गंगा दशहरा–निर्जला एकादशी स्नान पर्व पर हरिद्वार में ‘महासुरक्षा कवच’ तैयार! आस्था के महासंगम से पहले डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह ने पुलिस फोर्स को दिया मिशन मोड का मंत्र,, “हर श्रद्धालु सुरक्षित, हर स्नान व्यवस्थित” — ऋषिकुल ऑडिटोरियम में पुलिस बल की विशेष ब्रीफिंग, एसपी सिटी अभय सिंह को सौंपी गई मेला संचालन की बड़ी जिम्मेदारी,, “आस्था का महापर्व तभी सफल, जब सुरक्षा और सेवा साथ चलें” — सीसीटीवी निगरानी, डॉग स्क्वॉड, जल पुलिस, घुड़सवार दल और हजारों सुरक्षाकर्मियों के बीच हरिद्वार तैयार; प्रशासन ने दिया आध्यात्मिक संदेश– ‘श्रद्धा के साथ अनुशासन भी जरूरी’,,
हरिद्वार जिला प्रशासन और हरिद्वार पुलिस का संदेश स्पष्ट है — “आप श्रद्धा लेकर आइए, सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी हमारी है… लेकिन सहयोग आपका भी जरूरी है।”

इन्तजार रजा हरिद्वार- गंगा दशहरा–निर्जला एकादशी स्नान पर्व पर हरिद्वार में ‘महासुरक्षा कवच’ तैयार! आस्था के महासंगम से पहले डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह ने पुलिस फोर्स को दिया मिशन मोड का मंत्र,,
“हर श्रद्धालु सुरक्षित, हर स्नान व्यवस्थित” — ऋषिकुल ऑडिटोरियम में पुलिस बल की विशेष ब्रीफिंग, एसपी सिटी अभय सिंह को सौंपी गई मेला संचालन की बड़ी जिम्मेदारी,,
“आस्था का महापर्व तभी सफल, जब सुरक्षा और सेवा साथ चलें” — सीसीटीवी निगरानी, डॉग स्क्वॉड, जल पुलिस, घुड़सवार दल और हजारों सुरक्षाकर्मियों के बीच हरिद्वार तैयार; प्रशासन ने दिया आध्यात्मिक संदेश– ‘श्रद्धा के साथ अनुशासन भी जरूरी’,,
हरिद्वार, 23 मई। धर्म, आस्था, विश्वास और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी स्नान पर्व को लेकर धर्मनगरी हरिद्वार एक बार फिर विशाल जनसैलाब के स्वागत के लिए तैयार दिखाई दे रही है। हर की पैड़ी पर गूंजने वाली “हर-हर गंगे” की पावन ध्वनि से पहले प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार कर लिया है। आस्था के इस महापर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए शुक्रवार को ऋषिकुल ऑडिटोरियम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह की अध्यक्षता में विशेष ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसमें मेले में तैनात पुलिस बल और अधिकारियों को रणनीति, जिम्मेदारियां और सावधानियों से अवगत कराया गया।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश था कि गंगा स्नान केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं, विश्वास और सुरक्षा से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील व्यवस्था भी है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं बल्कि सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता की भी है। ब्रीफिंग के दौरान एसएसपी नवनीत सिंह ने पूरे स्नान पर्व की कमान एसपी सिटी अभय सिंह को सौंपते हुए उन्हें मेला नोडल अधिकारी नियुक्त किया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि तैयार रणनीति को धरातल पर पूरी सख्ती और सतर्कता के साथ लागू किया जाएगा।
मेले को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए पूरे क्षेत्र को 02 सुपर जोन, 11 जोन और 27 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। हर स्तर पर अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय लिए जा सकें। इस बार स्नान पर्व केवल भीड़ नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि हाईटेक निगरानी व्यवस्था भी इसका अहम हिस्सा होगी। कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से मेला क्षेत्र के हर हिस्से पर पैनी नजर रखी जाएगी। घाट, बाजार, प्रमुख मार्ग, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और भीड़ वाले क्षेत्रों को विशेष निगरानी में रखा जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि बड़े आयोजनों में अफवाहें और छोटी चूक भी बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं। इसी वजह से इस बार सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मियों को भीड़ वाले क्षेत्रों में तैनात किया गया है। LIU टीम, चेतक मोबाइल यूनिट और खुफिया इकाइयां हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेंगी। साथ ही BDS टीम और डॉग स्क्वॉड को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा जांच जारी रहेगी।
ब्रीफिंग के दौरान एसएसपी नवनीत सिंह ने जवानों को मौसम की चुनौतियों को लेकर भी विशेष रूप से आगाह किया। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रही गर्मी और बदलते मौसम के बीच प्रत्येक जवान अपने साथ पानी की बोतल रखे, ORS और ग्लूकोज का प्रयोग करे तथा स्वयं को स्वस्थ बनाए रखे। उन्होंने कहा कि जो जवान खुद स्वस्थ रहेगा वही अपनी जिम्मेदारी को बेहतर ढंग से निभा सकेगा। ताजा और पौष्टिक भोजन लेने के निर्देश भी दिए गए।
ड्यूटी पर तैनात प्रत्येक पुलिसकर्मी को यह भी निर्देशित किया गया कि वे अपने ड्यूटी पॉइंट, आसपास के अधिकारियों और आपातकालीन नंबरों की जानकारी पहले से रखें ताकि संकट की स्थिति में तत्काल समन्वय स्थापित किया जा सके। विशेष रूप से चारधाम यात्रा और वीकेंड की भीड़ को देखते हुए प्रशासन अधिक सतर्क नजर आ रहा है। हर की पैड़ी, मनसा देवी, चंडी देवी मंदिर और हाईवे क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए यहां अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि घाटों को लगातार खाली कराते रहें, श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से बाहर निकालें तथा किसी भी स्थिति में भीड़ का दबाव अनियंत्रित न होने दें। सड़क किनारे वाहनों की पार्किंग पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों में भेजा जाएगा ताकि जाम जैसी स्थिति न बने।
इस दौरान अधिकारियों ने विशेष रूप से यह संदेश दिया कि पुलिस का व्यवहार जनता के प्रति विनम्र, शालीन लेकिन दृढ़ होना चाहिए। क्योंकि धार्मिक आयोजनों में केवल कानून व्यवस्था नहीं बल्कि भावनात्मक संवेदन शीलता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। प्रशासन ने मेला क्षेत्र में फायर यूनिट को भी हाई अलर्ट पर रखा है। अत्यधिक गर्मी को देखते हुए विभिन्न उपकरणों के साथ फायर टीमें अलग-अलग स्थानों पर तैयार रहेंगी।
इस विशाल स्नान पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। जिसमें 02 अपर पुलिस अधीक्षक, 11 पुलिस उपाधीक्षक, 21 निरीक्षक/थानाध्यक्ष, 56 उपनिरीक्षक, 199 हेड कांस्टेबल एवं कांस्टेबल, 52 महिला कांस्टेबल, 13 यातायात उपनिरीक्षक, 02 BDS/डॉग स्क्वॉड टीम, 04 फायर यूनिट, 03 घुड़सवार दल, 06 जल पुलिस टीम, 03 CAPF कंपनियां और 04 PAC कंपनियां शामिल हैं।
धर्मनगरी हरिद्वार सदियों से केवल स्नान का केंद्र नहीं रही बल्कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक अनुशासन की भी भूमि रही है। गंगा दशहरा का संदेश केवल पापों के क्षय और मोक्ष प्राप्ति तक सीमित नहीं बल्कि जीवन में शुद्धता, संयम और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देता है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे पुलिस और प्रशासन द्वारा बनाई गई व्यवस्थाओं का सहयोग करें। क्योंकि जब आस्था और अनुशासन साथ चलते हैं तभी कोई भी महापर्व वास्तव में सफल बनता है।
हरिद्वार जिला प्रशासन और हरिद्वार पुलिस का संदेश स्पष्ट है — “आप श्रद्धा लेकर आइए, सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी हमारी है… लेकिन सहयोग आपका भी जरूरी है।”



