उत्तराखंडएक्सक्लूसिव खबरें

उत्तराखंड में प्रशासनिक ‘मेगा सर्जरी’! शासन ने देर रात बदली नौकरशाही की तस्वीर, IAS–PCS अफसरों के बड़े फेरबदल से मचा सियासी और प्रशासनिक हलचल,, “देहरादून से हरिद्वार, बागेश्वर से पौड़ी तक जिम्मेदारियों का महाअदला-बदली अभियान” — शासन ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई कमान देकर प्रशासनिक रणनीति में किए बड़े बदलाव,, “कुंभ-2027, शहरी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन पर फोकस?” — हरिद्वार समेत कई संवेदनशील जिलों में नई तैनातियों से बदलेंगे प्रशासनिक समीकरण,,

इन्तजार रजा हरिद्वार-उत्तराखंड में प्रशासनिक ‘मेगा सर्जरी’! शासन ने देर रात बदली नौकरशाही की तस्वीर, IAS–PCS अफसरों के बड़े फेरबदल से मचा सियासी और प्रशासनिक हलचल,,

“देहरादून से हरिद्वार, बागेश्वर से पौड़ी तक जिम्मेदारियों का महाअदला-बदली अभियान” — शासन ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई कमान देकर प्रशासनिक रणनीति में किए बड़े बदलाव,,

“कुंभ-2027, शहरी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन पर फोकस?” — हरिद्वार समेत कई संवेदनशील जिलों में नई तैनातियों से बदलेंगे प्रशासनिक समीकरण,,

देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड शासन ने शनिवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और राज्य सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों के तबादलों की विस्तृत सूची जारी कर दी। कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-01 की ओर से जारी आदेशों में कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग, जिले और दायित्व बदले गए हैं। इस फैसले के बाद सचिवालय, जिलों और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। शासन के इस कदम को आगामी योजनाओं, विकास परियोजनाओं, कुंभ-2027, शहरी ढांचे और प्रशासनिक कार्यकुशलता से जोड़कर देखा जा रहा है।

जारी आदेशों में कई अफसरों को नई जिम्मेदारी दी गई है तो कई अधिकारियों से अतिरिक्त प्रभार हटाए गए हैं। इस फेरबदल में शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, शहरी विकास, परिवहन, नगर निगम, समाज कल्याण और जिलास्तरीय प्रशासन तक बड़े बदलाव दिखाई दिए हैं।

सबसे अधिक चर्चा हरिद्वार से जुड़े बदलावों की रही, क्योंकि यहां कुंभ-2027 और बढ़ते प्रशासनिक दबाव के बीच शासन ने कई अहम जिम्मेदारियां नए अधिकारियों को सौंपी हैं।

IAS अधिकारियों की सूची में हुए प्रमुख बदलाव

जारी आदेश के अनुसार डॉ. वी. शन्मुगम (IAS-2004) को सचिव-उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे सचिव-पशुपालन, मत्स्य, दुग्ध विकास एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड के पद पर कार्यरत थे।

डॉ. चंद्रेश यादव (IAS-2005) से सचिव-उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी हटा दी गई है।

विनय शंकर पांडेय (IAS-2007) को बड़ा दायित्व देते हुए सचिव-नागरिक उड्डयन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, आयुष-स्वास्थ्य तथा U/UK Health System Development Project की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले उनके पास गढ़वाल मंडल आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी था।

सविन बंसल (IAS-2009), जो जिलाधिकारी देहरादून एवं सीईओ स्मार्ट सिटी थे, उन्हें सचिव-विज्ञान की जिम्मेदारी सौंपी गई।

सोनिका (IAS-2010) से आयुक्त-गन्ना एवं सचिव-गन्ना विकास का अतिरिक्त दायित्व हटाया गया।

आनंद स्वरूप (IAS-2010) को सचिव-खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग से हटाकर आयुक्त गढ़वाल मंडल, पौड़ी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई।

आशीष चौहान (IAS-2012) को जिलाधिकारी देहरादून एवं सीईओ स्मार्ट सिटी की जिम्मेदारी मिली। इससे पहले वे उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी और खेल एवं युवा कल्याण विभाग में थे।

मनुज गोयल (IAS-2014) से मिशन निदेशक की जिम्मेदारी हटाई गई।

संजय कुमार (IAS-2014) को निदेशक-समाज कल्याण हल्द्वानी बनाया गया।

अभिषेक रुहेला (IAS-2015) को मुख्य कार्यकारी अधिकारी PMGSY की जिम्मेदारी दी गई।

सौरभ गहरवार (IAS-2016) को अपर सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग तथा परियोजना निदेशक U-PREPARE बनाया गया।

आलोक कुमार पांडेय (IAS-2016) को नगर आयुक्त, नगर निगम देहरादून की जिम्मेदारी दी गई।

सुश्री नमामी बंसल (IAS-2017) को नगर आयुक्त देहरादून से हटाकर अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा विभाग बनाया गया।

संदीप तिवारी (IAS-2017) को समाज कल्याण से हटाकर एमडी GMVN बनाया गया।

सुश्री दीप्ति सिंह (IAS-2017) को महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा, कर्मचारी बीमा योजना, प्रबंध निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण निगम तथा निदेशक खेल एवं युवा कल्याण जैसी बड़ी जिम्मेदारियां दी गईं।

प्रतीक जैन (IAS-2018) को एमडी GMVN से हटाकर आयुक्त कर एवं महानिरीक्षक निबंधन बनाया गया।

पूर्णा पांडेय (IAS-2018) को जिलाधिकारी बागेश्वर नियुक्त किया गया।

आकाशा कंडारी (IAS-2018) को बागेश्वर जिलाधिकारी पद से हटाकर महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा और कर्मचारी बीमा योजना की जिम्मेदारी दी गई।

PCS अधिकारियों में भी बड़े बदलाव

राज्य सिविल सेवा अधिकारियों की सूची भी कम चर्चा में नहीं रही।

गिरधारी सिंह रावत (PCS) को अपर सचिव सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी मिली।

श्रीमती इला गिरी (PCS) को निदेशक दुग्ध विकास और महिला डेयरी विकास बनाया गया।

सुन्दर लाल सेमवाल (PCS) को अपर सचिव सचिवालय प्रशासन विभाग नियुक्त किया गया।

महावीर सिंह चौहान को अपर सचिव लोक निर्माण विभाग का दायित्व मिला।

सुनील सिंह को अपर सचिव गृह विभाग भेजा गया।

हरिद्वार में सबसे बड़ा प्रशासनिक असर

हरिद्वार जिले में हुए बदलावों ने सबसे अधिक ध्यान खींचा है।

फिचाराम (PCS), जो अब तक अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), हरिद्वार थे, उन्हें अपर जिलाधिकारी पौड़ी बनाया गया।

जितेंद्र कुमार (PCS), जो डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार थे, उन्हें अब अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), हरिद्वार की जिम्मेदारी दी गई है।

यह बदलाव हरिद्वार प्रशासन में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इसे उनके अनुभव और कार्यशैली पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। एडीएम प्रशासन का पद जिले की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों में माना जाता है।

इसके अलावा:

योगेश मेहरा (PCS) — डिप्टी कलेक्टर देहरादून से डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार

जितेंद्र कुमार (PCS) — डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार से एडीएम प्रशासन हरिद्वार

अनिल गर्ब्याल (PCS) — एडीएम पौड़ी से महाप्रबंधक परिवहन निगम

प्रमोद कुमार (PCS) — डिप्टी कलेक्टर नैनीताल से डिप्टी कलेक्टर चम्पावत

इन बदलावों को आगामी कुंभ और प्रशासनिक कार्यों के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।

क्या है इस प्रशासनिक फेरबदल के पीछे बड़ी रणनीति?

राजनीतिक और प्रशासनिक जानकार मानते हैं कि यह सामान्य तबादला सूची नहीं है। आगामी कुंभ-2027, बड़े धार्मिक आयोजन, शहरी परियोजनाएं, स्वास्थ्य व्यवस्थाएं, आपदा प्रबंधन और विकास योजनाएं शासन की प्राथमिकता में हैं।

हरिद्वार, देहरादून और अन्य संवेदनशील जिलों में तैनातियां यह संकेत देती हैं कि सरकार अनुभवी अधिकारियों के जरिए बेहतर समन्वय और परिणाम चाहती है।

खासतौर पर हरिद्वार में कुंभ से पहले प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है।

प्रशासनिक गलियारों में उठ रहे सवाल

तबादलों की सूची जारी होने के बाद कई सवाल भी उठने लगे हैं—

क्या यह सिर्फ नियमित प्रक्रिया है?

क्या कुंभ-2027 से पहले प्रशासनिक ढांचा मजबूत किया जा रहा है?

क्या कुछ अधिकारियों को भविष्य की बड़ी भूमिकाओं के लिए तैयार किया जा रहा है?

क्या आने वाले दिनों में और बड़ी सूची जारी हो सकती है?

इन सवालों के जवाब आने वाला समय देगा, लेकिन इतना तय है कि उत्तराखंड की नौकरशाही में यह फेरबदल लंबे समय तक चर्चा का विषय रहने वाला है।

शासन ने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से वर्तमान दायित्वों से कार्यमुक्त होकर नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि नए दायित्वों के साथ प्रशासनिक व्यवस्था में कितनी तेजी और बदलाव देखने को मिलता है।

Related Articles

Check Also
Close
Back to top button