सोशल मीडिया की अफवाहों से सावधान! मजदूरों की सैलरी बढ़ने की खबर निकली भ्रामक, उप श्रमायुक्त विपिन कुमार ने जारी की बड़ी अपील,, “राजा बिस्कुट चौक आंदोलन के बाद वायरल हुए वेतन बढ़ोतरी के दावों पर श्रम विभाग की सफाई— अभी केंद्र सरकार से कोई नया आदेश नहीं” “भ्रमित न हों श्रमिक, ओवरटाइम-बोनस या वेतन संबंधी शिकायत सीधे श्रम विभाग में करें दर्ज; अफवाह फैलाने वालों पर भी प्रशासन की नजर” “भ्रामक खबरों से भ्रमित न हों मजदूर, आधिकारिक आदेश आने तक सोशल मीडिया दावों पर भरोसा न करने की अपील”

इन्तजार रजा हरिद्वार- सोशल मीडिया की अफवाहों से सावधान! मजदूरों की सैलरी बढ़ने की खबर निकली भ्रामक, उप श्रमायुक्त विपिन कुमार ने जारी की बड़ी अपील,,
“राजा बिस्कुट चौक आंदोलन के बाद वायरल हुए वेतन बढ़ोतरी के दावों पर श्रम विभाग की सफाई— अभी केंद्र सरकार से कोई नया आदेश नहीं”
“भ्रमित न हों श्रमिक, ओवरटाइम-बोनस या वेतन संबंधी शिकायत सीधे श्रम विभाग में करें दर्ज; अफवाह फैलाने वालों पर भी प्रशासन की नजर”
“भ्रामक खबरों से भ्रमित न हों मजदूर, आधिकारिक आदेश आने तक सोशल मीडिया दावों पर भरोसा न करने की अपील”
हरिद्वार/बहादराबाद, 15 मई 2026:
राजा बिस्कुट चौक पर हाल ही में हुए मजदूर आंदोलन और चक्का जाम के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मजदूरों की सैलरी बढ़ोतरी संबंधी खबरों को लेकर अब श्रम विभाग ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उप श्रमायुक्त विपिन Kumar ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि वर्तमान समय में केंद्र सरकार या राज्य सरकार की ओर से मजदूरों के वेतन में किसी प्रकार की नई बढ़ोतरी का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कई खबरें और पोस्ट भ्रामक हैं, जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।
उप श्रमायुक्त ने जनपद हरिद्वार के सभी श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार के बहकावे या अफवाह में न आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में नॉन इंजीनियरिंग उद्योगों— जैसे फार्मा कंपनियां, फूड कंपनियां आदि— में अकुशल श्रमिकों का कुल वेतन ₹13,018 निर्धारित है। इसमें पीएफ और ईएसआई कटौती के बाद लगभग ₹11,358 श्रमिकों को प्राप्त होते हैं। वहीं इंजीनियरिंग उद्योगों— जैसे बाइक निर्माता और वाहन निर्माण इकाइयों— में वेतन लगभग ₹13,800 निर्धारित है।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ फोटो, पोस्ट और मैसेज वायरल किए जा रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि सरकार ने मजदूरों का वेतन बढ़ा दिया है। इन वायरल संदेशों के कारण बड़ी संख्या में श्रमिकों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। कई मजदूर यह मान बैठे कि आंदोलन के बाद सरकार ने नई वेतन दरें लागू कर दी हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
उप श्रमायुक्त विपिन कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि अभी तक केंद्र सरकार द्वारा वेतन वृद्धि संबंधी कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि केंद्र सरकार ऐसा कोई आदेश जारी करती है और राज्य सरकार उसे लागू करती है, तो सभी कंपनियों में उसे तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाएगा। लेकिन वर्तमान समय में लागू वेतनमान पूर्ववत ही प्रभावी हैं।
श्रम विभाग ने यह भी कहा कि यदि किसी श्रमिक को वेतन, ओवरटाइम, बोनस, एरियर या किसी अन्य श्रम संबंधी समस्या को लेकर शिकायत है, तो वह सीधे श्रम विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकता है। रोशनाबाद स्थित उप श्रमायुक्त कार्यालय में श्रमिक अपनी शिकायत लिखित अथवा मौखिक रूप से दर्ज करा सकते हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए केवल पांच श्रमिक प्रतिनिधियों को कार्यालय आने की अनुमति होगी, ताकि व्यवस्था और शांति बनी रहे।
प्रशासन का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व और अफवाह फैलाने वाले लोग सोशल मीडिया के माध्यम से गलत सूचनाएं फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि बिना पुष्टि के भ्रामक खबरें फैलाना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
राजा बिस्कुट चौक पर हुए आंदोलन के दौरान हजारों मजदूरों ने सड़क पर उतरकर वेतन वृद्धि की मांग की थी। कुछ समय तक यातायात भी बाधित रहा, लेकिन बाद में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और जनप्रतिनिधियों की समझाइश के बाद आंदोलन समाप्त हो गया था। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और यातायात सुचारु रूप से चल रहा है।
उप श्रमायुक्त ने अंत में सभी श्रमिक भाइयों और क्षेत्रवासियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रम विभाग श्रमिकों की सभी समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान ले रहा है और नियमानुसार उनका समाधान किया जाएगा। साथ ही मजदूरों से अपील की गई कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों में शांतिपूर्वक कार्य करें और सोशल मीडिया की अफवाहों से दूर रहें।



