भीषण गर्मी का असर: हरिद्वार में स्कूल टाइम बदला,, 🟡 जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का बड़ा फैसला, बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता,, 🟢 27 अप्रैल से 26 मई तक नई समय-सारणी लागू, स्वास्थ्य संबंधी सख्त निर्देश जारी

इन्तजार रजा हरिद्वार 🔴 भीषण गर्मी का असर: हरिद्वार में स्कूल टाइम बदला,,
🟡 जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का बड़ा फैसला, बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता,,
🟢 27 अप्रैल से 26 मई तक नई समय-सारणी लागू, स्वास्थ्य संबंधी सख्त निर्देश जारी
हरिद्वार, 24 अप्रैल 2026।
भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरिद्वार प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों के समय में अस्थायी परिवर्तन के आदेश जारी किए हैं। यह नई व्यवस्था 27 अप्रैल 2026 से 26 मई 2026 तक प्रभावी रहेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य हीटवेव के प्रभाव से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जारी आदेश के अनुसार, प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। वहीं कक्षा 6 से 12 तक के छात्र-छात्राओं की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगी। प्रशासन का मानना है कि सुबह के समय पढ़ाई कराने से बच्चों को तेज धूप और लू के खतरों से बचाया जा सकेगा।
जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी विद्यालयों में इन आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाए। इसके साथ ही स्कूल प्रशासन और प्रधानाचार्यों को भी बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है।
प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। विद्यालयों में नियमित अंतराल पर “वॉटर बेल” बजाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छात्र-छात्राएं समय-समय पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके। साथ ही सभी स्कूलों में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इसके अलावा कक्षाओं में उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था, ओआरएस (ORS) और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता अनिवार्य की गई है। विद्यार्थियों को हीटवेव से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं। तेज धूप के दौरान खेल-कूद या किसी भी प्रकार की बाहरी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है, ताकि बच्चों को गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।एक और अहम निर्देश के तहत अवकाश के बाद छात्रों को समूह में घर भेजने को कहा गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में एक-दूसरे की मदद मिल सके।
प्रशासन ने साफ किया है कि इन सभी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करना अनिवार्य होगा। यदि किसी विद्यालय द्वारा लापरवाही बरती गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। हरिद्वार में बढ़ती गर्मी के बीच लिया गया यह फैसला अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। प्रशासन की इस पहल से बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर गंभीरता साफ नजर आ रही है।



