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चारधाम यात्रा 2026: हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, एक दिन में 5265 यात्रियों ने कराया पंजीकरण,, ऋषिकुल मैदान बना आस्था का केंद्र, चारों धामों के लिए लगातार बढ़ रही भीड़,, अब तक 48,524 श्रद्धालु करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन, यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

इन्तजार रजा हरिद्वार- चारधाम यात्रा 2026: हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, एक दिन में 5265 यात्रियों ने कराया पंजीकरण,,

ऋषिकुल मैदान बना आस्था का केंद्र, चारों धामों के लिए लगातार बढ़ रही भीड़,,

अब तक 48,524 श्रद्धालु करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन, यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

हरिद्वार, 03 मई 2026।
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा ने अब पूरी तरह गति पकड़ ली है। हरिद्वार स्थित ऋषिकुल मैदान में बनाए गए यात्री पंजीकरण केंद्र पर रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। आस्था और उत्साह से भरे देशभर के यात्रियों ने बड़ी संख्या में पंजीकरण कराकर अपनी यात्रा की शुरुआत सुनिश्चित की।

रविवार को कुल 5265 यात्रियों ने चारधाम यात्रा के लिए अपना पंजीकरण कराया। अलग-अलग धामों के लिए पंजीकरण का आंकड़ा भी आस्था की दिशा को स्पष्ट करता है।
यमुनोत्री धाम के लिए 1025 यात्रियों ने पंजीकरण कराया, जबकि गंगोत्री धाम के लिए 1042 श्रद्धालु आगे आए। सबसे अधिक आकर्षण केदारनाथ धाम के प्रति देखने को मिला, जहां 1643 यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराया। वहीं बद्रीनाथ धाम के लिए 1555 यात्रियों ने अपनी यात्रा सुनिश्चित की। इस दिन हेमकुंड साहिब के लिए कोई पंजीकरण नहीं हुआ।

ऋषिकुल मैदान का यह पंजीकरण केंद्र इन दिनों पूरी तरह से आस्था का केंद्र बना हुआ है। सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु अपने क्रम का इंतजार करते नजर आए। प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए किए गए बेहतर इंतजामों के चलते पंजीकरण प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो रही है।

गौरतलब है कि इस केंद्र से अब तक कुल 48,524 यात्रियों का पंजीकरण किया जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि चारधाम यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से आ रहे यात्री उत्तराखंड की इस पवित्र यात्रा में भाग लेकर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं।

प्रशासन भी इस बढ़ती भीड़ को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है। यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, ट्रैफिक व्यवस्था और मार्गदर्शन के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। साथ ही, यात्रा मार्गों पर भी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

चारधाम यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और संस्कृति का अद्भुत संगम है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरते हैं। इस बार भी शुरुआती आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि यात्रा पिछले वर्षों के रिकॉर्ड को पार कर सकती है।

जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में रौनक बढ़ गई है। आने वाले दिनों में यह संख्या और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, जिससे चारधाम यात्रा 2026 एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकती है।

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