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हरिद्वार में ‘ऑपरेशन प्रहार’ का बड़ा धमाका! SSP नवनीत सिंह की सख्ती में शातिर गौ तस्कर गिरफ्तार, स्कॉर्पियो-तमंचा और काले खेल का खुलासा!,, “सप्तसरोवर से गाय चोरी कर बेचने का सनसनीखेज खुलासा — बिना नंबर प्लेट दौड़ रही स्कॉर्पियो बनी तस्करी का जरिया, पुलिस की घेराबंदी में धरा गया आरोपी” “आश्रमों और सड़कों से गाय चोरी कर बेचने का कबूलनामा! आरोपी पर पहले से कई संगीन मुकदमे दर्ज, हरिद्वार पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’ अपराधियों पर पड़ा भारी”

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार में ‘ऑपरेशन प्रहार’ का बड़ा धमाका! SSP नवनीत सिंह की सख्ती में शातिर गौ तस्कर गिरफ्तार, स्कॉर्पियो-तमंचा और काले खेल का खुलासा!,,

“सप्तसरोवर से गाय चोरी कर बेचने का सनसनीखेज खुलासा — बिना नंबर प्लेट दौड़ रही स्कॉर्पियो बनी तस्करी का जरिया, पुलिस की घेराबंदी में धरा गया आरोपी”

“आश्रमों और सड़कों से गाय चोरी कर बेचने का कबूलनामा! आरोपी पर पहले से कई संगीन मुकदमे दर्ज, हरिद्वार पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’ अपराधियों पर पड़ा भारी”

हरिद्वार में अपराध और तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच नगर कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे शातिर गौ तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर आश्रमों और सड़कों से गाय चोरी कर उन्हें बेचने का धंधा चला रहा था। एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में चल रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत हुई इस कार्रवाई ने न केवल एक बड़े नेटवर्क की आशंका को जन्म दिया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि हरिद्वार पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ पूरी तरह आक्रामक मोड में नजर आ रही है।

पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशों पर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में ऑपरेशन प्रहार के तहत सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 17 मई 2026 को जयराम मोड़ पर पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी। तभी एक सफेद रंग की बिना नंबर प्लेट स्कॉर्पियो को रुकने का इशारा किया गया। लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेजी से निकलने की कोशिश की।

पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत बैरियर लगाकर वाहन को घेर लिया और रोक लिया। इसके बाद जब वाहन चालक से पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम परवेज उर्फ अल्लाहदिया पुत्र निसार निवासी मोहल्ला कस्साबान, ज्वालापुर बताया। पुलिस को उसके व्यवहार पर शक हुआ और तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक देशी तमंचा 315 बोर और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।

पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। आरोपी ने कबूल किया कि वह अपने साथी के साथ मिलकर आश्रमों, सड़कों और अन्य स्थानों से गाय चोरी करता था और इसी स्कॉर्पियो वाहन के जरिए उन्हें ले जाकर बेच देता था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने 13 मई 2026 की रात सप्तसरोवर क्षेत्र स्थित एक गौशाला से गाय चोरी करने की घटना भी स्वीकार की।

आरोपी ने बताया कि गाय बेचने के बाद उसके हिस्से में आठ हजार रुपये आए थे, जिनमें से पुलिस ने उसके कब्जे से 5100 रुपये नकद भी बरामद कर लिए। इस खुलासे के बाद पुलिस अब आरोपी के साथी और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुट गई है। माना जा रहा है कि यह मामला सिर्फ एक चोरी तक सीमित नहीं, बल्कि एक संगठित तस्करी गिरोह से भी जुड़ा हो सकता है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी पर जनपद के विभिन्न थानों में पहले से कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी गहन जांच कर रही है। बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो को पुलिस ने मौके पर ही सीज कर दिया है। वाहन का उपयोग कथित तौर पर गौ तस्करी में किया जा रहा था।

उक्त घटना के संबंध में पहले से थाना कोतवाली नगर में मुकदमा संख्या 247/2026 दर्ज था। वहीं अवैध हथियार बरामद होने पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा संख्या 249/2026 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत एक और मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि “ऑपरेशन प्रहार” अब सिर्फ नाम नहीं बल्कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस का सीधा वार बनता जा रहा है। हरिद्वार पुलिस का संदेश भी स्पष्ट है — अपराध चाहे किसी भी रूप में हो, कानून के शिकंजे से बचना अब आसान नहीं होगा।

इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल संजयपाल और कांस्टेबल बृजमोहन की भूमिका अहम रही, जिनकी सतर्कता और सक्रियता से यह बड़ी सफलता पुलिस के हाथ लगी।

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