हरिद्वार को बम से उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप! चार दिन तक लगातार कॉल से दहली सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस-खुफिया तंत्र हाई अलर्ट पर,, “फोन पर दी गई धमकियों ने बढ़ाई चिंता — धार्मिक नगरी को निशाना बनाने की साजिश या किसी सिरफिरे की करतूत? हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस,, “लगातार चार दिन तक कॉल कर फैलाया खौफ! मुकदमा दर्ज, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में — हरिद्वार की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल”

इन्तजार रजा हरिद्वार- हरिद्वार को बम से उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप! चार दिन तक लगातार कॉल से दहली सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस-खुफिया तंत्र हाई अलर्ट पर,,
“फोन पर दी गई धमकियों ने बढ़ाई चिंता — धार्मिक नगरी को निशाना बनाने की साजिश या किसी सिरफिरे की करतूत? हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस,,
“लगातार चार दिन तक कॉल कर फैलाया खौफ! मुकदमा दर्ज, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में — हरिद्वार की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल”

धर्मनगरी हरिद्वार को बम से उड़ाने की कथित धमकी ने प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया है। जानकारी के अनुसार पिछले चार दिनों से लगातार फोन कॉल के जरिए धमकी भरे संदेश दिए जा रहे थे, जिसके बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। मामला सामने आते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने हरिद्वार जैसे संवेदनशील और धार्मिक महत्व वाले शहर की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, धमकी देने वाला व्यक्ति लगातार कॉल कर शहर को निशाना बनाने की बात कर रहा था। शुरुआत में इसे सामान्य शरारत मानकर देखा गया, लेकिन जब कॉल का सिलसिला लगातार जारी रहा तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया गया। कॉल की लोकेशन, मोबाइल नेटवर्क और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
हरिद्वार में इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में धमकी जैसी घटनाओं को हल्के में नहीं लिया जा सकता। सुरक्षा एजेंसियों ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है और पुलिस टीमों को अतिरिक्त निर्देश जारी किए गए हैं।
खुफिया विभाग भी इस मामले में सक्रिय हो गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह किसी संगठित साजिश का हिस्सा है या फिर केवल दहशत फैलाने की कोशिश। अधिकारी हर पहलू पर जांच कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।
स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि धार्मिक नगरी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए ताकि ऐसे मामलों से सख्ती से निपटा जा सके। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आमजन को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चार दिन तक लगातार कॉल कर शहर को दहशत में डालने वाला शख्स कौन है? क्या यह सिर्फ डर फैलाने की कोशिश थी या इसके पीछे कोई बड़ा मकसद छिपा है? फिलहाल पुलिस की जांच और तकनीकी पड़ताल पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।



