उत्तराखंड प्रशासनिक फेरबदल में बड़ा बदलाव! हरिद्वार में जितेन्द्र कुमार को मिली एडीएम प्रशासन की अहम जिम्मेदारी, प्रशासनिक गलियारों में बढ़ी चर्चा,, “डिप्टी कलेक्टर से बढ़ी जिम्मेदारी तक का सफर” — शासन के तबादला आदेश में हरिद्वार प्रशासन को मिला नया चेहरा, कई जिलों में अधिकारियों के दायित्व बदले,, “क्या यह सिर्फ तबादला या प्रमोशन की दिशा में बड़ा संकेत?” — एसडीएम सदर जितेन्द्र कुमार को एडीएम प्रशासनिक कमान मिलने से जिले की अहम कार्यशैली और सफल निर्णायक व्यवस्था पर टिकी निगाहें,,
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद हरिद्वार प्रशासनिक व्यवस्था में क्या नए बदलाव और निर्णय देखने को मिलते हैं।

इन्तजार रजा हरिद्वार- उत्तराखंड प्रशासनिक फेरबदल में बड़ा बदलाव! हरिद्वार में जितेन्द्र कुमार को मिली एडीएम प्रशासन की अहम जिम्मेदारी, प्रशासनिक गलियारों में बढ़ी चर्चा,,
“डिप्टी कलेक्टर से बढ़ी जिम्मेदारी तक का सफर” — शासन के तबादला आदेश में हरिद्वार प्रशासन को मिला नया चेहरा, कई जिलों में अधिकारियों के दायित्व बदले,,
“क्या यह सिर्फ तबादला या प्रमोशन की दिशा में बड़ा संकेत?” — एसडीएम सदर जितेन्द्र कुमार को एडीएम प्रशासनिक कमान मिलने से जिले की अहम कार्यशैली और सफल निर्णायक व्यवस्था पर टिकी निगाहें,,

देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड शासन ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। शासन द्वारा जारी आदेश में विभिन्न विभागों और जिलों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसी क्रम में हरिद्वार से जुड़ा एक अहम प्रशासनिक बदलाव भी सामने आया है, जिसमें पीसीएस अधिकारी जितेन्द्र कुमार को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
जारी आदेश के अनुसार, अब तक डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार के पद पर कार्यरत रहे जितेन्द्र कुमार, पीसीएस को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), हरिद्वार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव के बाद हरिद्वार प्रशासनिक व्यवस्था में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासनिक हलकों में इस नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एडीएम (प्रशासन) का पद जिला प्रशासन की रीढ़ माना जाता है। कानून व्यवस्था, समन्वय, विभागीय निगरानी और प्रशासनिक निर्णयों में इस पद की सीधी भूमिका रहती है। ऐसे में जितेन्द्र कुमार को यह दायित्व मिलना कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
हालांकि शासन के आदेश में स्पष्ट रूप से प्रमोशन का उल्लेख नहीं किया गया है। उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर यह नई तैनाती और जिम्मेदारी में बदलाव प्रतीत हो रहा है। यदि बाद में कार्मिक विभाग की ओर से अलग प्रमोशन आदेश जारी हुआ हो, तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है। वर्तमान आदेश के अनुसार इसे अभी स्थानांतरण/नवीन तैनाती के रूप में ही देखा जा रहा है।
जानकारों का मानना है कि किसी अधिकारी को अधिक संवेदनशील और प्रभावशाली प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपना उनके अनुभव और कार्यशैली पर शासन के भरोसे को भी दर्शाता है। हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण जनपद में एडीएम प्रशासन की जिम्मेदारी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है, जहां धार्मिक आयोजन, यात्रा प्रबंधन, कानून व्यवस्था और बड़े प्रशासनिक समन्वय लगातार बने रहते हैं।
गौरतलब है कि इसी आदेश में अन्य कई अधिकारियों के पदों में भी बदलाव किया गया है। शासन की इस कार्रवाई को आगामी प्रशासनिक प्राथमिकताओं और बेहतर कार्यकुशलता से जोड़कर देखा जा रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद हरिद्वार प्रशासनिक व्यवस्था में क्या नए बदलाव और निर्णय देखने को मिलते हैं।



