SIR के बाद उत्तराखंड में वोटरों की फाइनल ‘फिल्म’ रिलीज! 71.58 लाख मतदाताओं के नाम, 1.04 लाख नाम हटे…. दावों-आपत्तियों के बाद 3 अक्टूबर को जारी हुई अंतिम मतदाता सूची—1.29 लाख नए मतदाता जुड़े, छूटे योग्य नागरिक अब Form-6 से करा सकेंगे नाम दर्ज

SIR के बाद उत्तराखंड में वोटरों की फाइनल ‘फिल्म’ रिलीज! 71.58 लाख मतदाताओं के नाम, 1.04 लाख नाम हटे….
दावों-आपत्तियों के बाद 3 अक्टूबर को जारी हुई अंतिम मतदाता सूची—1.29 लाख नए मतदाता जुड़े, छूटे योग्य नागरिक अब Form-6 से करा सकेंगे नाम दर्ज

देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आखिरकार 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। महीनों तक चले सत्यापन, गणना फार्म, दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद राज्य में अब कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने अंतिम सूची के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि इनमें 37,37,701 पुरुष, 34,21,036 महिलाएं और 212 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
79.60 लाख से शुरू हुआ सफर, ड्राफ्ट में घटकर 71.33 लाख और फाइनल में फिर बढ़ा आंकड़ा
SIR अभियान की शुरुआत 8 जून 2026 को हुई थी। उस समय राज्य की मतदाता सूची में कुल 79,60,762 मतदाता दर्ज थे। गणना फार्म के वितरण और उनके संग्रह के बाद 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें मतदाताओं की संख्या घटकर 71,33,785 रह गई थी।
इसके बाद निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को अपने नाम को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया। 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे-आपत्तियां प्राप्त की गईं, जबकि 13 अगस्त से 28 सितंबर तक इनके निस्तारण की प्रक्रिया चली। इसी प्रक्रिया के बाद अब 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया है।
अंतिम सूची में ड्राफ्ट की तुलना में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। दावे और आपत्तियों के निस्तारण के दौरान 1,29,872 नए मतदाताओं को सूची में जोड़ा गया, जबकि 1,04,708 नाम नियमानुसार हटाए गए।
महिलाओं की संख्या 34.21 लाख, 18-19 उम्र के 72 हजार से ज्यादा युवा भी शामिल
अंतिम मतदाता सूची में महिलाओं की संख्या 34,21,036 है, जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या 37,37,701 है। वहीं 212 थर्ड जेंडर मतदाता भी अंतिम सूची का हिस्सा हैं।
युवा मतदाताओं की तस्वीर भी सूची में सामने आई है। 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 72,656 मतदाता अंतिम सूची में शामिल हैं। वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु के 1,22,892 मतदाता भी सूची में दर्ज हैं।
प्रदेश में वर्तमान में कुल 12,543 मतदेय स्थल हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद भी पात्र नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया बंद नहीं हुई है।
नाम छूट गया है तो रास्ता खुला—Form-6 भरिए, BLO तक पहुंचिए
SIR की अंतिम सूची में नाम शामिल नहीं हो पाने वाले पात्र नागरिकों के लिए निर्वाचन विभाग ने आगे भी आवेदन का रास्ता खुला रखा है। ऐसे नागरिक Form-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन ECI Net App के माध्यम से किया जा सकता है, जबकि ऑफलाइन आवेदन के लिए संबंधित BLO (Booth Level Officer) से संपर्क किया जा सकता है।
निर्वाचन विभाग अब ऐसे लोगों को भी चिन्हित करने की तैयारी में है जो किसी कारणवश पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सूची में शामिल नहीं हो पाए। अधिकारियों के अनुसार BLO घर-घर जाकर छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान करेंगे। इसके अलावा नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनियों और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप लगाए जाने की भी व्यवस्था की जाएगी।
घर बैठे ऐसे चेक करें अपना नाम
अंतिम मतदाता सूची में नाम देखने के लिए मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना विवरण जांच सकते हैं। इसके अलावा उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी मतदाता सूची उपलब्ध कराई गई है।
मतदाता अपने क्षेत्र के District Election Officer (DIO), Electoral Registration Officer (ERO) कार्यालय अथवा संबंधित BLO से भी अंतिम सूची की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
निर्वाचन विभाग का संदेश साफ है—मतदाता सूची में नाम है या नहीं, इसे लेकर किसी भ्रम में न रहें। अंतिम सूची में अपना नाम जरूर जांचें। खासतौर पर उन लोगों को अपनी स्थिति जांचनी चाहिए जिन्होंने SIR के दौरान अपना गणना फार्म जमा किया था या दावे-आपत्तियों के तहत आवेदन किया था।
SIR की पूरी प्रक्रिया के बाद जारी हुई यह अंतिम सूची उत्तराखंड के आगामी चुनावी रिकॉर्ड के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है। हालांकि, अंतिम प्रकाशन के बाद भी पात्र नागरिकों के लिए नाम जोड़ने और आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया जारी रहेगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अनुसार, जिन योग्य नागरिकों का नाम अभी भी मतदाता सूची में नहीं जुड़ पाया है, वे Form-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और उसे मतदान के अपने अधिकार के लिए आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी और सुविधा उपलब्ध हो।



