हरिद्वार में गूंजा ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ का संदेश! जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को बताया— नियमों का पालन ही दुर्घटनाओं से बचाव का सबसे बड़ा उपाय,, जनपद न्यायाधीश नरेंद्र दत्त और विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने किया जागरूकता अभियान का नेतृत्व; कहा— सड़क सुरक्षा और कानून के प्रति जागरूकता से ही बनेगा सुरक्षित समाज,, विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर हर की पैड़ी में भी चला विशेष अभियान; बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और बाल श्रम उन्मूलन को लेकर समाज को किया गया जागरूक,,

हरिद्वार में गूंजा ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ का संदेश! जागरूकता रैली और नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को बताया— नियमों का पालन ही दुर्घटनाओं से बचाव का सबसे बड़ा उपाय,,
जनपद न्यायाधीश नरेंद्र दत्त और विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने किया जागरूकता अभियान का नेतृत्व; कहा— सड़क सुरक्षा और कानून के प्रति जागरूकता से ही बनेगा सुरक्षित समाज,,
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर हर की पैड़ी में भी चला विशेष अभियान; बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और बाल श्रम उन्मूलन को लेकर समाज को किया गया जागरूक,,
इन्तजार रजा हरिद्वार, 12 जून। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार के तत्वावधान में शुक्रवार को ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ अभियान के अंतर्गत एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नरेंद्र दत्त द्वारा न्यायालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं और उन्होंने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रैली में अधिवक्ताओं, विधि छात्रों, अधिकार मित्रों, परिवहन विभाग के अधिकारियों, सामाजिक संगठनों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करने, यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को प्रोत्साहित करना था।
अपने संबोधन में जनपद न्यायाधीश नरेंद्र दत्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यदि सभी लोग यातायात नियमों का पालन करें और सड़क पर जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार अपनाएं तो अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि “यातायात नियमों के पालन और जिम्मेदारीपूर्ण व्यवहार से सुरक्षित रहेगा हर जीवन” और यही इस अभियान का मूल संदेश है।
वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकने के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण केवल न्यायिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में जनहित और जनजागरूकता से जुड़े अभियानों को भी लगातार आगे बढ़ा रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विधि के छात्रों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। छात्रों ने अपने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से हेलमेट की अनिवार्यता, सीट बेल्ट के महत्व, ओवरस्पीडिंग के खतरों और शराब पीकर वाहन चलाने के दुष्परिणामों को दर्शाया। नाटक ने उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर परिवहन विभाग की ओर से वरुणा सैनी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था में सहयोग देने का आह्वान किया।कार्यक्रम के समापन पर सचिव सिमरनजीत कौर ने सभी प्रतिभागियों, विभागीय अधिकारियों, अधिवक्ताओं, विधि छात्रों, अधिकार मित्रों और नागरिकों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कहा कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
इसी दिन विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर हरिद्वार के हर की पैड़ी क्षेत्र में जिला बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर में बच्चों और स्थानीय नागरिकों को बाल श्रम निषेध कानूनों, बच्चों के अधिकारों तथा शिक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
सचिव सिमरनजीत कौर ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। बाल श्रम जैसी कुप्रथा बच्चों के भविष्य को प्रभावित करती है, इसलिए समाज को इसके खिलाफ एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं बाल श्रम की जानकारी मिले तो संबंधित विभाग को तुरंत सूचित करें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रम विभाग और बाल कल्याण समिति द्वारा चलाए गए इस संयुक्त अभियान ने सड़क सुरक्षा और बाल अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य किया तथा समाज को सुरक्षित और संवेदनशील बनाने का संदेश दिया।




