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दून संभाग में वाहन का रंग बदलना अब आसान नहीं,, परिवहन विभाग की सख्ती, बिना अनुमति नहीं बदलेगा वाहन का रंग,, देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी में लागू हुए नए नियम

इन्तजार रजा हरिद्वार- दून संभाग में वाहन का रंग बदलना अब आसान नहीं,,

परिवहन विभाग की सख्ती, बिना अनुमति नहीं बदलेगा वाहन का रंग,,

देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी में लागू हुए नए नियम

देहरादून। दून संभाग में अब किसी भी वाहन का रंग बदलना पहले की तरह आसान नहीं रहेगा। परिवहन विभाग ने इस प्रक्रिया को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। अब वाहन मालिक बिना विभागीय अनुमति के अपने वाहन का रंग नहीं बदल सकेंगे। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वाहन के रंग में बदलाव से जुड़े मामलों में कई बार नियमों का पालन नहीं किया जाता था, जिससे वाहन की पहचान और रिकॉर्ड में गड़बड़ी की स्थिति पैदा हो जाती थी। इसी को देखते हुए अब नई प्रक्रिया तय की गई है।

यह नई व्यवस्था दून संभाग के चार जिलों देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी में लागू कर दी गई है। विभाग का कहना है कि वाहन का रंग बदलने से पहले निर्धारित औपचारिकताओं को पूरा करना अनिवार्य होगा।


रंग बदलने के लिए तय की गई नई प्रक्रिया

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी वाहन का रंग बदलने के लिए पहले संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) से अनुमति लेनी होगी।

वाहन मालिक को सबसे पहले विभाग की वेबसाइट या आरटीओ कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी), पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।

इसके बाद परिवहन विभाग द्वारा वाहन के विवरण की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही वाहन के रंग में बदलाव की अनुमति दी जाएगी।

अनुमति मिलने के बाद वाहन मालिक निर्धारित रंग में बदलाव करा सकता है। रंग बदलने के बाद वाहन को दोबारा आरटीओ कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा, जहां अधिकारी वाहन का निरीक्षण करेंगे और उसके बाद आरसी में नया रंग दर्ज किया जाएगा।

परिवहन विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया इसलिए लागू की गई है ताकि वाहन के रिकॉर्ड में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना खत्म हो सके।


बिना अनुमति रंग बदलने पर हो सकती है कार्रवाई

परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के वाहन का रंग बदलता है तो यह मोटर वाहन अधिनियम के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

ऐसी स्थिति में वाहन मालिक पर जुर्माना लगाया जा सकता है और वाहन को जब्त करने तक की कार्रवाई भी हो सकती है।

अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में वाहन का रंग बदलने के बाद उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है, जिससे कानून-व्यवस्था और जांच से जुड़े मामलों में दिक्कत आती है।

नई व्यवस्था लागू होने से पुलिस और परिवहन विभाग को वाहनों की पहचान करने में आसानी होगी। साथ ही अपराध से जुड़े मामलों में भी वाहन का सही रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।


चार जिलों में लागू हुए नए दिशा-निर्देश

परिवहन विभाग द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देश दून संभाग के चार जिलों देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और उत्तरकाशी में लागू कर दिए गए हैं।

आरटीओ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वाहन के रंग परिवर्तन से जुड़े मामलों में पूरी सावधानी बरतें और बिना निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए किसी भी वाहन का रंग परिवर्तन दर्ज न करें।

इसके अलावा वाहन मालिकों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे नियमों का पालन करते हुए ही अपने वाहन का रंग बदलें।

परिवहन विभाग का कहना है कि आने वाले समय में इस प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल बनाने की भी योजना है, ताकि वाहन मालिक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकें और उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।


व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता और सुरक्षा

परिवहन विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से वाहन से जुड़े रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी होंगे और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।

अधिकारियों के अनुसार कई बार चोरी या अपराध में इस्तेमाल किए गए वाहनों का रंग बदल दिया जाता है, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। नई प्रक्रिया से इस तरह की गतिविधियों पर भी रोक लगेगी।

इसके साथ ही वाहन मालिकों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने वाहन से संबंधित किसी भी बदलाव की जानकारी समय पर परिवहन विभाग को दें।

दून संभाग में लागू किए गए ये नए नियम आने वाले समय में पूरे प्रदेश में भी लागू किए जा सकते हैं। फिलहाल परिवहन विभाग इस व्यवस्था के प्रभाव का आकलन कर रहा है और जरूरत पड़ने पर इसमें और सुधार भी किए जाएंगे।

परिवहन विभाग की इस सख्ती का उद्देश्य वाहन रिकॉर्ड को सटीक रखना, कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना और वाहन पहचान प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।

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