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अपर रोड सीवरेज निर्माण पर डीएम मयूर दीक्षित का मेगा एक्शन! मौके पर पहुंचकर ली जमीनी हकीकत की पड़ताल, लापरवाही पर दिखे सख्त तेवर,, “सड़क खोदकर छोड़ना नहीं चलेगा” — निर्माण की धीमी रफ्तार, मलबा और अव्यवस्था पर जिलाधिकारी ने जताई नाराजगी, तय समय में काम पूरा करने के दिए कड़े निर्देश,, “चारधाम यात्रा, गंगा दशहरा और कांवड़ से पहले व्यवस्था चाहिए दुरुस्त” — आमजन, व्यापारियों और श्रद्धालुओं की परेशानी कम करने के लिए प्रशासन मिशन मोड में सक्रिय,,

इन्तजार रजा हरिद्वार- अपर रोड सीवरेज निर्माण पर डीएम मयूर दीक्षित का मेगा एक्शन! मौके पर पहुंचकर ली जमीनी हकीकत की पड़ताल, लापरवाही पर दिखे सख्त तेवर,,

“सड़क खोदकर छोड़ना नहीं चलेगा” — निर्माण की धीमी रफ्तार, मलबा और अव्यवस्था पर जिलाधिकारी ने जताई नाराजगी, तय समय में काम पूरा करने के दिए कड़े निर्देश,,

“चारधाम यात्रा, गंगा दशहरा और कांवड़ से पहले व्यवस्था चाहिए दुरुस्त” — आमजन, व्यापारियों और श्रद्धालुओं की परेशानी कम करने के लिए प्रशासन मिशन मोड में सक्रिय,,

हरिद्वार, 22 मई। हरिद्वार शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में शामिल अपर रोड पर चल रहे सीवरेज निर्माण कार्यों को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों, निर्माण की धीमी गति और लोगों को हो रही परेशानियों के बीच जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और जमीनी हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम का रुख बेहद सख्त नजर आया और उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता की सुविधाओं से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अपर रोड हरिद्वार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों स्थानीय नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक भी आवाजाही करते हैं। ऐसे में सड़क पर निर्माण कार्यों की वजह से उत्पन्न अव्यवस्था और यातायात बाधाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। इसी को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर कार्य की गुणवत्ता, गति और सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों से कार्य प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कार्य स्थल पर फैले मलबे, खुदाई के बाद छोड़ी गई अव्यवस्थित स्थिति और लोगों के आवागमन में आ रही दिक्कतों को गंभीर विषय बताया। बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर निर्माण कार्य के कारण स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। जहां सड़कें खोदी गई हैं वहां बैरिकेडिंग, संकेतक और सुरक्षा उपाय पर्याप्त मात्रा में लगाए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना समाप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि केवल सड़क खोदकर कार्य अधूरा छोड़ देना स्वीकार्य नहीं होगा। निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा होना चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान डीएम मयूर दीक्षित ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में गंगा दशहरा, चारधाम यात्रा और कांवड़ मेले जैसे बड़े आयोजन होने हैं। इन आयोजनों में हरिद्वार में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचती है। ऐसे समय में यदि मुख्य मार्गों पर निर्माण कार्यों की वजह से अव्यवस्था बनी रहती है तो इससे यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा कराया जाए और शहर की व्यवस्थाओं को सामान्य बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं। डीएम ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन जनता की परेशानी बढ़ाकर विकास नहीं किया जा सकता।मौके पर मौजूद अधिकारियों ने जिलाधिकारी को भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्यों की गति बढ़ाई जाएगी और जिन स्थानों पर समस्याएं हैं, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद अब यह माना जा रहा है कि अपर रोड पर लंबे समय से चल रही निर्माण संबंधी समस्याओं और शिकायतों पर प्रशासनिक स्तर पर तेजी से कार्रवाई देखने को मिल सकती है। शहरवासियों और व्यापारियों की भी उम्मीद बढ़ी है कि अब निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी और लंबे समय से बनी असुविधाओं से राहत मिल सकेगी।

हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर में विकास कार्यों और जनसुविधाओं के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में डीएम का यह औचक निरीक्षण प्रशासन की सक्रियता और जवाबदेही का संकेत माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि मौके पर दिए गए निर्देश धरातल पर कितनी तेजी से असर दिखाते हैं।

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