हरिद्वार में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त,, ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा, कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर होगी कड़ी कार्रवाई,, डीएम के निर्देश पर नोडल अधिकारी तैनात, संयुक्त टीम करेगी गैस एजेंसियों की निगरानी

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त,,
ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा, कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर होगी कड़ी कार्रवाई,,
डीएम के निर्देश पर नोडल अधिकारी तैनात, संयुक्त टीम करेगी गैस एजेंसियों की निगरानी

हरिद्वार, 15 मार्च 2026।
जनपद में घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रशासन का कहना है कि गैस गोदामों में पर्याप्त मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, लेकिन अत्यधिक फोन कॉल और बुकिंग की तकनीकी दिक्कतों के कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके चलते बड़ी संख्या में उपभोक्ता गैस एजेंसियों पर एकत्रित हो रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पैदा हो रही है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण फिंचा राम चौहान ने आदेश जारी करते हुए गैस वितरण प्रणाली को और अधिक व्यवस्थित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार गैस की बुकिंग को ऑनलाइन माध्यमों के जरिए करने के लिए उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग फोन, एमएमएस या मोबाइल एप के माध्यम से नहीं हो पा रही है, वही उपभोक्ता गैस एजेंसी में जाकर बुकिंग कर सकेंगे।
ऑनलाइन बुकिंग को दिया जाएगा बढ़ावा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए गैस एजेंसियों को ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था को मजबूत करना होगा। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं और घर बैठे ऑनलाइन या फोन के माध्यम से बुकिंग करें।
प्रशासन के अनुसार, ऑनलाइन बुकिंग में बढ़ोतरी से वितरण प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सकेगी और उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर मिल सकेगा। साथ ही इससे गैस एजेंसियों पर भीड़ कम होगी और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी नियंत्रित रहेगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी गैस एजेंसियां बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को डोर-टू-डोर गैस वितरण सुनिश्चित करेंगी। किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से गैस एजेंसी के चक्कर लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्त निगरानी
प्रशासन ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध संग्रहण और अवैध रिफिलिंग जैसी गतिविधियों पर भी सख्त रुख अपनाया है। इससे पहले जारी आदेश के तहत इन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए एक संयुक्त प्रवर्तन टीम गठित की जा चुकी है।
इस टीम में तहसीलदार, संबंधित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक (संयोजक), वरिष्ठ बाट-माप निरीक्षक और संबंधित थाना प्रभारी द्वारा नामित प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं। यह टीम समय-समय पर गैस एजेंसियों, गोदामों और संदिग्ध स्थानों पर निरीक्षण करेगी।
यदि कहीं भी गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग, जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो टीम तत्काल जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी।
41 गैस एजेंसियों पर तैनात किए गए नोडल अधिकारी
जनपद में गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत जनपद में संचालित 41 गैस एजेंसियों के अनुश्रवण और निरीक्षण के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
नियुक्त अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की गैस एजेंसियों का नियमित निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि गैस की बुकिंग निर्धारित एप, ऑनलाइन माध्यम या फोन के जरिए ही हो रही है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि जिन उपभोक्ताओं ने पहले से बुकिंग की है, उन्हें समय पर होम डिलीवरी मिल रही है या नहीं।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि गैस का वितरण “पहले आओ, पहले पाओ” के सिद्धांत पर ही किया जाए, ताकि किसी भी उपभोक्ता के साथ भेदभाव न हो।
ऑयल कंपनियों के साथ समन्वय से होगा समाधान
गैस आपूर्ति में किसी भी प्रकार की समस्या या बैकलॉग की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने संबंधित ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए हैं।
नोडल अधिकारी गैस एजेंसियों और ऑयल कंपनियों—आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल—के अधिकारियों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि गैस की आपूर्ति और वितरण में कोई बाधा न आए और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध हो सके।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी गैस एजेंसी द्वारा कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अवैध रिफिलिंग या वितरण में अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऐसी स्थिति में संबंधित गैस एजेंसी मालिक और संबंधित ऑयल कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
उपभोक्ताओं से भी की गई अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि गैस की कोई कमी नहीं है और गोदामों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसलिए उपभोक्ता घबराकर अनावश्यक रूप से गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं और ऑनलाइन बुकिंग का ही उपयोग करें।
प्रशासन को उम्मीद है कि इन कदमों से जनपद में गैस वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी तथा कालाबाजारी और जमाखोरी जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।



