उत्तराखंड में ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का काउंटडाउन शुरू! मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मशाल जलाकर किया मेगा रन का शुभारंभ, युवाओं के जोश से गूंजा कैंप कार्यालय,, “सीमांत गांव आखिरी नहीं, देश के पहले गांव हैं” — मुख्यमंत्री बोले, नीति घाटी में दौड़ेगा विकास, पर्यटन और युवा उद्यमिता का नया अभियान,, “27 राज्यों और 2 देशों से 900+ प्रतिभागी, हिमालय की ऊंचाइयों पर बनेगा नया इतिहास” — ‘क्यालु- हिम तेंदुआ’ शुभंकर लॉन्च, उत्तराखंड को एडवेंचर स्पोर्ट्स हब बनाने की बड़ी तैयारी,,

इन्तजार रजा हरिद्वार- उत्तराखंड में ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का काउंटडाउन शुरू! मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मशाल जलाकर किया मेगा रन का शुभारंभ, युवाओं के जोश से गूंजा कैंप कार्यालय,,
“सीमांत गांव आखिरी नहीं, देश के पहले गांव हैं” — मुख्यमंत्री बोले, नीति घाटी में दौड़ेगा विकास, पर्यटन और युवा उद्यमिता का नया अभियान,,
“27 राज्यों और 2 देशों से 900+ प्रतिभागी, हिमालय की ऊंचाइयों पर बनेगा नया इतिहास” — ‘क्यालु- हिम तेंदुआ’ शुभंकर लॉन्च, उत्तराखंड को एडवेंचर स्पोर्ट्स हब बनाने की बड़ी तैयारी,,

देहरादून। उत्तराखंड में खेल, साहस और सीमांत विकास की नई कहानी लिखने की दिशा में शनिवार को बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026 काउंटडाउन रन कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ करते हुए मशाल प्रज्ज्वलित कर दौड़ को फ्लैग ऑफ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री स्वयं प्रतिभागियों के साथ प्रतीकात्मक दौड़ में शामिल हुए और युवाओं का उत्साह बढ़ाया।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने “क्यालु- हिम तेंदुआ” नामक शुभंकर का अनावरण भी किया। हिमालय की कठिन परिस्थितियों में संघर्ष और साहस का प्रतीक यह शुभंकर आयोजन की भावना को दर्शाता नजर आया। कार्यक्रम स्थल युवाओं के उत्साह, देशभक्ति और ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन केवल एक खेल आयोजन नहीं बल्कि सीमांत क्षेत्रों में नई उम्मीद, नई ऊर्जा और विकास के नए अवसरों का अभियान है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर मौजूद जोश यह साबित करता है कि उत्तराखंड के युवा चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा कि आज यहां गूंजते युवाओं के कदम आने वाले समय में नीति घाटी की ऊंचाइयों पर इतिहास लिखेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह दौड़ सिर्फ शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं बल्कि इच्छाशक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास की भी कसौटी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति घाटी जैसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में दौड़ना किसी साहसिक मिशन से कम नहीं है। इसके लिए हिमालय जैसी अडिग सोच, मजबूत इच्छाशक्ति और कठिन परिस्थितियों से मुकाबला करने का जज्बा जरूरी है। उन्होंने प्रतिभागियों को देवभूमि उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर की संज्ञा दी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के उस विजन का भी उल्लेख किया जिसमें सीमावर्ती गांवों को देश का अंतिम नहीं बल्कि पहला गांव बताया गया है। उन्होंने कहा कि नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन उसी सोच को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, होमस्टे, स्थानीय उत्पादों, स्वरोजगार और युवा उद्यमिता को नई रफ्तार देगा। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और युवाओं को स्थानीय स्तर पर अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता नया उत्तराखंड बन रहा है। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन इस नए उत्तराखंड की क्षमता और सामर्थ्य का प्रतीक बनेगा।
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि देश के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से 900 से अधिक प्रतिभागियों ने इस अल्ट्रा रन के लिए पंजीकरण कराया है। यह आंकड़ा आयोजन के प्रति बढ़ते उत्साह और आकर्षण का प्रमाण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में फिट इंडिया, खेलो इंडिया और राष्ट्रीय खेलों जैसे अभियानों ने फिटनेस और खेल संस्कृति को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। राज्य सरकार भी उत्तराखंड को देश का अग्रणी एडवेंचर स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने प्रतिभागियों से पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ इस आयोजन में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि वे सुरक्षित तरीके से दौड़ पूरी करें और आगामी 31 मई को नीति घाटी की ऊंचाइयों पर नया इतिहास रचें।
कार्यक्रम में सचिव पर्यटन, पर्यटन विकास परिषद के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। अब सबकी निगाहें 31 मई को होने वाली उस ऐतिहासिक अल्ट्रा रन पर टिक गई हैं, जो उत्तराखंड के एडवेंचर स्पोर्ट्स इतिहास में नया अध्याय लिखने की ओर बढ़ रही है।



