छाड़ पर बवाल! विकास कार्यों के बोर्ड तोड़े, नामों पर पोता काला रंग, सभासद ने उठाए गंभीर सवाल,, वार्ड-1 के सभासद अमजद अली ने कोतवाली में दी तहरीर, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग,, तीन से चार सरकारी सूचना बोर्डों के साथ तोड़फोड़ का आरोप; विकास कार्यों की जानकारी मिटाने की साजिश या राजनीतिक द्वेष? जांच की मांग तेज

पिरान कलियर में सरकारी बोर्डों से छेड़छाड़ पर बवाल! विकास कार्यों के बोर्ड तोड़े, नामों पर पोता काला रंग, सभासद ने उठाए गंभीर सवाल,,

वार्ड-1 के सभासद अमजद अली ने कोतवाली में दी तहरीर, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग,,

तीन से चार सरकारी सूचना बोर्डों के साथ तोड़फोड़ का आरोप; विकास कार्यों की जानकारी मिटाने की साजिश या राजनीतिक द्वेष? जांच की मांग तेज

इन्तजार रज़ा, पिरान कलियर…पिरान कलियर नगर पंचायत क्षेत्र में सरकारी संपत्तियों से छेड़छाड़ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वार्ड नंबर-1 के सभासद अमजद अली ने इस मामले को लेकर कोतवाली पिरान कलियर में लिखित शिकायत देकर अज्ञात लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नगर पंचायत द्वारा कराए गए विकास कार्यों के बाद लगाए गए सरकारी सूचना बोर्डों को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया जा रहा है तथा उन पर दर्ज नामों को मिटाने का प्रयास किया गया है।

सभासद अमजद अली द्वारा कोतवाली प्रभारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि वार्ड नंबर-1 में नगर पंचायत की ओर से विभिन्न सड़क निर्माण कार्य कराए गए थे। इन विकास कार्यों की जानकारी देने के लिए संबंधित स्थानों पर सरकारी बोर्ड लगाए गए थे, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने इन बोर्डों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। आरोप है कि कई बोर्डों को तोड़ दिया गया, जबकि कुछ पर लिखे गए नामों को काले रंग या अन्य माध्यमों से मिटाने की कोशिश की गई।

शिकायत के अनुसार वार्ड क्षेत्र में कम से कम तीन से चार सरकारी बोर्डों के साथ इस प्रकार की छेड़छाड़ की गई है। इन बोर्डों पर नगर पंचायत द्वारा कराए गए विकास कार्यों का विवरण, संबंधित जनप्रतिनिधियों के नाम और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज थी। बोर्डों के क्षतिग्रस्त होने से आम जनता तक विकास कार्यों की सही जानकारी पहुंचने में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।

सभासद अमजद अली ने सवाल उठाया है कि आखिर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के पीछे किसका हाथ है। उनका कहना है कि यह केवल बोर्ड तोड़ने का मामला नहीं बल्कि सरकारी कार्यों में व्यवधान डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर मामला है। यदि समय रहते ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में अन्य सरकारी संपत्तियां भी निशाने पर आ सकती हैं।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि घटनास्थलों का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से दोषियों की पहचान की जाए। साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सरकारी संपत्तियों के साथ छेड़छाड़ करने का साहस न कर सके।

मामला सामने आने के बाद नगर पंचायत क्षेत्र में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों से जुड़े सरकारी बोर्ड जनता को जानकारी देने का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं और इनके साथ तोड़फोड़ करना सीधे तौर पर सार्वजनिक हित को नुकसान पहुंचाना है।

अब सभी की निगाहें पिरान कलियर पुलिस पर टिकी हैं। देखना होगा कि पुलिस इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाती है और सरकारी बोर्डों से छेड़छाड़ करने वाले अज्ञात लोगों तक कब पहुंच पाती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल तोड़फोड़ का नहीं बल्कि सरकारी व्यवस्था को चुनौती देने का भी माना जाएगा।

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