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‘गड्ढों’ की कहानी का क्लाइमेक्स शुरू! डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर सड़कों पर उतरी टीम NH-334A के पदार्था क्षेत्र में रात-दिन पैचवर्क और डामरीकरण—15 अक्टूबर की डेडलाइन से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने की कवायद तेज

‘गड्ढों’ की कहानी का क्लाइमेक्स शुरू! डीएम मयूर दीक्षित के निर्देश पर सड़कों पर उतरी टीम

NH-334A के पदार्था क्षेत्र में रात-दिन पैचवर्क और डामरीकरण—15 अक्टूबर की डेडलाइन से पहले सड़कों को गड्ढामुक्त करने की कवायद तेज

हरिद्वार, 03 अक्टूबर 2026। लंबे समय से सड़क पर दिखाई दे रहे गड्ढों की कहानी अब धीरे-धीरे अपने क्लाइमेक्स की ओर बढ़ रही है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने सड़क सुधार अभियान तेज कर दिया है। NH-334A के पदार्था क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हिस्सों पर पैचवर्क और डामरीकरण का काम दिन-रात जारी है।

सड़क पर जहां गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, उन्हें चिन्हित किया जा रहा है और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जा रही है। विभागीय मशीनरी और कर्मचारी लगातार मौके पर जुटे हुए हैं। अधिकारियों की निगरानी में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य निर्धारित समयसीमा में सड़कों को बेहतर स्थिति में लाना है।

डीएम का निर्देश और सड़क पर शुरू हुआ ‘एक्शन’

सड़कों की स्थिति को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। सड़कें निर्धारित समयसीमा में गड्ढामुक्त हों और कार्य की गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने क्षतिग्रस्त स्थानों का चिन्हांकन कर मरम्मत का काम तेज किया। अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग रुड़की सुरेश तोमर के अनुसार, NH-334A के पदार्था क्षेत्र में मरम्मत, पैचवर्क और डामरीकरण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।

काम की रफ्तार पर नजर रखने के लिए विभागीय अधिकारी और कर्मचारी लगातार मौके का निरीक्षण कर रहे हैं। यानी सड़क सुधार अभियान अब सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई दे रहा है।

एक-एक गड्ढे की पहचान, फिर मरम्मत की बारी

अभियान के तहत पहले क्षतिग्रस्त और गड्ढायुक्त स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है। इसके बाद उनकी स्थिति के अनुसार पैचवर्क अथवा डामरीकरण कराया जा रहा है।

प्रशासन का उद्देश्य केवल सड़क के गड्ढे भरना नहीं, बल्कि यातायात के लिए सड़क को सुरक्षित और सुगम बनाना है। इसी कारण अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

श्रद्धालुओं की राह भी होगी आसान

हरिद्वार में रोजाना बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों के साथ श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सड़कों की स्थिति बेहतर होने से आम लोगों के साथ बाहर से आने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।

बेहतर सड़कें यातायात को सुचारु बनाने में मदद करेंगी। गड्ढों के कारण वाहन चालकों को होने वाली परेशानी कम होगी और सड़क सुरक्षा की दृष्टि से भी स्थिति में सुधार आएगा।

15 अक्टूबर—अभियान की अहम डेडलाइन

मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश की सड़कों को 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हरिद्वार में भी सड़क सुधार कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

अब विभागों के सामने चुनौती तय समयसीमा के भीतर अधिक से अधिक सड़कों की मरम्मत पूरी करने की है। जिला प्रशासन की ओर से कार्य की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

अब जनता को इंतजार नतीजे का

सड़क पर शुरू हुआ मरम्मत अभियान फिलहाल रफ्तार पकड़ चुका है। NH-334A के पदार्था क्षेत्र में चल रहे पैचवर्क और डामरीकरण के बाद लोगों को बेहतर आवागमन की उम्मीद है।

अब इस पूरी कहानी का अगला दृश्य 15 अक्टूबर को सामने आएगा—जब तय समयसीमा तक सड़कों को कितना बेहतर बनाया गया, यह तस्वीर साफ होगी। फिलहाल प्रशासन की कोशिश यही है कि हरिद्वार की सड़कें गड्ढों से मुक्त हों और आम जनता का सफर सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बने।

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