दरगाह क्षेत्र की मस्जिदों को मिली नई उम्मीद! वर्षों से लंबित निर्माण और मरम्मत कार्यों को मिली मंजूरी, विकास की फाइलों में आई रफ्तार,, “सीएम धामी के निर्देशों के बाद प्रशासनिक कार्रवाई शुरू — धार्मिक स्थलों के विकास और व्यवस्थाओं को लेकर बढ़ी उम्मीदें,,” “मास्टर अजीम की लगातार पैरवी और जनता की मांग का असर — जर्जर व्यवस्थाओं, मस्जिद मरम्मत और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अब दिखी प्रशासनिक गंभीरता”

इन्तजार रजा हरिद्वार- दरगाह क्षेत्र की मस्जिदों को मिली नई उम्मीद! वर्षों से लंबित निर्माण और मरम्मत कार्यों को मिली मंजूरी, विकास की फाइलों में आई रफ्तार,,
“सीएम धामी के निर्देशों के बाद प्रशासनिक कार्रवाई शुरू — धार्मिक स्थलों के विकास और व्यवस्थाओं को लेकर बढ़ी उम्मीदें,,”
“मास्टर अजीम की लगातार पैरवी और जनता की मांग का असर — जर्जर व्यवस्थाओं, मस्जिद मरम्मत और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अब दिखी प्रशासनिक गंभीरता”

पिरान कलियर की विश्व प्रसिद्ध दरगाह साबिर पाक क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से फाइलों और विभागीय प्रक्रियाओं में उलझे मस्जिदों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को आखिरकार मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र में विकास की उम्मीदें फिर से मजबूत हो गई हैं। वर्षों से जर्जर होती व्यवस्थाओं और अधूरे पड़े धार्मिक विकास कार्यों को लेकर उठ रही आवाजों के बीच अब प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू होने की खबर से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।
बताया जा रहा है कि दरगाह क्षेत्र में प्रस्तावित कई विकास कार्य लंबे समय से प्रक्रियाओं और विभागीय स्तर की देरी का सामना कर रहे थे। इससे धार्मिक स्थलों के निर्माण और मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहे थे। क्षेत्र के लोगों द्वारा लगातार इन समस्याओं को उठाया जा रहा था, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भी नाराजगी बनी हुई थी।
इसी बीच क्षेत्र की समस्याओं को लगातार उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता और आजाद समाज पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मास्टर अजीम ने भी कई बार संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देकर क्षेत्र की बदहाल स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, जिलाधिकारी हरिद्वार और अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर सावरी जामा मस्जिद की मरम्मत, रंग-रोगन, जल रिसाव की समस्या, नए पुलों पर सुरक्षा रेलिंग और क्षेत्र में साफ-सफाई जैसे मुद्दे उठाए थे।
ज्ञापनों के अनुसार, दरगाह क्षेत्र की सावरी जामा मस्जिद में पिछले कई वर्षों से रंगाई-पुताई और मरम्मत कार्य नहीं हुआ, जिसके चलते बरसात के मौसम में छत से पानी टपकने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इसके अलावा क्षेत्र में बने नए लोहे के पुल पर सुरक्षा रेलिंग नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी जताई गई थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि इन समस्याओं का समाधान लंबे समय से लंबित था।
अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू होने की सूचना ने क्षेत्र में नई उम्मीद जगा दी है। लोगों का मानना है कि यदि यह कार्य जल्द धरातल पर दिखाई देते हैं तो न केवल धार्मिक स्थलों की स्थिति बेहतर होगी बल्कि दरगाह क्षेत्र की सुविधाओं, सुरक्षा और व्यवस्थाओं में भी व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि वर्षों से फाइलों में अटके कार्य कितनी तेजी से जमीन पर उतरते हैं।



