एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में बड़ा खुलासा: सत्संगी बाबा निकला फायरिंग का मास्टरमाइंड,, 🚗 डॉक्टर की कार पर ताबड़तोड़ गोलियां, बाडीटीप में दहशत—बाल-बाल बची जान,, 🔍 चेले शुभम सैनी की गिरफ्तारी, फरार बाबा की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश

इन्तजार रजा हरिद्वार 🔴 एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में बड़ा खुलासा: सत्संगी बाबा निकला फायरिंग का मास्टरमाइंड,,
🚗 डॉक्टर की कार पर ताबड़तोड़ गोलियां, बाडीटीप में दहशत—बाल-बाल बची जान,,
🔍 चेले शुभम सैनी की गिरफ्तारी, फरार बाबा की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश
लक्सर (हरिद्वार), 01 मई 2026।
हरिद्वार जनपद के लक्सर क्षेत्र में सत्संग की आड़ में रची गई एक खौफनाक आपराधिक साजिश का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर के सख्त निर्देशन में कोतवाली लक्सर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डॉक्टर पर जानलेवा हमले के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस साजिश का मास्टरमाइंड कथित ‘सत्संगी बाबा’ अभी भी फरार है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला महज फायरिंग की घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या की साजिश थी, जिसे धार्मिक आस्था की आड़ में अंजाम दिया गया। आरोपी बाबा ने अपने करीबी चेले शुभम सैनी के साथ मिलकर डॉक्टर सुमित कुमार को निशाना बनाया और दो अलग-अलग तारीखों पर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया।
घटना का पूरा घटनाक्रम
घटना 27 अप्रैल 2026 की है, जब डॉ. सुमित कुमार निवासी दाबकी कला अपने साले और अन्य परिचितों के साथ कार से हंस फाउंडेशन हॉस्पिटल बहादराबाद से लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार बाडीटीप क्षेत्र के पास पहुंची, मोटरसाइकिल सवार दो हमलावरों ने अचानक उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग की इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि गनीमत रही कि डॉक्टर और उनके साथ बैठे लोग बाल-बाल बच गए। इस घटना ने क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर दिया।
डॉक्टर द्वारा दी गई तहरीर में यह भी खुलासा हुआ कि इससे पहले 14 अप्रैल को भी उनके वाहन पर इसी तरह फायरिंग की गई थी। उस समय केवल आवाज सुनाई दी थी, लेकिन बाद में वाहन की जांच में गोली के निशान और टायर के अंदर बुलेट मिलने से यह स्पष्ट हो गया कि उन पर पहले भी जानलेवा हमला किया गया था।
पुलिस की तेज कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली लक्सर में मुकदमा अपराध संख्या 383/26 धारा 109 BNS के तहत अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और फील्ड यूनिट के साथ घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर संदिग्धों की पहचान के प्रयास किए गए। इसी दौरान क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
चेकिंग के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार दिखाई दिया, जिसे रोकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शुभम सैनी (22 वर्ष) निवासी ग्राम भिक्कमपुर के रूप में हुई। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (UK08 BE 2801) और 315 बोर का अवैध असलाह बरामद किया गया।
पूछताछ में सामने आई चौंकाने वाली साजिश
पुलिस पूछताछ में शुभम सैनी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह और उसका परिवार पिछले तीन वर्षों से एक बाबा के संपर्क में थे और नियमित रूप से सत्संग में जाते थे।
धीरे-धीरे उसकी बाबा से नजदीकियां इतनी बढ़ गईं कि वह उसके आश्रम में रहने लगा। इसी दौरान बाबा ने लगभग 5-6 महीने पहले डॉक्टर सुमित कुमार को मारने की योजना बनाई और शुभम को इस साजिश में शामिल कर लिया।
14 अप्रैल 2026 को दोनों ने मिलकर पहली बार डॉक्टर की कार पर फायरिंग की। इसके बाद 27 अप्रैल को दोबारा योजना बनाकर बाडीटीप क्षेत्र में डॉक्टर की कार का पीछा किया और मौका मिलते ही करीब 4 राउंड फायरिंग कर दी।
इस खुलासे ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है, क्योंकि यह स्पष्ट हो गया कि हमला पूरी तरह पूर्व नियोजित था।
फरार बाबा की तलाश जारी
पुलिस अब इस मामले के मुख्य आरोपी ‘सत्संगी बाबा’ की तलाश में जुटी हुई है। उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपी शुभम सैनी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है और उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में कोतवाली लक्सर पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। टीम में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोशियारी, एसआई यशवीर नेगी (चौकी इंचार्ज भिक्कमपुर), हेड कांस्टेबल पंचम प्रकाश, कांस्टेबल गंगा, धवजवीर, मनमोहन भंडारी और महिपाल तोमर शामिल रहे। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने टीम की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली की सराहना की है।
यह मामला न केवल एक आपराधिक साजिश का पर्दाफाश करता है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि धार्मिक आस्था की आड़ में कुछ लोग किस तरह आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई, लेकिन जब तक फरार बाबा की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आना बाकी है।



