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कांवड़ मेले में हरिद्वार पुलिस की संवेदनशील पहल: बिछुड़ी दिव्यांग महिला और मासूम बच्ची को चार दिन बाद परिजनों से मिलाया,, न सुन सकती थी, न बोल सकती थी और न ही पढ़-लिख सकती थी महिला; सोशल मीडिया और पुलिस टीमों की मदद से परिजनों तक पहुंची कनखल पुलिस,, वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखकर की देखभाल, ससुर के पहुंचते ही भावुक हुआ मिलन; इशारों में महिला ने जताया पुलिस का आभार,,

कांवड़ मेले में हरिद्वार पुलिस की संवेदनशील पहल: बिछुड़ी दिव्यांग महिला और मासूम बच्ची को चार दिन बाद परिजनों से मिलाया,,

न सुन सकती थी, न बोल सकती थी और न ही पढ़-लिख सकती थी महिला; सोशल मीडिया और पुलिस टीमों की मदद से परिजनों तक पहुंची कनखल पुलिस,,

वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखकर की देखभाल, ससुर के पहुंचते ही भावुक हुआ मिलन; इशारों में महिला ने जताया पुलिस का आभार,,

हरिद्वार। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान कोतवाली कनखल पुलिस ने संवेदनशीलता और मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए एक दिव्यांग महिला और उसकी दो वर्षीय बच्ची को चार दिन की कड़ी मशक्कत के बाद उनके परिजनों से मिलवा दिया।

जानकारी के अनुसार, 1 अगस्त को शंकराचार्य चौक के पास एक महिला अपनी दो वर्षीय बच्ची के साथ रोती हुई मिली। महिला कांवड़ लेने हरिद्वार आई थी, लेकिन भीड़ में अपने पति से बिछुड़ गई थी। महिला न सुन सकती थी, न बोल सकती थी और न ही पढ़ना-लिखना जानती थी, जिससे उसकी पहचान और परिजनों का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया।

कनखल पुलिस ने महिला और उसकी बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया। महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में उनकी देखभाल की गई और बाद में सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें वन स्टॉप सेंटर, रानीपुर में रखा गया। वहीं, महिला के परिजनों की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों को लगाया गया तथा सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से लगातार प्रचार-प्रसार किया गया।

लगातार चार दिन की तलाश के बाद पुलिस को सफलता मिली। सोशल मीडिया के जरिए महिला के ससुर राजकुमार, निवासी महेंद्रनगर (नेपाल) हाल निवासी गांधी नगर, दिल्ली तक सूचना पहुंची। वे मंगलवार को कोतवाली कनखल पहुंचे और महिला की पहचान अपनी पुत्रवधू सुमन तथा बच्ची की पहचान शिवानी के रूप में की।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि महिला का पति करन उर्फ कर्मा भी बोल नहीं पाता है और वह अभी तक घर नहीं पहुंचा है। उम्मीद है कि वह पैदल कांवड़ लेकर अपने घर पहुंच जाएगा।

जब पुलिस ने महिला को उसके ससुर से मिलवाया तो वह भावुक हो उठी। उसने नम आंखों और इशारों के माध्यम से हरिद्वार पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस मानवीय कार्य की श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भी मुक्त कंठ से सराहना की।

पुलिस टीम: SHO देवेन्द्र सिंह रावत, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनुज सिंह, हेड कांस्टेबल संजय धनाई, कांस्टेबल विजयपाल, महिला कांस्टेबल प्रियंका एवं महिला कांस्टेबल सुमन भंडारी।

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