अवैध खनन पर धामी सरकार का बड़ा एक्शन,, हरिद्वार–लक्सर क्षेत्र के 14 स्टोन क्रेशर सीज, 10 करोड़ से अधिक जुर्माने की तैयारी,, मुख्यमंत्री के निर्देश पर खनन विभाग का बड़ा छापा, ई-रवन्ना पोर्टल भी अस्थायी रूप से निलंबित

इन्तजार रजा हरिद्वार- अवैध खनन पर धामी सरकार का बड़ा एक्शन,,
हरिद्वार–लक्सर क्षेत्र के 14 स्टोन क्रेशर सीज, 10 करोड़ से अधिक जुर्माने की तैयारी,,
मुख्यमंत्री के निर्देश पर खनन विभाग का बड़ा छापा, ई-रवन्ना पोर्टल भी अस्थायी रूप से निलंबित
हरिद्वार/लक्सर, 17 मार्च।
उत्तराखंड में अवैध खनन और अवैध भंडारण के खिलाफ राज्य सरकार ने बड़ा अभियान छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय देहरादून की प्रवर्तन टीम ने हरिद्वार और लक्सर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 स्टोन क्रेशरों को सीज कर दिया। जांच के दौरान इन क्रेशरों में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर विभाग ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए उनके ई-रवन्ना पोर्टल को भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया।
प्रारंभिक जांच के आधार पर इन क्रेशरों पर लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई कार्रवाई
तहसील लक्सर और हरिद्वार क्षेत्र में स्थापित कई स्टोन क्रेशरों के खिलाफ लंबे समय से अवैध खनन और अवैध भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय देहरादून को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म की अध्यक्षता में एक विशेष प्रवर्तन दल गठित किया गया। इस दल ने 17 मार्च को हरिद्वार और लक्सर क्षेत्र में छापेमारी अभियान चलाया।
जांच के दौरान कई स्टोन क्रेशरों में नियमों का उल्लंघन और खनिज सामग्री के अवैध भंडारण की स्थिति पाई गई। इसके बाद टीम ने एमएमडीआर एक्ट 1957 की धारा 23-सी तथा उत्तराखंड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित क्रेशरों को सीज कर दिया।
इन 14 स्टोन क्रेशरों पर हुई कार्रवाई
प्रवर्तन दल की जांच में कुल 14 स्टोन क्रेशरों में अनियमितताएं सामने आईं, जिन पर तत्काल कार्रवाई की गई।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं —
- हाईवे कंस्ट्रक्शन एंड क्रेशर – ग्राम फतवा, तहसील लक्सर
- सिंह स्टोन क्रेशर – ग्राम फतवा, तहसील लक्सर
- किसान स्टोन क्रेशर – महतोली, तहसील लक्सर
- शुभ स्टोन क्रेशर – मुज्जफरपुर गुजरा, तहसील लक्सर
- सूर्या स्टोन क्रेशर – मुज्जफरपुर गुजरा, तहसील लक्सर
- तुलसी स्टोन क्रेशर – मुज्जफरपुर गुजरा महतोली, तहसील लक्सर
- नेशनल एसोसिएट्स – मुज्जफरपुर गुजरा, तहसील लक्सर
- लिमरा इंडस्ट्रीज – नेहंदपुर, तहसील लक्सर
- दून स्टोन क्रेशर – महतोली, तहसील लक्सर
- गणपति स्टोन क्रेशर – जवाहरखान उर्फ झीवरहेड़ी, तहसील लक्सर
- वानिया स्टोन क्रेशर – महतोली, तहसील लक्सर
- मां गंगा स्टोन क्रेशर – बाडीटीप, तहसील व जिला हरिद्वार
- अलकनन्दा स्टोन क्रेशर – बाडीटीप, तहसील व जिला हरिद्वार
- एस.एस. स्टोन क्रेशर – बाडीटीप, तहसील व जिला हरिद्वार
जांच के दौरान इन सभी इकाइयों की पैमाइश कर मौके पर ही सीज करने की कार्रवाई की गई।
10 करोड़ से अधिक जुर्माने की तैयारी
खनन विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर इन स्टोन क्रेशरों पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया जा सकता है।
फिलहाल विभागीय स्तर पर इस संबंध में विस्तृत जांच और दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित क्रेशर संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
ई-रवन्ना पोर्टल भी किया निलंबित
अवैध खनन और भंडारण की आशंका को देखते हुए विभाग ने संबंधित स्टोन क्रेशरों के ई-रवन्ना पोर्टल को भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।
ई-रवन्ना पोर्टल के माध्यम से खनिज सामग्री के परिवहन की अनुमति जारी की जाती है। इसके निलंबित होने से संबंधित क्रेशरों से किसी भी प्रकार का खनिज परिवहन फिलहाल नहीं हो सकेगा।
प्रवर्तन दल में शामिल रहे कई अधिकारी
इस बड़े अभियान में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
प्रवर्तन दल में मुख्य रूप से —
- उप निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय देहरादून
- खान अधिकारी, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय देहरादून
- जिला खान अधिकारी, हरिद्वार
- मानचित्रकार, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय देहरादून
- खान निरीक्षक, हरिद्वार
- सर्वेक्षक, खनन विभाग हरिद्वार
- सहायक खनिज प्रवेक्षक, हरिद्वार
उपस्थित रहे और उन्होंने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।
अवैध खनन पर सरकार सख्त
राज्य सरकार अवैध खनन और खनिज संसाधनों की लूट पर लगातार सख्त रुख अपना रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि भविष्य में भी किसी स्टोन क्रेशर या खनन इकाई में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उसके खिलाफ इसी तरह की कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खनन विभाग की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध खनन पर सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि सरकार खनन माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठाने के मूड में है और नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।


