ऑपरेशन रिकवरी का धमाका: SSP नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में सिडकुल पुलिस ने 152 मोबाइल बरामद कर फिर रचा इतिहास,, 🟦 ₹36 लाख की रिकवरी, 152 परिवारों के चेहरों पर लौटी मुस्कान,, 🟩 CEIR पोर्टल बना वरदान और डिजिटल हथियार’, पुलिस की मेहनत लाई रंग,, देशभर से ट्रेस हुए मोबाइल,, 👮♂️ करीब 07 महीने में सिडकुल पुलिस की चौथी बड़ी सफलता,अब तक 1.5 करोड़ से ज्यादा की रिकवरी
SSP नवनीत सिंह भुल्लर की अगुवाई में पुलिसिंग का नया चेहरा: सिडकुल पुलिस “जन-केंद्रित पुलिसिंग” का एक बेहतरीन उदाहरण,, 152 मोबाइल की यह रिकवरी सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि 152 कहानियां हैं—खुशी की, भरोसे की और उम्मीद की… जिन्हें हरिद्वार पुलिस ने फिर से जीवंत कर दिया

इन्तजार रजा हरिद्वार 🔴 ऑपरेशन रिकवरी का धमाका: SSP नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में सिडकुल पुलिस ने 152 मोबाइल बरामद कर फिर रचा इतिहास,,
🟦 ₹36 लाख की रिकवरी, 152 परिवारों के चेहरों पर लौटी मुस्कान,,
🟩 CEIR पोर्टल बना वरदान और डिजिटल हथियार’, पुलिस की मेहनत लाई रंग,, देशभर से ट्रेस हुए मोबाइल,,
👮♂️ करीब 07 महीने में सिडकुल पुलिस की चौथी बड़ी सफलता,अब तक 1.5 करोड़ से ज्यादा की रिकवरी
हरिद्वार से एक बेहद सुकून देने वाली और भरोसा जगाने वाली खबर सामने आई है, जहां सिडकुल थाना पुलिस ने “ऑपरेशन रिकवरी” के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 152 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत करीब ₹36 लाख आंकी गई है। इस शानदार उपलब्धि ने न सिर्फ पुलिस की कार्यकुशलता को साबित किया है, बल्कि आमजन के दिलों में भरोसे की नई रोशनी भी जगाई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान ने यह साबित कर दिया कि यदि पुलिस तकनीक और समर्पण के साथ काम करे तो असंभव भी संभव हो सकता है। जिन लोगों ने अपने मोबाइल खोने के बाद उम्मीद छोड़ दी थी, आज वही लोग अपने फोन वापस पाकर खुशी से झूम उठे। कई लोगों के लिए मोबाइल सिर्फ एक डिवाइस नहीं बल्कि उनकी यादों, जरूरी दस्तावेजों और जिंदगी का अहम हिस्सा होता है।
📱 CEIR पोर्टल बना ‘डिजिटल हथियार’, देशभर से ट्रेस हुए मोबाइल
इस पूरे ऑपरेशन में भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन द्वारा विकसित CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल ने अहम भूमिका निभाई। इस पोर्टल के माध्यम से खोए या चोरी हुए मोबाइल की जानकारी अपलोड की जाती है, जिसके बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियां उसे ट्रैक कर सकती हैं।
सिडकुल पुलिस ने इस पोर्टल का प्रभावी उपयोग करते हुए देश के अलग-अलग राज्यों तक मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की और वहां की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर मोबाइल बरामद किए। यह एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया होती है, लेकिन टीम की लगन और तकनीकी समझ ने इसे सफल बना दिया।
👮♂️ करीब 07 महीने में सिडकुल पुलिस की चौथी बड़ी सफलता,अब तक 1.5 करोड़ से ज्यादा की रिकवरी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पिछले 6 महीनों में यह चौथी बड़ी रिकवरी है। हर बार औसतन ₹35 से ₹40 लाख के मोबाइल बरामद किए जा रहे हैं। इस तरह सिडकुल थाना पुलिस ने केवल 6 महीनों में करीब ₹1.5 करोड़ से अधिक की मोबाइल रिकवरी कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
यह आंकड़ा सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों की खुशी का प्रतीक है, जिनकी उम्मीदें पुलिस ने फिर से जिंदा की हैं।
😊 “खो गया था भरोसा, पुलिस ने लौटाई उम्मीद”
मोबाइल मिलने के बाद लाभार्थियों की खुशी देखते ही बन रही थी। कई लोग ऐसे थे जिन्होंने महीनों पहले अपने मोबाइल खो दिए थे और उन्हें वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन जैसे ही पुलिस ने उन्हें बुलाकर उनके मोबाइल सौंपे, उनके चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी।
एक लाभार्थी ने कहा,
“हमें लगा था मोबाइल अब कभी नहीं मिलेगा, लेकिन पुलिस ने जो काम किया है वो काबिले-तारीफ है। यह हमारे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।”
🏭 सिडकुल क्षैत्र में ज्यादा चुनौती, फिर भी पुलिस रही सफल
सिडकुल क्षेत्र औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, जहां देशभर से हजारों लोग काम करने आते हैं। ऐसे में यहां मोबाइल गुम होने या चोरी होने की घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक होती हैं। कई बार कर्मचारी काम के दौरान या यात्रा में मोबाइल खो देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी होती है।
इन चुनौतियों के बावजूद सिडकुल थाना पुलिस ने अपनी सक्रियता और तकनीकी दक्षता से लगातार सफलता हासिल की है।
👨✈️ टीमवर्क और कां. विवेक के अनुभव का दिखा असर एसपी सिटी ने की भूरी-भूरी प्रसंशा
इस ऑपरेशन की सफलता के पीछे पुलिस टीम का सामूहिक प्रयास और अनुभव भी अहम रहा। विशेष रूप से टीम के सदस्य विवेक, जिनका एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) में काम करने का अनुभव रहा है, ने इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और भविष्य में भी इसी तरह काम करने की अपेक्षा जताई।
📢 हरिद्वार पुलिस की अपील: सावधानी रखें, तुरंत करें रिपोर्ट
हरिद्वार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि:
- यदि आपका मोबाइल खो जाए या चोरी हो जाए तो तुरंत CEIR पोर्टल पर जानकारी दर्ज करें।
- नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
- यदि कोई लावारिस मोबाइल मिले तो उसे खुद इस्तेमाल न करें, बल्कि पुलिस को सौंप दें।
पुलिस का कहना है कि तकनीक के इस दौर में मोबाइल हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, इसलिए उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी हमारी ही है।
🎯 आगे भी जारी रहेगा ऑपरेशन रिकवरी
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि “ऑपरेशन रिकवरी” आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य सिर्फ अपराधियों पर अंकुश लगाना नहीं, बल्कि आम जनता को राहत पहुंचाना भी है।

सिडकुल पुलिस की यह कार्रवाई “जन-केंद्रित पुलिसिंग” का एक बेहतरीन उदाहरण है। यह दिखाता है कि जब पुलिस संवेदनशीलता और तकनीक के साथ काम करती है, तो वह सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में खुशियां भी लौटा सकती है।
152 मोबाइल की यह रिकवरी सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि 152 कहानियां हैं—खुशी की, भरोसे की और उम्मीद की… जिन्हें हरिद्वार पुलिस ने फिर से जीवंत कर दिया।



