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बुद्ध पूर्णिमा स्नान की तैयारियां पूरी, हरिद्वार में सुरक्षा और प्रबंधन के कड़े इंतजाम,, 🔵SSP नवनीत सिंह की अगुवाई में हुई हाईलेवल ब्रीफिंग, फोर्स को दे दिए स्पष्ट निर्देश,, 🟢 08 जोन और 21 सेक्टर में बंटा मेला क्षेत्र, ट्रैफिक व भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस,, ट्रैफिक प्लान लागू और पार्किंग व्यवस्था भी होगी सख्त

इन्तजार रजा हरिद्वार 🟠 बुद्ध पूर्णिमा स्नान की तैयारियां पूरी, हरिद्वार में सुरक्षा और प्रबंधन के कड़े इंतजाम,,

🔵SSP नवनीत सिंह की अगुवाई में हुई हाईलेवल ब्रीफिंग, फोर्स को दे दिए स्पष्ट निर्देश,,

🟢 08 जोन और 21 सेक्टर में बंटा मेला क्षेत्र, ट्रैफिक व भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस,,

ट्रैफिक प्लान लागू और पार्किंग व्यवस्था भी होगी सख्त

हरिद्वार। बुद्ध पूर्णिमा स्नान पर्व को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह की अगुवाई में ऋषिकुल ऑडिटोरियम में एक व्यापक ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और पैरामिलिट्री फोर्स के साथ-साथ जोनल एवं सेक्टर प्रभारियों ने भाग लिया। इस दौरान स्नान पर्व के दौरान सुरक्षा, यातायात, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थितियों से निपटने के लिए विस्तृत रणनीति साझा की गई।

ब्रीफिंग के दौरान एसएसपी नवनीत सिंह ने स्पष्ट किया कि स्नान पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर स्थिति का जायजा लेते रहें और हर छोटी-बड़ी जानकारी मेला कंट्रोल रूम को समय-समय पर उपलब्ध कराते रहें। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी को सतर्क और जिम्मेदार रहना होगा।


🔶 भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर

बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने इस बार विशेष सतर्कता बरतते हुए मेला क्षेत्र को 08 जोन और 21 सेक्टर में विभाजित किया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो अपने-अपने क्षेत्रों की निगरानी करेंगे।

नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त एसपी सिटी अभय सिंह ने स्नान पर्व के दौरान भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और निकासी को लेकर तैयार की गई विस्तृत योजना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि घाटों पर भीड़ का दबाव बढ़ने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी, जिससे किसी भी प्रकार की भगदड़ या अव्यवस्था से बचा जा सके।

एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्नान से पूर्व अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण कर लें और जहां भी कोई कमी नजर आए, उसे संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल दूर करें। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा भी इस समय जारी है, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। ऐसे में सभी को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहना होगा।


🚦 ट्रैफिक प्लान और पार्किंग व्यवस्था होगी सख्त

स्नान पर्व के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। एसपी ट्रैफिक/क्राइम निशा यादव ने ब्रीफिंग के दौरान बताया कि भीड़ के अनुसार ट्रैफिक प्लान को समय-समय पर एक्टिवेट किया जाएगा। सीमावर्ती जिलों से आने वाले वाहनों की जानकारी लेकर आवश्यकतानुसार डायवर्जन लागू किया जाएगा।

एसएसपी ने सख्त निर्देश दिए कि किसी भी हालत में सड़क किनारे वाहन पार्क नहीं होने चाहिए। सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कंट्रोल रूम को भी निर्देशित किया गया है कि वह अन्य जनपदों से लगातार ट्रैफिक अपडेट लेता रहे और जाम की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही वैकल्पिक मार्गों को लागू कर दे। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की 24 घंटे निगरानी की जाएगी।


📹 हाईटेक निगरानी और कंट्रोल रूम की अहम भूमिका

मेला क्षेत्र में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरों का व्यापक जाल बिछाया गया है। इन कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों को विशेष रूप से ब्रीफ किया गया है कि वे हर संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएं।

इसके अलावा, सीसीआर (सेंट्रल कंट्रोल रूम) में खोया-पाया सेल भी स्थापित किया गया है, जिससे स्नान के दौरान बिछड़े हुए श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया जा सके। यह व्यवस्था विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए राहतकारी साबित होगी।


👮 भारी पुलिस और अर्धसैनिक बल की तैनाती

स्नान पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल की तैनाती की गई है। इसमें 07 पुलिस क्षेत्राधिकारी, 11 निरीक्षक/थानाध्यक्ष, 38 उपनिरीक्षक, 156 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल, 38 महिला कांस्टेबल, 01 कंपनी पीएसी के साथ 02 प्लाटून, 03 कंपनी अर्धसैनिक बल शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त बम निरोधक दस्ता (BDS) की 02 टीमें, डॉग स्क्वाड, 02 घुड़सवार टीमें, 16 जल पुलिसकर्मी, 02 फायर यूनिट, आपदा राहत दल की 01 प्लाटून और ट्रैफिक पुलिस की विशेष टीमें भी तैनात रहेंगी।

एसएसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों को स्पष्ट रूप से समझाएं कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। किसी भी स्थिति में अनुशासनहीनता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।


🙏 श्रद्धालुओं से अपील—नियमों का करें पालन

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का पालन करें तथा पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा कि सभी विभागों के समन्वय से इस बार बुद्ध पूर्णिमा स्नान को और अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन और जनता के सहयोग से यह आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न होगा।बुद्ध पूर्णिमा स्नान को लेकर हरिद्वार में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के लिए बहुस्तरीय रणनीति तैयार की गई है। अब जरूरत है कि श्रद्धालु भी नियमों का पालन करें, जिससे यह पावन पर्व बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।

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