सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का महासैलाब! लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में पुण्य की डुबकी, प्रशासन और पुलिस रही पूरी तरह मुस्तैद,, DM मयूर दीक्षित और SSP नवनीत सिंह भुल्लर ने संभाली कमान; हरकी पैड़ी समेत प्रमुख घाटों का किया निरीक्षण, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा,, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर, सेक्टर मजिस्ट्रेट और नोडल अधिकारी रहे अलर्ट; ड्रोन, CCTV, SDRF, मेडिकल टीम और विशेष ट्रैफिक प्लान से सफल रहा स्नान पर्व,,

सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का महासैलाब! लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में पुण्य की डुबकी, प्रशासन और पुलिस रही पूरी तरह मुस्तैद,,
DM मयूर दीक्षित और SSP नवनीत सिंह भुल्लर ने संभाली कमान; हरकी पैड़ी समेत प्रमुख घाटों का किया निरीक्षण, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा,,
चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर, सेक्टर मजिस्ट्रेट और नोडल अधिकारी रहे अलर्ट; ड्रोन, CCTV, SDRF, मेडिकल टीम और विशेष ट्रैफिक प्लान से सफल रहा स्नान पर्व,,
हरिद्वार, 15 जून।
सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के सुबह से ही हरकी पैड़ी, ब्रह्मकुंड, मालवीय घाट, सुभाष घाट, कुशा घाट सहित गंगा के सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे शहर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने स्वयं हरकी पैड़ी सहित विभिन्न घाटों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर तैनात कर्मचारियों को भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासन द्वारा पूरे मेला क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित किया गया था। प्रत्येक सेक्टर में नोडल अधिकारी एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी, जिन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी भी स्थान पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित न होने पाए तथा श्रद्धालुओं का आवागमन सुचारु बना रहे।श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गंगा घाटों, मुख्य मार्गों और मेला क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार की जाती रही। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे वस्त्रों में भी पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर सर्विस, स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें और एम्बुलेंस सेवाएं पूरी तरह अलर्ट रहीं। घाटों पर बैरिकेडिंग, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (PA System) और सूचना बोर्डों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते रहे।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया था। विभिन्न मार्गों पर आवश्यकतानुसार डायवर्जन व्यवस्था लागू की गई तथा बाहरी जनपदों और राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए। पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को शटल सेवाओं के माध्यम से घाटों तक पहुंचाया गया, जिससे शहर में यातायात का दबाव नियंत्रित रहा।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि स्नान पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा हर स्थिति पर सतर्क नजर रखी जाए।
सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के दौरान प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, जल संस्थान और अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न होता दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने भी प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की और मां गंगा के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।



