हरिद्वार यूनिवर्सिटी में “फार्मा अन्वेषण” का भव्य आयोजन,, ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने छात्रों की प्रदर्शनी की सराहना की,, फार्मेसी के मॉडल और प्रोजेक्ट ने दिखाया शोध और नवाचार का दम

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार यूनिवर्सिटी में “फार्मा अन्वेषण” का भव्य आयोजन,,
ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने छात्रों की प्रदर्शनी की सराहना की,,
फार्मेसी के मॉडल और प्रोजेक्ट ने दिखाया शोध और नवाचार का दम

हरिद्वार। उत्तराखंड के शिक्षा क्षेत्र में लगातार हो रहे नवाचारों के बीच हरिद्वार यूनिवर्सिटी में फार्मेसी विभाग की ओर से “फार्मा अन्वेषण” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने फार्मेसी और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर आकर्षक मॉडल, प्रोजेक्ट और शोध प्रस्तुत किए। छात्रों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को देखकर कार्यक्रम में मौजूद अतिथि और शिक्षक काफी प्रभावित हुए।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती रहीं। उन्होंने प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए छात्रों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों और प्रोजेक्ट्स की सराहना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए-नए विचारों को सामने लाने का बेहतरीन मंच प्रदान करते हैं।
फार्मेसी के क्षेत्र में नवाचार और शोध की अपार संभावनाएं
मुख्य अतिथि अनीता भारती ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि फार्मेसी का क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना जाता है। दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने में फार्मेसी विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में फार्मास्यूटिकल सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें शोध व नवाचार की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि युवा पीढ़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़े तो वे न केवल अपने करियर में सफलता हासिल कर सकते हैं बल्कि देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को भी नई दिशा दे सकते हैं। अनीता भारती ने कहा कि फार्मेसी के छात्र भविष्य में ड्रग्स निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, दवा सुरक्षा और नई औषधियों के विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान देकर समाज की बड़ी सेवा कर सकते हैं।
छात्रों ने प्रस्तुत किए दवाओं और स्वास्थ्य से जुड़े आकर्षक मॉडल
कार्यक्रम के दौरान फार्मेसी विभाग के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर आधारित मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। इनमें दवाओं के निर्माण की प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, ड्रग्स सेफ्टी, हर्बल मेडिसिन, आधुनिक फार्मास्यूटिकल तकनीक और दवाओं के प्रभाव जैसे विषय प्रमुख रहे।
छात्रों ने अपने मॉडलों के माध्यम से यह बताया कि दवाएं किस प्रकार तैयार की जाती हैं, उनकी गुणवत्ता किस तरह जांची जाती है और किस प्रकार यह सुनिश्चित किया जाता है कि दवाएं मरीजों के लिए सुरक्षित हों। कई छात्रों ने हर्बल मेडिसिन और प्राकृतिक औषधियों पर आधारित मॉडल भी प्रस्तुत किए, जिनमें पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और आधुनिक विज्ञान के समन्वय को दर्शाया गया।
प्रदर्शनी में छात्रों की वैज्ञानिक सोच, शोध क्षमता और रचनात्मकता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। अतिथियों और शिक्षकों ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है और उनकी सोच को नई दिशा मिलती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने की छात्रों की सराहना
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सीए एस० के० गुप्ता ने भी छात्रों की मेहनत और रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल सैद्धांतिक शिक्षा देना नहीं बल्कि छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और शोध की दिशा में आगे बढ़ाना भी है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपने ज्ञान को व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फार्मेसी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में प्रशिक्षित और कुशल युवाओं की देश को बहुत आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि अनीता भारती ने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि युवा पीढ़ी ही देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष नमन बंसल, पीवीसी आदेश आर्य, रजिस्ट्रार सुमित चौधरी, प्रोफेसर देवदत्त, प्रो० संदीप दरबारी, असिस्टेंट प्रो० विशाल बालियान, फरहान उस्मानी, प्रशांत राय, साक्षी महलोत्रा, सुमिता मनहास, शालिनी शर्मा सहित विश्वविद्यालय के कई शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम में छात्रों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ भाग लिया, जिससे “फार्मा अन्वेषण” कार्यक्रम यादगार बन गया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि अगर छात्रों को सही मंच और मार्गदर्शन मिले तो वे अपनी प्रतिभा और नवाचार से समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।



