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ज्वालापुर विधानसभा के पंचपुरी गढमीरपुर के चारों मुख्य मार्ग बदहाल! बरसात से पहले नहीं हुए इंतजाम तो गड्ढे बन जाएंगे छोटे-छोटे तालाब,, ज्वालापुर विधानसभा के निर्णायक गांव पंचपुरी “गढ़मीरपुर के चारों मुख्य मार्गो की हालत जर्जर, लोगों का सवाल — चुनाव के बाद जनप्रतिनिधियों ने आखिर क्यों मोड़ लिया मुंह?” “गढमीरपुर में नेताओं के विज्ञापन-पोस्टरों की भरमार, लेकिन मुख्य मार्गो के धरातल पर काम जीरो! बरसात से पहले सड़क मरम्मत नहीं हुई तो ग्रामीणों की बढ़ेंगी मुश्किलें”

ज्वालापुर विधानसभा के पंचपुरी गढमीरपुर के चारों मुख्य मार्ग बदहाल! बरसात से पहले नहीं हुए इंतजाम तो गड्ढे बन जाएंगे छोटे-छोटे तालाब,,

ज्वालापुर विधानसभा के निर्णायक गांव पंचपुरी “गढ़मीरपुर के चारों मुख्य मार्गो की हालत जर्जर, लोगों का सवाल — चुनाव के बाद जनप्रतिनिधियों ने आखिर क्यों मोड़ लिया मुंह?”

“गढमीरपुर में नेताओं के विज्ञापन-पोस्टरों की भरमार, लेकिन मुख्य मार्गो के धरातल पर काम जीरो! बरसात से पहले सड़क मरम्मत नहीं हुई तो ग्रामीणों की बढ़ेंगी मुश्किलें”

ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र के पंचपुरी गढमीरपुर के चारों प्रमुख संपर्क मार्गों की हालत लगातार बद से बदतर होती जा रही है। बरसात का मौसम सिर पर है, लेकिन अभी तक सड़क मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था को लेकर कोई ठोस तैयारी धरातल पर दिखाई नहीं दे रही। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इंतजाम नहीं किए गए तो पूर्व वर्षों की तरह सड़क के गड्ढे छोटे-छोटे तालाबों में तब्दील हो जाएंगे और लोगों का आवागमन भारी संकट में पड़ जाएगा।

ग्रामीणों के अनुसार चारों प्रमुख मार्गों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। जगह-जगह सड़कें उखड़ी हुई हैं, बड़े गड्ढे बन चुके हैं और कई स्थानों पर हल्की बारिश के बाद ही जलभराव शुरू हो जाता है। पिछले वर्षों में भी बरसात के दौरान सड़कें तालाब जैसी दिखाई दी थीं, जिससे वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

सबसे ज्यादा चर्चा क्षेत्र के निर्णायक गांव गढ़मीरपुर को लेकर हो रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चुनावी मौसम में बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों की समस्याएं पीछे छूट गईं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जनप्रतिनिधियों ने गढ़मीरपुर जैसे महत्वपूर्ण गांव से दूरी क्यों बना ली है।

ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी नाराजगी देखी जा रही है कि क्षेत्र में विकास कार्यों से ज्यादा पोस्टर, होर्डिंग और प्रचार सामग्री नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि जगह-जगह विज्ञापन और बधाई पोस्टर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन सड़क, नाली और बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति किसी से छिपी नहीं है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अभी भी समय है और प्रशासन को बरसात शुरू होने से पहले सड़कों की मरम्मत, गड्ढा भरान और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए। यदि लापरवाही जारी रही तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि बरसात से पहले इन समस्याओं पर गंभीरता दिखाएंगे या फिर इस बार भी ग्रामीणों को पुराने हालात झेलने के लिए छोड़ दिया जाएगा?

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