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बेबस मां की लौटी मुस्कान: कलियर पुलिस ने बचाई 14 साल की मासूम,, 🟡 कपड़े दिलाने के बहाने पड़ोसी महिला ने किया था अपहरण, बेंगलुरु से सकुशल बरामद,, 🟢 ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, विदेश भेजने की थी साजिश,, 🟢 बेबस मां की आंखों में कलियर पुलिस ने भर दिए खुशी के आंसू

इन्तजार रजा हरिद्वार 🔴 बेबस मां की लौटी मुस्कान: कलियर पुलिस ने बचाई 14 साल की मासूम,,

🟡 कपड़े दिलाने के बहाने पड़ोसी महिला ने किया था अपहरण, बेंगलुरु से सकुशल बरामद,,

🟢 ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, विदेश भेजने की थी साजिश,,

🟢 बेबस मां की आंखों में कलियर पुलिस ने भर दिए खुशी के आंसू

 

पिरान कलियर/रुड़की से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना में हरिद्वार पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत की गई इस कार्रवाई में न केवल एक मासूम को मानव तस्करी के जाल से बचाया गया, बल्कि एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह की साजिश को भी नाकाम कर दिया गया।

🟡 कपड़े दिलाने का झांसा देकर किया अपहरण

मामला पिरान कलियर क्षेत्र के मुकर्बपुर गांव का है, जहां एक बेहद गरीब और असहाय महिला ने 10 अप्रैल 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि उसकी 14 वर्षीय बेटी को पड़ोस में रहने वाली एक महिला कपड़े दिलाने के बहाने अपने साथ ले गई और फिर वापस नहीं लौटी।
घटना के बाद से ही परिवार में कोहराम मच गया और मां ने हर संभव जगह तलाश की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरिद्वार ने तुरंत संज्ञान लिया और एसपी देहात व सीओ रुड़की के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया।

🟢 दिल्ली से बेंगलुरु तक पीछा, तकनीक से मिली सफलता

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी महिला लगातार अपनी लोकेशन बदल रही थी, जिससे पुलिस को गुमराह किया जा सके। हरिद्वार पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सर्विलांस की मदद से आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी।
लोकेशन ट्रैक करते हुए पुलिस दिल्ली, लखनऊ और मध्य प्रदेश होते हुए आखिरकार कर्नाटक के बेंगलुरु पहुंची।

आरोपी ने बच्ची का मोबाइल फोन बंद करवा दिया था, ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके। लेकिन पुलिस की सूझबूझ और तेजी के चलते 16 अप्रैल को बेंगलुरु में स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

🔴 विदेश भेजने और गलत धंधे में धकेलने की थी साजिश

पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला था। आरोपी महिला, जो फर्रुखाबाद की रहने वाली और तलाकशुदा बताई जा रही है, नाबालिग को बड़े शहरों में मोटी कमाई का लालच देकर ले गई थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी महिला का संबंध एक अंतरराज्यीय गिरोह से है, जो गरीब और असहाय बच्चियों को बहला-फुसलाकर पहले बड़े शहरों में भीख मंगवाने और फिर अनैतिक कार्यों में धकेलने का काम करता है।

इतना ही नहीं, इस गिरोह के तार विदेशों, खासकर खाड़ी देशों तक जुड़े होने की आशंका भी जताई जा रही है, जहां फर्जी दस्तावेजों के जरिए बच्चियों को भेजा जाता है। समय रहते पुलिस की कार्रवाई ने एक बड़ी मानव तस्करी की घटना को टाल दिया।


🟢 बेबस मां की आंखों में खुशी के आंसू

पीड़िता की मां की कहानी बेहद मार्मिक है। पति द्वारा छोड़े जाने के बाद वह पिरान कलियर क्षेत्र में भीख मांगकर अपना और अपनी बेटी का पालन-पोषण कर रही थी। बेटी के लापता होने के बाद उसने उम्मीद लगभग छोड़ दी थी।
लेकिन जब पुलिस ने उसकी बेटी को सकुशल उसके हवाले किया, तो उसकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।

स्थानीय लोगों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग ने हरिद्वार पुलिस की इस तत्परता और बहादुरी की जमकर सराहना की है।


🔵 पुलिस टीम की सराहना

इस सफल ऑपरेशन के लिए एसएसपी हरिद्वार ने पूरी पुलिस टीम की सराहना की है। टीम में प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी, देवेन्द्र सिंह तोमर, रामअवतार, सोनू कुमार और सरिता राणा की अहम भूमिका रही।


🟠सतर्कता और तेजी से बची एक जिंदगी

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि कैसे छोटी-सी लापरवाही बड़े खतरे में बदल सकती है। साथ ही यह भी साबित हुआ कि पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच से बड़े अपराधों को समय रहते रोका जा सकता है।

हरिद्वार पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ एक मासूम की जिंदगी बचाई, बल्कि समाज को एक बड़ा संदेश भी दिया है—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

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