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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा हड़कंप,, पुष्पक गैस सर्विस को पूर्ति विभाग का कारण बताओ नोटिस,, दो दिन में जवाब नहीं दिया तो हो सकती है सख्त विभागीय कार्रवाई

इन्तजार रजा हरिद्वार- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मचा हड़कंप,,

पुष्पक गैस सर्विस को पूर्ति विभाग का कारण बताओ नोटिस,,

दो दिन में जवाब नहीं दिया तो हो सकती है सख्त विभागीय कार्रवाई

हरिद्वार, 15 मार्च 2026।
धर्मनगरी हरिद्वार में एलपीजी गैस वितरण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक वीडियो क्लिप के बाद पूर्ति विभाग हरकत में आ गया है। वायरल वीडियो में गैस सिलेंडरों के साथ संदिग्ध तरीके से छेड़छाड़ करते हुए कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्ति निरीक्षक कनखल ने मै० पुष्पक गैस सर्विस (बीपीसीएल) को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। विभाग ने एजेंसी को दो दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन का कहना है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो एजेंसी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस कार्रवाई से गैस एजेंसियों में भी हलचल मच गई है और पूरे मामले पर अब प्रशासन की कड़ी निगरानी बनी हुई है।


वायरल वीडियो ने खड़े किए गैस वितरण पर सवाल

पूर्ति निरीक्षक कनखल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और फेसबुक पर एक लगभग 40 सेकंड की वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है। इस वीडियो में एक वाहन दिखाई दे रहा है जिस पर “पुष्पक गैस एजेंसी, हरिद्वार (भारत गैस)” लिखा हुआ है। वाहन का नंबर UK08-CA-6013 बताया गया है।

वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति वाहन के अंदर खड़ा होकर गैस सिलेंडरों के साथ छेड़छाड़ करता हुआ नजर आ रहा है। वहीं दूसरा व्यक्ति वाहन को चला रहा है। जब वहां मौजूद लोगों ने उनसे पूछताछ करने की कोशिश की तो वाहन चालक मौके से वाहन लेकर निकल गया।

वीडियो सामने आने के बाद लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई लोगों ने आशंका जताई कि कहीं सिलेंडरों से गैस निकालकर अवैध रूप से बिक्री या कालाबाजारी तो नहीं की जा रही है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक इस संबंध में अंतिम पुष्टि नहीं की है, लेकिन वीडियो को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


पूर्ति विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

मामले की जानकारी मिलते ही पूर्ति निरीक्षक कनखल ने संबंधित गैस एजेंसी मै० पुष्पक गैस सर्विस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में एजेंसी से पूछा गया है कि आखिरकार उनके वाहन में इस प्रकार की गतिविधि क्यों हो रही थी और एजेंसी ने इस पर निगरानी क्यों नहीं रखी।

पूर्ति निरीक्षक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि विभाग द्वारा समय-समय पर गैस एजेंसियों के साथ बैठकें आयोजित की जाती हैं। इन बैठकों के माध्यम से एजेंसियों को गैस वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचने के लिए निर्देश दिए जाते हैं।

इसके अलावा व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य माध्यमों से भी लगातार दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं ताकि गैस वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। इसके बावजूद यदि किसी एजेंसी के वाहन में इस तरह की गतिविधि सामने आती है तो यह गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।


दो दिन में जवाब देने के निर्देश

पूर्ति विभाग ने एजेंसी को निर्देशित किया है कि इस पूरे मामले में अपना स्पष्ट स्पष्टीकरण दो दिन के भीतर जिला पूर्ति अधिकारी, हरिद्वार के कार्यालय में प्रस्तुत करें। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर एजेंसी द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो विभाग द्वारा आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय कार्रवाई के तहत एजेंसी के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं, जिनमें लाइसेंस संबंधी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। यही कारण है कि इस नोटिस के बाद गैस एजेंसियों के बीच भी हलचल बढ़ गई है।


प्रशासन गैस आपूर्ति पर रख रहा कड़ी नजर

गौरतलब है कि हाल के दिनों में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति और कालाबाजारी को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद में गैस एजेंसियों की निगरानी भी बढ़ाई गई है और अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर समय पर और सही तरीके से उपलब्ध हों तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता न हो।

पूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी गैस एजेंसी या उसके वाहन से संबंधित अनियमितता सामने आती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।


जनता की निगरानी से सामने आ रही अनियमितताएं

इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि सोशल मीडिया के माध्यम से ही यह वीडियो सामने आया। इससे यह स्पष्ट होता है कि आम लोग भी अब ऐसी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और उन्हें उजागर करने में भूमिका निभा रहे हैं।

प्रशासन का मानना है कि जनता की सक्रिय भागीदारी से ही गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा सकता है। यही कारण है कि प्रशासन लगातार लोगों से सहयोग की अपील कर रहा है।


कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

पूर्ति विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि गैस वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर शुरू हुई इस कार्रवाई को प्रशासन गैस एजेंसियों के लिए एक चेतावनी के रूप में भी देख रहा है।

यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि मै० पुष्पक गैस सर्विस इस नोटिस का क्या जवाब देती है और विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।

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